Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

माँ- R.S.meena Indian

कविता माँ मैं व्रत नहीं करता ,कहीं माँ जैसी सूरत नहीं । माँ बाप को भूल जाऊ,ऐसा कभी मुहूर्त नहीं …


कविता माँ

माँ- R.S.meena Indian
मैं व्रत नहीं करता ,कहीं माँ जैसी सूरत नहीं ।

माँ बाप को भूल जाऊ,ऐसा कभी मुहूर्त नहीं ।।
मेरे सर पर हैं,माँ बाप की दुआओं का असर ।
ताउम्र मुझको ताबीज़ की कभी जुर्रत नहीं ।।

माँ शब्द में तो ,ये पूरी क़ायनात समाई है ।
सत्य पथ पे चलना,पिता ने राह यही बताई हैं ।।
सुख हो या दुख हो, कभी भूल मत जाना ।
माँ बाप की सेवा करना,सबसे बड़ी कमाई हैं ।।

माँ जैसी मोहब्बत, कहीं और नहीं मिलती ।
माँ के बिना सृष्टि में,खुशियां नहीं मिलती ।।
माँ की नजरों में तो ,आज भी हम बच्चे हैं ।
बदक़िस्मत होते हैं ,जिन्हें माँ नही मिलती ।।

“स्वरूप” जानता हैं,इतना तो अनजान नहीं ।
उनके बिना किसी की,कोई पहचान नहीं ।।
किसे ढूँढते-फ़िरते हो तुम ,मंदिर-मस्जिदों में ।
माँ बाप से बड़ा जग में,कोई भगवान नहीं ।।

R.S.meena Indian


Related Posts

Geet by mainudeen kohari

August 7, 2021

 गीत गीत गाए जा.. गुनगुनाए जा… हो सके तो…हो सके तो… मजलूम का दिल बहलाए जा …! गीत गाए जा

Meri kalam kavita mainudeen kohari bikaneri

August 7, 2021

 *  मेरी कलम  * मेरी  कलम  दिखादे  तू  अपना  कमाल । रोटी मुझे  मिले  सदा हक़ – ओ – हलाल

Badamashi Kavita by jayshree birmi

August 7, 2021

 बदमाशी आई बदमाश बौछरे,भिगोती हुए चौबारे, दौड़ के करो बंद खिड़की, उड़ती चुन्नी खिड़की के पल्ले में अटकी। दौड़ के

Sachcha sathi by Jitendra Kabir

August 7, 2021

 सच्चा साथी कामयाबी के समय तो दुनिया साथ आती है, लेकिन संघर्ष के समय जो साथ खड़ा हो पाए उसका

Musaladhar barish kavita by Anita Sharma

August 6, 2021

 मूसलाधार बारिश एक जमाना याद आया,मूसलाधार बारिश देखी।यादों के झुरमुट में बसी,वही पुरानी यादें लौटी। लगातार बिन रूके तब,गिरता था

Sandesh prakriti ka kavita by Anita Sharma

August 6, 2021

 “संदेश प्रकृति का”  संदेश बादल दे रहे समस्त जग को, कल्याण मार्ग हो जीवन आधार। संमार्ग हो ध्येय बादल हमें

Leave a Comment