Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

मेरी शब्दों की वैणी

मेरी शब्दों की वैणी यादों के भंवर में डूब कर मैं अकसर मोतियन से शब्द लातीबगिया शब्दों कि मेरी जहां …


मेरी शब्दों की वैणी

मेरी शब्दों की वैणी
यादों के भंवर में डूब कर मैं

अकसर मोतियन से शब्द लाती
बगिया शब्दों कि मेरी जहां से मैं
चुन कर शब्द , फूलों से सजाती।।

भाव , जज़्बात के धागों में पिरो
हर शब्द में जान भी भर जाती
गहरे राज़ , जख़्म , खुशियां ही
इन शब्दों में , जिंदगी के छुपाती।।

जो पढ़े दिल से शब्द वैणी के मेरी
उसे सुंदरता हकीकत नज़र आती
जुंबा से कुछ मैं बोल ना पाई कभी
वैणी ही जिंदगी का आईना दिखाती।।

ना बोल के भी , जो बोल दे शब्दों में
उन्हीं पहलुओं को अकसर गुनगुनाती।।
हालातें बयां ना कर पाई खुलके कभी
मेरी कलम लिख सबसे मुझे मिलाती।।

About author

Veena advani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र

Related Posts

शेखियां बघारने का मौसम- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 15, 2022

शेखियां बघारने का मौसम चुनाव आ गये हैं और अब… देश को तरक्की की राह परले जाएगा कोई,तो कोई यहां

स्वामी विवेकानन्द – डॉ. इन्दु कुमारी

January 15, 2022

स्वामी विवेकानन्द युवाओं के प्रेरणा स्रौत शांति के संवाहक संतदेशभक्त समाज हितैषीलक्ष्य पाकर न रुके कदम भारतीयों के आदर्श हैंआध्यात्मिक

मुहब्बत जालिम – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

मुहब्बत जालिम किसी की नहीं होती हैजालिम मुहब्बत ये हैबड़ी मगरुर होती हैबड़ी मशहूर होती है बाँधो चाहे पैरों में

फसलों के त्योहार – डॉ इंदु कुमारी

January 15, 2022

फसलों के त्योहार मकर संक्रांति हम मनाएं गुड़ तिल चावल चढ़ाएंदही चूड़ा गुड़ केला खाखिचड़ी के भोग लगाएंमिलकर खुशी हम

युवा शक्ति जागो रे- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी “

January 15, 2022

“युवा शक्ति जागो रे” जागो- जागो , जागो रे जागो सेवा का हथियार हाथ में“मुझको नही तुझको “के नारे सेदुखियों

राजनीति भी अजीब है- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 15, 2022

 राजनीति भी अजीब  है कोई कह गया तो टिका रहा कोई कह के भी मुकर गया ये राजनीति भी बड़ी

Leave a Comment