Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आतीमैं तो बस खुद के लिए लिख जातीखुद को मिले …


मुझे कहॉं लेखन विद्या आती

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती

मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती
मैं तो बस खुद के लिए लिख जाती
खुद को मिले सुकूं लिखकर, जब मुझे
मैं खुद को पढ़ हर्षित हो मुस्कुराती।।
मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती।।

कलाम, बहर, गीत, ग़ज़ल के नियम
कलम और मेरे भेजे मे नहीं समाती
उमड़ पड़े मेरे भीतर जो एहसास-ए राग
मैं उसे ही लिख अपने ही, काग़ज़ों सुनाती।।
मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती।।

नियमों के जाल मे उलझ तड़पती हुई
मैं खुद को नहीं, बनाना चाहती
मेरे भीतर की दर्द-ए ज्वाला आज लिख
पहले से कम ज्वलनशील, सच पाती।।
मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती।।

कभी सोचती सीखूं मैं बहुत कुछ
परंतु मैं कुछ सीख भी, ना पाती
मेरे दिल पर लगे जब कभी आघात
लिख खुद को ही मैं तो, मरहम लगाती।।
मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती।।

वक्त दर वक्त गुजरता चला जा रहा
सैलाब संग मैं कलम लिये, बही जाती
ख़त्म ना हो पाए दर्द-ए जज़्बात मेरे
मैं तो दर्द का अथाह दरिया, भी कहलाती।।
मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती।।

सिखाने वाले तो मुझे बहुत गुरू मिले
गुरूओं को दूर से नमन कर,आगे बढ़ जाती
सोच एक ही रखी जितना आता, खुश उसी मे
वरना कभी मैं तो दर्द-ए शायरा ना, बन पाती।।
मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती।।

मेरे कदम को नियमों से बांध दिया जाता
नियमों के बंधन से कलम मेरी लड़खड़ाती।।
मुझे चाहे कोई विद्या नहीं आती परंतु मैं
खुद के लिए खुश के लिए ही, जी जाती।।
मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती।।

जितना आए उतना लिखो हर कोई
यही समझ मैं, आज सबको समझाती
सुकून की चाह मे निकले हम कलम लिये
नाम के लिए लिख वीना, कभी ना गुनगुनाती।।
मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती।।

मेरे सपनों की उड़ान में मैं कभी भी
बिल्कुल भी रोक-टोक ना चाहती।
होता अगर कहीं अनर्थ तो तुरंत लिख
जागरूकता अभियान ला समझाती।।
मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आती।।

About author

Veena advani
वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र

Related Posts

Manzil by Indu kumari

November 17, 2021

 मंजिल भूल जाना किसी तरह से जो  राह की  रूकावट  है सजा लेना माथे पे सदा ही जो जिन्दगी की

Peeda khone ki teri by Dr. H.K. Mishra

November 17, 2021

 पीड़ा खोने की तेरी तोड़ चली हर रस्मों को तेरा पथ ज्योतिर्मय है, मेरा क्या मैं रहा अकेला, कौन सुनेगा

Priye ke desh by Indu kumari

November 17, 2021

 प्रिय के देश तुम भी  उनके  हो प्रिय, मैं  भी उनकी  प्रियतमा। जिसे ढूँढती  है अन्तर्मन, पूजती  है   सारा   जहाँ

Kaliyo ki shahjadi by vijay Lakshmi Pandey

November 17, 2021

 कलियों की शहजादी…!!! कलियों की शहजादी कोईअरमानों की डोली चढ़हरियाली मखमल कीसेज सजाओढ़ घटाओं कीसतरंगी चादर..!!! रंगीन ख्वाब से सराबोर

Kyu nhi aata mera janmdin by vijay Lakshmi Pandey

November 17, 2021

 #क्यों नहीं आता मेरा जन्म दिन…?? अम्माँ , तूनें  तो मेरा  दान कर दिया, अब कैसे तिलक लगाएगी? मुझे पता

Dharti aur ambar by siddharth gorakhpuri

November 17, 2021

  धरती और अम्बर जब बादल गरजा करते हैं और बिजली कड़का करती है। फिर धरती से छोटी बूंदे हँस

Leave a Comment