Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

मैं महाराष्ट्र निवासी -कविता

कविता -मैं महाराष्ट्र निवासी आज अपने महाराष्ट्र राज्य कि गाथा गाके मैं सुनाती हूं।।मैं महाराष्ट्र कि निवासी गर्व सेभर सीना …


कविता -मैं महाराष्ट्र निवासी

वीना आडवाणी तन्वी नागपुर, महाराष्ट्र
आज अपने महाराष्ट्र राज्य कि
गाथा गाके मैं सुनाती हूं।।
मैं महाराष्ट्र कि निवासी गर्व से
भर सीना चौड़ा कर जाती हूं।।

वीर शिवाजी कि ये पावन धरती
अहिल्या हौलकर कि बात बताती हूं
वीर सपूतों के के महान किस्सों को
मैं अपनी कलम में भर सजाती हूं।।

मैं महाराष्ट्र कि निवासी गर्व से
भर सीना चौड़ा कर जाती हूं।।2।।

बाबा अम्बेडकर के पद् चिन्हों पर चल
उनकी तरह बनने का प्रयास मैं कर जाती हूं।।
बुद्ध विहार जहां माथा टेक बुद्ध चरणों में
आशिष पाकर झोली मैं भर जाती हूं ।।

मैं महाराष्ट्र कि निवासी गर्व से
भर सीना चौड़ा कर जाती हूं।।2।।

महाराष्ट्र के नागपुर कि वासी कहलाती
यही महान दीक्षा भूमि मैं पाती हूं।।
बाबा जी के जन्मदिवस पर अनेकों
अनुयाईयों को दीक्षा यहां से लेते पाती हूं।।

मैं महाराष्ट्र कि निवासी गर्व से
भर सीना चौड़ा कर जाती हूं।।2।।

नागनदी के उद्गम से ही नागपुर का नाम
पड़ा , यही तो मैं समझाती हूं।।
महाराष्ट्र सावजी खाने की मैं हूं दीवानी
जिसे चहका ले लेकर मैं खूब खाती हूं।।

मैं महाराष्ट्र कि निवासी गर्व से
भर सीना चौड़ा कर जाती हूं।।2।।

गडकरी , फडण्वीस जैसे काबिल नेता
महाराष्ट्र के शान मैं बताती हूं।।
फ्लाईओवर कि भरमार की तरह ही
अवल दर्जे का राज्य महाराष्ट्र ही चाहती हूं।।

मैं महाराष्ट्र कि निवासी गर्व से
भर सीना चौड़ा कर जाती हूं।।2।।

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

आज रक्तदान दिवस है देवदूत बन जाइए

June 24, 2022

 आज रक्तदान दिवस है      देवदूत बन जाइए वीना आडवाणी तन्वी किसी मरीज़ को रक्त दान कर किसी के लिए

पिता नीम का पेड़ !

June 24, 2022

पिता नीम का पेड़ ! डॉo सत्यवान सौरभ ★★★★हम कच्चे से है घड़े, और पिता कुम्हार !ठोक पीट जो डांट

माँ

June 24, 2022

 माँ अनिता शर्मा एक शब्द में संसार समाहित, जग जननी है माँ। कितनी भोली, कितनी प्यारी, मुझे प्यारी है माँ

तन्हा सी!!!!

June 24, 2022

 तन्हा सी!!!! अनिता शर्मा भीड़ में तन्हा-तन्हा सी, कुछ सकुचाई कुछ शरमाई। कह न सकी दिल की बातें, मन ही

वर्षा ऋतु !

June 24, 2022

वर्षा ऋतु ! डॉ. माध्वी बोरसे! ढेर सारी खुशियों की बौछार,सभी करते हैं इस ऋतु का इंतजार ,पशु पक्षियों और

खुशनुमा वातावरण बनाएं!

June 24, 2022

 खुशनुमा वातावरण बनाएं! डॉ. माध्वी बोरसे! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार, जिंदगी तो है कुछ पलों की,

PreviousNext

Leave a Comment