Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel
मीठे वचन

kanchan chauhan, poem

मीठे वचन | meethe vachan

मीठे वचन मीठे वचन सभी को प्यारे मीठे वचन सदा ही बोलो। मीठे वचन हैं बहुत सुहाते, कानों में मिश्री …


मीठे वचन

मीठे वचन सभी को प्यारे
मीठे वचन सदा ही बोलो।
मीठे वचन हैं बहुत सुहाते,
कानों में मिश्री सी घोले।
कड़वे वचन होते हैं कर्कश,
दिल को छलनी करते हैं।
इनके घाव कभी नहीं भरते,
यादों में सदा ताज़ा रहते हैं।
सोच समझकर सदा ही बोलो,
इसलिए तो सब कहते हैं।
मीठे वचन सभी को प्यारे,
मन को खुश कर देते हैं।
बात अगर कड़वी हो फिर भी,

शब्दों का चयन जरूरी है।
शब्दों के तीर हैं बड़े गम्भीर,
ये तीर ना लौटा करते हैं।
शब्दों से घायल मन के घाव,
यादों में सदा ही ताजा रहते हैं।
नापतोल कर सदा ही बोलो,
शब्दों में वजन बड़ा भारी।
शब्दों की ताकत पहचानो,
पलट सकते हैं दुनिया सारी।
मीठे वचन सभी को भाते,
है इनकी बात बड़ी न्यारी,
मीठे वचन सदा ही बोलो,
इन वचनों में बल है भारी।

About author

कंचन चौहान,बीकानेर

Related Posts

कविता शब्द/kavita – shabd

October 30, 2022

कविता शब्द/kavita shabd  जब शब्द ही निशब्द हो जातें हैं दिल के भाव दिल ही में रह जातेंबातें दिलों की

खुद को खुद पढ़ जाती| khud ko khud padh pati

October 29, 2022

खुद को खुद पढ़ जाती अपनी ही जिंदगी के किस्से मैं सुनाऊं किसकोकोई अपना नहीं मेरा , अपना कह सकूं

दिवाली/Diwali

October 25, 2022

दिवाली/Diwali ! जगमगाता प्यारा सा त्यौहार,खुशियों से महके सारा परिवार,बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रचार,दीया और लाइट से चमचमाता

“सोचता हूॅं”/sochta hun

October 23, 2022

“सोचता हूॅं” सोचता हूॅं, कुछ लिख लूॅं।लिखना,दर्द को कुरेदता है; याहृदय को झकझोरता है।दोनो स्तिथियों में,आहत होता हृदय ही।जिसने प्रश्रय

खेड़े की रमणी

October 23, 2022

खेड़े की रमणी खेडे़ में रहती रमणीखेड़े में ही मिट जाती हैपितृसत्ता से बंधे हुएजीवन को जीते जीतेपतिव्रता जीवन जी

मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप/maa -lakshmi-ke-aath-swaroop

October 23, 2022

दीपावली महोत्सव 2022 मां लक्ष्मी पूजा के उपलक्ष में मां लक्ष्मी के श्रीचरणों में समर्पित यह मेरी कविता कविता–मां लक्ष्मी

PreviousNext

Leave a Comment