Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

मैं, मैं होकर भी, मैं ना रह गई

मैं, मैं होकर भी, मैं ना रह गई दर्द-ए चीख मेरी, मेरे ही भीतर तोड़ मुझे घुटके रह गईनकाब हंसी …


मैं, मैं होकर भी, मैं ना रह गई

मैं, मैं होकर भी, मैं ना रह गई

दर्द-ए चीख मेरी, मेरे ही भीतर तोड़ मुझे घुटके रह गई
नकाब हंसी का, चेहरे पर लगाकर दर्द सब सह गई।।

कोई सुनने वाला नहीं ये दर्द-ए चीख वादियों मे मेरी
अपनी दर्द-ए चीख दिल के वीराने मे दबाकर रह गई।।

तंहाई इतनी जिंदगी में की दर्द ही बना सहारा मेरा
मैं दर्द से मिला कलम का सहारा, दर्द सब लिख कह गई।।

छुपाए अपने ही, दर्द से मैंने जब कभी अपने आंसूं
रोक ना पाई आंसू, इन आंसूओं के सैलाब मे मैं ढ़ह गई।।

सहारे जिसके, उसी ने तोड़ा टुकड़ो मे इस कदर मुझे
।।मैं, मैं होकर भी, मैं ना रह गई।।
हां एक दर्द-ए शायरा वीना बनी, वो वीना कहीं खो गई।।

About author

Veena advani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र

Related Posts

अपने ही अपनों की आंखों मे तब खटकते

April 25, 2023

अपने ही अपनों की आंखों मे तब खटकते आज कि भागमभाग जिंदगी में हर कोई एक दूजे से आगे निकलना

धरनी धर्म निभाना

April 19, 2023

धरनी धर्म निभाना साथ तेरा मिला जो मुझको,बिछड़ मुझसे अब न जाना।वपु रूप में बसों कही भी,चित्त से मुझे न

सिखाया जिंदगी ने बिन किताब

April 19, 2023

सिखाया जिंदगी ने बिन किताब खुद से अधिक किसी ओर को चाहनाहोता है खुद कि नज़र मे खुद के ही

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले

April 10, 2023

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले सन् 1827 को वो एक शिक्षा का मसीहा आया था।ज्योतिबा था नाम आपका,भार्या सावित्री को

बावीस संविधान सूचीगत भारतीय भाषाएं

April 10, 2023

 भावनानी के भाव  बावीस संविधान सूचीगत भारतीय भाषाएं बावीस सविंधान सूचीगत भारतीय भाषाओं से  नवोन्मेष उधमियों को सहायता मुहैया  कराने

है वादा। Kavita -hai waada

April 10, 2023

है वादा।  पढ़ो पर लिखो ज्यादा,बोलो पर सोचो ज्यादा,खेलो पर पढ़ो ज्यादा,आप सफल होंगे है वादा। खाओ पर चबाओ ज्यादा,रोइए

PreviousNext

Leave a Comment