मुबारक हो नया साल
ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो।
फ़िर वही जी जंजाल मुबारक हो।
दिनोरात अच्छे खयाल मुबारक हो।
मुफलिसी और मलाल मुबारक हो।
कमाई हराम और हलाल मुबारक हो ।
ज्म्हुरियत के लिए सवाल मुबारक हो।
दोस्तों कुदरत का कमाल मुबारक हो।
मुबारक हो नया साल लो फ़िर से नया साल मुबारक हो ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो। बस चंद रोज की …
ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो।
February 14, 2021
poem जब से तुझ से जुड़ा फूल सा खिल गया सूखे मधुबन में जैसे कँवल खिल गया अकेले पन में
February 8, 2021
कविता जब देखता हूं जिधर देखता हूं दिख जाती हो मोटे मोटे किताबों के काले काले शब्दों में दिख जाती
February 8, 2021
ग़ज़ल हर वादे पर आशा किया ना करो पराधीन होकर जिया ना करो लगी है
February 8, 2021
ग़ज़ल पीले पीले फूलों में अब जाकर गुनगुनाना हैरोने वाले को हंसाना है सोने वाले को जगाना है समय के
February 6, 2021
ग़ज़ल ज़िन्दगी में मेरे आना तेरा प्यार हर पल मेरा, निभाना तेरा भूल जाऊं मैं कैसे तुझको सनम प्यार गंगा