मुबारक हो नया साल
ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो।
फ़िर वही जी जंजाल मुबारक हो।
दिनोरात अच्छे खयाल मुबारक हो।
मुफलिसी और मलाल मुबारक हो।
कमाई हराम और हलाल मुबारक हो ।
ज्म्हुरियत के लिए सवाल मुबारक हो।
दोस्तों कुदरत का कमाल मुबारक हो।
मुबारक हो नया साल लो फ़िर से नया साल मुबारक हो ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो। बस चंद रोज की …
ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो।
July 6, 2023
भावनानी के भाव साहित्य राष्ट्र की महानता साहित्य राष्ट्र की महानता और वैभव का दर्पण होता है साहित्य को आकार
July 6, 2023
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July 2, 2023
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July 2, 2023
मुझे कहॉं लेखन विद्या आती मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आतीमैं तो बस खुद के लिए लिख जातीखुद को मिले
July 2, 2023
भावनानी के भाव मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं अटके काम
July 2, 2023
भावनानी के भाव भारतीय संस्कार पर कविता भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत