Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, lekh

मार्ग स्वतः ही बनेगा।

मार्ग स्वतः ही बनेगा। प्रारंभ कर जीवन का सफर,त्याग दे आलस का जहर,बस एक बार आरंभ करना है जरूरी,तेरे हित …


मार्ग स्वतः ही बनेगा।

प्रारंभ कर जीवन का सफर,
त्याग दे आलस का जहर,
बस एक बार आरंभ करना है जरूरी,
तेरे हित में है सफलता की हर एक लहर।

आजकल हममें से बहुत से लोग इसी बात से परेशान है कि उन्हें जीवन में क्या करना है, अधिकतर तो कोई कार्य भी नहीं कर रहे हैं। हमें रुकना नहीं चाहिए और बहुत देर तक रुकना तो बिल्कुल भी नहीं चाहिए। अगर हम चलते जाएंगे तो हमें कोई ना कोई उचित मार्ग अवश्य मिलेगा, रुकने पर तो कोई मार्ग मिलना संभव नहीं।

जब भी जीवन में हम दुविधा में पड़े और अगर हमें कोई मार्ग नजर ना आए, तो धीरे धीरे चलना सीखे, मार्ग स्वतः ही तैयार हो जाएगा। जी, जब तक हम शुरुआत नहीं करेंगे, हमें कैसे पता चलेगा की हमारे अंदर क्या खूबियां है, हम किस कार्य को शिद्दत से कर सकते हैं, हमारी जिम्मेदारियां क्या क्या है, हमें किस उद्देश्य से इस धरती पर भेजा गया है।

हो सकता है, हम एक वैज्ञानिक, शिक्षक, चिकित्सक या इंसानियत के फरिश्ते की तरह नजर आए पर इसके लिए हमारा जीवन में शुरुआत करना जरूरी है।
हमें अपने शक्ति का आभास हमारा कार्य ही कराएगा, कुछ तो होगा हमारे अंदर जिसमें हमें बहुत प्रोत्साहन मिलेगा और हम उसे करना चाहेंगे।

मेरी पसंदीदा कहानी में से एक कहानी है,
एक बार एक छोटा सा हाथी होता है, उसके पैर को चेन से बांध दिया जाता है, वह बहुत कोशिश करता है उस चेन को तोड़ने की पर उससे वह बड़े होने तक नहीं टूटती, अब जिंदगी भर कोशिश ना करें तो वह एक आलसी और गुलाम बनकर एक ही जगह पर रह जाएगा पर जब वह बड़ा हो जाता है, और बार-बार कोशिश करने पर 1 दिन बड़ा होकर उसे, एक ही हिट में तोड़ देता है, बस शर्त यह हे कि वह प्रयास करें, जिंदगी भी कुछ ऐसी ही है, हमें शुरुआत करनी चाहिए, और चलते रहना चाहिए, मार्ग अपने आप बनता चला जाएगा और प्रकृति आपसे वह जरूर कराएगी जिसे करने के लिए आपने इस धरती पर जन्म लिया है, अपने पसंदीदा कार्य को शिद्दत से करना चाहिए और करते करते ही कोई हमें भी जरूर प्रोत्साहन दे जाएगा या तो हमें अपनी शक्ति का आभास हो जाएगा।

जब तक तू ना चलेगा,
लक्ष्य तक कैसे पहुंचेगा,
भयभीत होकर बैठेगा,
जीवन में क्या फिर करेगा,
शुरुआत कर, चल पहल कर,
मार्ग स्वतः ही बनेगा।।

 About author

Dr madhvi borse

डॉ. माध्वी बोरसे
विकासवादी लेखिका
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

आओ अपनी काबिलियत का लोहा मनवाएं|let’s prove our ability

November 27, 2022

आओ अपनी काबिलियत का लोहा मनवाएं आओ अपने व्यक्तित्व को अपनी पहचान बनाकर इतिहास रचें व्यक्तित्व निर्माण एक सतत प्रक्रिया

लव जिहाद-आंखों पर पट्टीयां ना बांधों प्यार की बेटियों

November 26, 2022

आंखों पर पट्टीयां ना बांधों प्यार की बेटियों- लव जिहाद Love jihad जी हां , आज जब खुद से ही

तबस्सुम| Tabassum

November 25, 2022

तबस्सुम तबस्सुम| Tabassum  एक ऐसी कलाकारा जिसको भूल पाना मुश्किल होगा,हालाकि वह उतनी मशहूर नहीं थी। न ही बिग बैनर

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफ़टीए)| Free Trade Agreement (FTA)

November 25, 2022

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफ़टीए)| Free Trade Agreement (FTA) अर्थव्यवस्था को गति देने में मुक्त व्यापार समझौता मील का पत्थर साबित

क्या आत्महत्या ही एक मात्र रास्ता?

November 25, 2022

क्या आत्महत्या ही एक मात्र रास्ता? |Is suicide the only way? Is suicide the only way? क्या आत्महत्या ही एक

जलकुक्ड़ा – ज़लनखोरी| jalkukda-jalankhori

November 25, 2022

जलकुक्ड़ा – ज़लनखोरी दूसरों के साथ जलनखोरी या इर्ष्या रखने वाले जीवन में कभी सफलता प्राप्त नहीं करते ईर्ष्या में

Leave a Comment