Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

मुझे भी जीने दो| mujhe bhi jeene do

अपने गुनाह को कूड़ेदान के नाम कियादुनिया ने पाल मुझे लावारिस नाम दिया।। खता तो तुमने की थी नवयुवाओं लेकिनसजा …


अपने गुनाह को कूड़ेदान के नाम किया
दुनिया ने पाल मुझे लावारिस नाम दिया।।

खता तो तुमने की थी नवयुवाओं लेकिन
सजा ताउम्र कि तुमने तो मेरे नाम किया।।

कोई नाम से बुलाता कभी तो कभी लावारिस
लावारिस शब्द सुन दर्द मिला बस जाम पिया।।

सोचता वो मॉं थी कैसे कलेजा ना फटा उसका
मॉं नाम से नफरत भर मुझमें मेरा कत्ले आम किया।।

दुनिया दो रोटी देकर मुझे अकसर दुतकारी है
पेट की भूख ने मुझे गाली सुनने को लाचार किया ‌।।

जीना चाहता हूं मैं भी लावारिस सम्मान के साथ
इस दुनिया ने सुकून शब्द ही ना मेरे नाम किया।।

लावारिस हूं फिर भी ख्वाब संजोता रहता हूं
वीणा कि कलम ने दर्द लिख सज़ा मुझे सरोबार किया।।

About author 

Veena advani

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र



Related Posts

माता-पिता-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

माता-पिता मेरे आदरणीय, प्यारे माता-पिताआपका प्रेम, मेरी जिंदगी है,आप दोनों ही, मेरी बंदगी है! आप ही मेरे माता-पिता हो, हर

एक बात सुनो -चन्दानीता रावत

February 3, 2022

एक बात सुनो  सुनो सुनो एक बात सुनो अन्धेर नगरी चौपट राजा की बहरे राज्य सरकार कीदिन रात एक कर

यादों का सिलसिला- डॉ इंदु कुमारी

February 3, 2022

यादों का सिलसिला तेरी हसीन यादों का सिलसिला अमिट है धूमिल नहीं होने वाली प्रेम पौधे उगाने वालीदमकती चेहरे की

नी बखत री बात-मईनुदीन कोहरी”नाचीज़ “

February 3, 2022

नी बखत री बात धोरां री आ ” धरती , धीरज री धरा सांतरी । सोनै सी गोरी बाळू रेत

तू ही तू है- नाचीज़ बीकानेरी “

February 3, 2022

तू ही -तू है जमीं से फलक तक तू ही -तू है । दिल की धड़कनों में तू ही –

सूरज दादा- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

February 3, 2022

सूरज दादा सूरज दादा उठा के गठरी, चले कुम्भ के मेला में।बसन्त पंचमी नहा केआउँ,दिन बीता बहुत झमेला में।।लुका छिपी

Leave a Comment