Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप/maa -lakshmi-ke-aath-swaroop

दीपावली महोत्सव 2022 मां लक्ष्मी पूजा के उपलक्ष में मां लक्ष्मी के श्रीचरणों में समर्पित यह मेरी कविता कविता–मां लक्ष्मी …


दीपावली महोत्सव 2022 मां लक्ष्मी पूजा के उपलक्ष में मां लक्ष्मी के श्रीचरणों में समर्पित यह मेरी कविता

कविता–मां लक्ष्मी के आठ स्वरूप

धर्म ग्रंथों और पुराणों में मां लक्ष्मी के
अष्ट स्वरूपों का वर्णन है मान्यता है
मां लक्ष्मी की कृपा बिना जीवन में
समृद्धि संपन्नता पाना असंभव है

मां के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप अपने नाम स्वरूप
के अनुसार भक्तों के दुख दूर करती हैं
सुख समृद्धि देकर वैभव बढ़ाती है
धन की वर्षा से जीवन सफल बनाती है

आदिलक्ष्मी धन लक्ष्मी धान्य लक्ष्मी स्वरूपों सहित
गज लक्ष्मी संतान लक्ष्मी वीर लक्ष्मी
जय लक्ष्मी विद्या लक्ष्मी अष्ट स्वरूप है
हर स्वरूप से कृपा रहमत बरसाती है

लक्ष्मी मां का सशक्त अस्त्रों में मुद्रा अस्त्र है
अलक्ष्मी चंद्रदेव शुक्राचार्य भाई बहन हैं
मां का दिवस शुक्रवार जीवनसाथी विष्णु है
सवारी गरुड़ उल्लू शेषनाग कमल है

ओम श्री श्रेये नमः मूल मंत्र हैं
वैंकुठ मणिद्वीप क्षीरसागर निवास स्थान है
महालक्ष्मी रुकमणी अष्टलक्ष्मी माधुरी सहित
वैष्णवी जगत जननी नारायणी अनेक नाम है

हिंदू धर्म मां लक्ष्मी को धन वैभव संपत्ति
यश कीर्ति की देवी रूपी मान्यता है
मां लक्ष्मी भक्तों की परीक्षा लेती है
सफल होने पर मनोकामना पूर्ण करती है

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

कविता –प्रेम( प्रेम पर कविता)

August 30, 2022

कविता –प्रेम ( प्रेम पर कविता) प्रेम शब्द जब युवाओं के सामने आया बस प्रेमिका का खुमार दिल दिमाग में

एहसास एक लड़की के

August 30, 2022

“एहसास एक लड़की के” दुनिया मेरे लिए ख़ौफ़ की बिहड़ नगरी है,अंधेरों से नहीं मुझे उजालों से डर लगता है,

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान।

August 30, 2022

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान। यह कैसा शब्द है कन्यादान, कौन करता है अपनी जिंदगी को दान,माता- पिता की जान से बढ़कर,कैसे

हां मैं हूं नारीवादी!

August 28, 2022

हां मैं हूं नारीवादी! नारीवाद के प्रमुख प्रकार, स्‍त्रियों को पुरुषों के समान अधिकार,ऐसा विश्‍वास या सिद्घांत,भेदभाव का हो देहांत,और

कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन

August 28, 2022

आओ अपने पुराने दिनों को याद करें  कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन  वर्तमान प्रौद्योगिकी युग में भी मनीषियों

खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता

August 28, 2022

कविता: खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता  कभी

Leave a Comment