Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

मौत का मुल्यांकन | maut ka mulyankan

 भावनानी के भाव मौत का मुल्यांकन मैंने भी सोचा हम तो यूं ही जिंदगी  जिए जा रहे हैं बेकार  मौत …


 भावनानी के भाव

मौत का मुल्यांकन

मौत का मुल्यांकन | maut ka mulyankan
मैंने भी सोचा हम तो यूं ही जिंदगी 
जिए जा रहे हैं बेकार 
मौत ज़िन्दगी से हसीन होती है 
सहानुभूति साथ सम्मान तारीफ़ की जा रही है 
आज एक गरीब की मौत से पता चला 
मौत कितनी हसीन होती है 
जिससे बारे में बात करना पसंद नहीं था 
लोग उसकी तारीफ़ कर रहे थे 
कभी दो मिनट उसके पास कोई बैठा ना था 
आज लोगों का हुजूम पास बैठा था 
किसी ने कभी उसको कोई तोहफा दिया ना था 
आज फूल ही फूल दिए जा रहे थे 
उसके साथ कोई दो कदम कभी चला ना था 
आज काफिला बन चल रहे थे 
वह तरस गया था सबके साथ के लिए 
आज लोग उसे कंधे पर बिठा ले जा रहे थे 

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

दयावान बने!

March 26, 2022

दयावान बने! सोए हुए शेर के ऊपर चढ़ा चूहा,शेर उठा और हुआ आग बबूला,गुस्से में कहा, तुम्हें कौन बचाएगा,यह खूंखार

अजय प्रसाद की रचनाएं

March 26, 2022

अजय प्रसाद की रचनाएं  हमसे हमारे ख्वाब न छीन काँटों भरी गुलाब न छीन ।जिंदा तो हूँ गफलत में सहीयादों

मेरा मन है एक बंजारा- वीना आडवाणी तन्वी

March 26, 2022

मेरा मन है एक बंजारा मेरा मन है एक बंजारा स्थिर नहीं ये फिरता मारामाराकभी प्राकृतिक सौंदर्य में फिरेतो कभी

हौंसले-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

हौंसले एक सुंदर नारीचल पड़ी गगन विहारीथा उसे उडना बहुतदूर दूर क्षितिज से भी दूरपंख थे छोटे और कोमलपार करेगी

जब वक्त थम सा गया-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

जब वक्त थम सा गया एक बार ही मिली नजरें तो दिल उसी पर आ गयामिलने के लिए उसी से

दिल ढूँढता है-नंदिनी लहेजा

March 25, 2022

दिल ढूँढता है कहाँ गए बचपन के वो दिन,जो निश्चिंतता में गुजरते थे।ना लोभ था,ना कोई कपट,निश्छलता लिए रहते थे।दिल

Leave a Comment