Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

मान हैं मुझे तुम पर-जयश्री बिरमी

मान हैं मुझे तुम पर आन भी हैं तू मान भी हैं तूहिंदी तू हिंदुस्तान की जान हैं तूतेरी मीठे …


मान हैं मुझे तुम पर

मान हैं मुझे तुम पर-जयश्री बिरमी

आन भी हैं तू मान भी हैं तू
हिंदी तू हिंदुस्तान की जान हैं तू
तेरी मीठे शब्दों से कान में घुले हैं रस
तेरी ही बानी बोलते हैं सब

तेरी ही अगुआई में बोलियां हैं कई
तू ही बनी हैं उद्भवन कई भाषाओं की
संस्कृत और अर्धमाग्धी के चरणों में भी तू
उर्दू के जहनी शब्दो को तूने सहलाया हैं

तेरी विलक्षण काया को कईं
भाषा के शब्दों ने सजाया हैं
तेरे महत्व को सबने समझा अब
सभी भारतवासियों ने भी तुझे नवाजा हैं

तू हैं दिल के लब्ज़ तू ही है मन की आवाज
तेरे होने से बनी रही हैं इस देश की लाज
अपने सर माथे पे धरके तुझे बनाया हैं ताज
कहीं भी रहे हम तुमको भूल न पाएंगे

जो भूले उन्होंने क्या खोई नहीं अपनी पहचान
तू हिंदुस्तान की हैं हिंदी
तू है हमारी ही प्रार्थना और तू ही अजान
रहें तेरी ही संगत में चाहे हो देश कोई भी
प्रदेशों में भी तू ही हैं संग हमारे
मेरी हिंदी ,मेरी हिंदी तू ही हैं महान,तूही हैं आनबान

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

बेमानी- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

बेमानी उम्रभर देखी हैं ये दुनियां की रस्मेंन ही रवायतें हैं निभाने की कसमेंजब भूले गए थे वादे और तोड़ी

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल”-हेमलता दाहिया.

December 3, 2021

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल” बात बात में शामिल हैं,जाति धर्म के बोल.खोखले वादे खोल रहे हैं,हैं विकास

ना लीजिए उधार-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

ना लीजिए उधार! ना लीजिए उधार, बन जाओ खुद्दार,लाए अपनी दिनचर्या में, थोड़ा सा सुधार, अपने कार्य के प्रति, हो

स्वयं प्रेम कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

स्वयं प्रेम! स्वयं प्रेम की परिभाषा,बस खुद से करें हम आशा,स्वयं का रखें पूरा ख्याल,खुद से पूछे खुद का हाल!

हार कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

हार! बेहतर होने का अनुभव देती हैं,यह तो सीरीफ एक परिस्थिति है,सफलता का सबसे बड़ा रास्ता होती है,कुछ देर की

21 वीं सदी की नारी-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

21 वीं सदी की नारी! उठाओ कलम, पुस्तक व लैपटॉपकरो परीक्षा की तैयारी,कुछ तुम उठाओ,कुछ परिवार में बाटोअपने घर की

Leave a Comment