Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

मुझे कहां पता था

मुझे कहां पता था आरज़ू थी तेरे संग जिंदगी बिताऊंगीआरज़ू थी तेरा साथ अंत तक मैं निभाऊंगी।। मेरी आरज़ूओं को …


मुझे कहां पता था

आरज़ू थी तेरे संग जिंदगी बिताऊंगी
आरज़ू थी तेरा साथ अंत तक मैं निभाऊंगी।।

मेरी आरज़ूओं को तुमने ही तो तोड़ा है
सोचा था मैंने जिंदगी तेरे नाम कर मुस्कुराऊंगी।।

मेरी आरज़ूओं कि कद्र कहां कभी तुमने कि
सोचा था हर एक पल तेरे नाम लिख तुम्हें सताऊंगी।।

अपनी आरज़ूओं के टुकड़े देखती जब कभी मैं
सोचती तेरे दिये जख़्मों के टुकड़ों को मैं सजाऊंगी।।

जब कभी दर्द-ए सैलाब में , मैं बह जाती हूं
सोचती लिख के हर दर्द मैं खुद को मरहम़ लगाऊंगी

तुमने तोड़ मुझे अपनी बेवफाई दिखा डाली
अपनी वफ़ा के किस्से कविता में लिख मैं सुनाऊंगी।।

सोचा समझा सबने वीणा के लिखे हर शब्द को
मुझे कहां पता थी मैं कभी दर्द-ए वीणा कहलाऊंगी।।

वीना आडवाणी तन्वी

About author 

Veena advani

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र


Related Posts

Swar Kokila Lata Mangeshkar by Dr. Indu Kumari

October 1, 2021

 स्वर कोकिला लता  मंगेशकर                    हुई 92 साल की स्वरों की देवी

Maati ke Lal Shastri by Dr. Indu Kumari

October 1, 2021

माटी के लाल शास्त्री जय जवान जय किसान का नारा दिया यह लाल पाकिस्तान के मंसूबों को पानी फेर दिखाया

Pareshani by Mausam Khan

September 30, 2021

    परेशानी  है , परेशान आज जहां सुख तलाश करता चहूं दिस ओर। कुछ लिखने कि कोशिश करता हूं

Jana us par hai by siddharth gorakhpuri

September 30, 2021

 जाना उस उसपार है , जाना उस उसपार है ,मगर मैं किनारे चल रहा हूँ। बात ये है कि मैं

Daulat by Siddharth gorakhpuri

September 30, 2021

 दौलत तेरी फितरत ऐसी है ,कि सबकी जुबान बदल देती है। बुराइयों का लिबास ओढ़े व्यक्ति की पहचान बदल देती

Prathana by Jay shree birmi

September 30, 2021

 प्रार्थना न दे दर्द इतना कि सह न सकूं मैं मेरे दाता संभालना तो तुझ ही को हैं झमेले मेरे

Leave a Comment