Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे

भावनानी के भाव मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे इन …


भावनानी के भाव

मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे

मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे

मां गंगा को शुद्ध करने अनेक मिशन चलाएंगे
इन मिशनों को प्रेरणा दायक बनाएंगे
प्रकृति में संरक्षण का नियम अपनाएंगे
युवा शक्ति को इस शुभ काम में लगाएंगे

गंगा उत्सव मनाने को अब
राष्ट्रव्यापी नदी उत्सव बनाएंगे
मां गंगे की पीड़ा की वास्तविक कहानी
जन-जन तक हम पहुंच जाएंगे

नदी उत्सव सम्मान की परंपरा को
पुनर्जीवित करने का बीज बोएगा
देश का हर नागरिक सचेत होकर
दूषित जल की पीड़ा सुलझाएगा

गंगा की पीड़ा को हम सब तब समझ पाएंगे
जब कचरे का ढेर नदियों में पड़ा पाएंगे
नदियों को स्वस्थ रखने जनता जनजागृति लाएंगे
प्रेरणा के लिए हर साल गंगा उत्सव मनाएंगे

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 

किशन सनमुख़दास भावनानी 
 गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा

April 27, 2022

जो जैसा करेगा , वैसा भरेगा दुनिया का दस्तूर हे ये जो जैसा करेगा वैसा भरेगाआज हसे दुनिया चाहे कल

वीणा के सुर खामोश हो रहे

April 27, 2022

 वीणा के सुर खामोश हो रहे मेरी तमन्नाओं के कातिल बता तूने हमें वफा क्यों न दी।। कभी मांगा न

मेरे घर कि चौखट आज भी खुली

April 27, 2022

 मेरे घर कि चौखट आज भी खुली कभी तो तुम्हें भी मेरी याद आती ही होगी कभी तो मेरी याद

देखो हर शब्द में रब

April 27, 2022

 देखो हर शब्द में रब दिल को जीत लेते शब्द दिल को भेद भी देते शब्द दिल को बहलता मिठास

काट दिए मेरी कलम के पर

April 27, 2022

 काट दिए मेरी कलम के पर तमन्ना थी कभी खुद को , मैं खूब संवारूंगीसौलह श्रंगार करके , मैं खुद

मोहब्बत ए परवाना

April 27, 2022

मोहब्बत ए परवाना कहते हैं वो मोहब्बत ए परवाने , इस अंजुमन में रखा क्या हैतेरे हुस्न दीदार के बिना

Leave a Comment