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महिलाएं ई-सेक्स मैनियाक से सावधान रहें

 “महिलाएं ई-सेक्स मैनियाक से सावधान रहें” हर महिला के फेसबुक की ब्लाॅक लिस्ट में शायद सौ से ज़्यादा मानसिक तौर …


 “महिलाएं ई-सेक्स मैनियाक से सावधान रहें”

महिलाएं ई-सेक्स मैनियाक से सावधान रहें
हर महिला के फेसबुक की ब्लाॅक लिस्ट में शायद सौ से ज़्यादा मानसिक तौर पर जो विकृत होते है ऐसे लोग पड़े होंगे।

सोशल मीडिया महिलाओं के लिए बहुत ही असुरक्षित और ख़तरनाक होता जा रहा है। ई-सेक्स मैनियाक यानी जो मानसिक तौर पर विकृत होते है ऐसे लोगों की भरमार मिलती है। हर महिला के मैसेंजर पर लाइन लगी होती है। मानों महिलाओं को फसाने का मौका ढूँढ रहे होते है। फेसबुक और इंस्टा पर जाल बिछा रखी है ऐसे बेशर्मों ने। इनको लगता है फेसबुक पर रहने वाली हर औरत चीप है और इन जैसों की प्यास बुझाने ही बैठी है। ये प्रोसेस फेसबुक मैसेंजर पर हाय, हैलो से शुरू होती है। पहले डीपी पर लगी तस्वीर की तारीफ़ों के पुल बाँधते चिकनी चुपड़ी और सैक्सी भाषा का प्रयोग करते खुद को महिला का बहुत बड़ा आशिक जताने की कोशिश करते है। बाईस-पच्चीस साल के लड़के उम्र तक नहीं देखते और चले आते है लाइन मारने। हाय मैम आपकी हंसी बहुत प्यारी है। मैम आप मुश्किल से पच्चीस साल की लगती हो। प्लीज़ मैम बताईये न आपकी साइज़ क्या है? बहुत फिट रखा है आपने खुद को वगैरह। इस तरह चालीस-पैतालीस साल की महिलाओं पर झूठा प्रेम जताते मर मिटने का नाटक करते है ऐसे सेक्स के पूजारी। उनको चेहरे से नहीं गंदी चैट से और सैक्स से मतलब होता है। अगर महिला पट गई तो इनकी ऐश है वरना दूसरी ढूँढते है। ऐसा नहीं की सिर्फ़ जवान और कुँवारे लड़के ही ऐसी हरकतें करते है, शादी शुदा दो बच्चों के बाप 40/45 साल के पुरुष भी अपनी फैमिली की झूठी कहानियाँ बनाकर सहानभूति बटोरते पत्नी को विलैन बनाकर रोने के इमोजी डालेंगे। पत्नी भले देवी का अवतार हो पर इनको दूसरों को देवी में मल्लिका शेरावत ढूँढनी है और इसके लिए महिलाओं को अपनी या गूगल से उठाई गई गंदी तस्वीरें भेजकर पिघलाने की कोशिश करते है। 

जो महिलाएं इन लोगों की जाल में नहीं फंसती उनकी तस्वीर का गलत इस्तेमाल करके फेंक एकाउंट बनाकर उनकी सहेलियों को फ्रेंड बनाते है, और अभद्र शब्दों में चैट करके बदनाम करने की कोशिश करते है। 

ज़्यादातर महिलाएं ऐसे मनचलों को जान चुकी है, वह नहीं फंसती। पर लगभग दस में से चार महिला ऐसे ई-सेक्स मैनियाक का शिकार बनती होगी। खासकर ऐसे लोग झूठा प्रेम जताकर चालीस के आसपास की उम्र वाली महिलाओं को फंसाने की कोशिश करते है। वह जानते है धोखा मिलने पर शादीशुदा औरतें बदनामी के डर से आवाज़ नहीं उठाएगी। 

इनमें ऐसे सायको लोगों की गलती नहीं है कुछ महिलाएं भी मस्ती के मूड़ में बहक जाती है, या कई बार कोई महिला घर से प्रताड़ित होती है तो दिल बहलाने के लिए ऐसे आशिकों की जाल में फंस जाती है, फिर एक सिलसिला चलता है। महिला को लगता है बंदा उसे दिलों जान से चाहता है, उस चक्कर में अपनी न्यूड़ तस्वीरें और विडियो के ज़रिए अपना सबकुछ लूटा देती है, जबकि सामने वाला ऑनलाइन सेक्स का विकृत आनंद उठाता है और कुछ नहीं। फिर जब एक महिला से दिल भर जाता है तो दूसरी को पटाने चला जाता है। 

महिलाओं को बहुत चौकन्ना रहकर ऐसे मनचलों से दूर ही रहना चाहिए, या ऐसा होने पर खानगी तौर पर पुलिस की मदद लेकर ऐसे आवारा तत्वों का पर्दाफाश करना चाहिए। चुप रहने से ऐसे लोगों का हौसला बढ़ता है। दो चार को पुलिस लताड़ेगी तो ऐसी वारदातें कम होगी। ज़्यादातर लोग फेसबुक मैसेंजर का उपयोग महिलाओं को फसाने के लिए और वासना पूर्ति के लिए ही करते है। इसलिए महिलाओं को सोशल मीडिया पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

अपनी तस्वीरें और पर्शनल मैटर पब्लिक डोमेन पर शेयर नहीं करनी चाहिए, और हैशटैग का उपयोग नहीं करना चाहिए। अन्जान नं से लगातार काॅल आने पर तुरंत नं ब्लाक कर देना चाहिए। नंबर रिलेटिड माहिती देने वाली एप 100 प्रतिशत विश्वसनीय है की नहीं चैक करना चाहिए। मैसेंजर पर अन्जान लोगों से हाय हैलो और लंबी चैट करने से बचना चाहिए। अपने एकाउंट में दो फ़ेक्टर आथोन्टिकेशन ऑन रखना जरूरी है। हर लिंक पर बिना सोचे समझे क्लिक नहीं करना चाहिए। बिनजरूरी एप को डाउनलोड न करें। पब्लिक वाई-फाई का उपयोग भी हो सके तो नहीं करना चाहिए और पब्लिक चार्ज़िंग प्वाइंट को भी इग्नोर कीजिए। मानों अगर आपसे गलती हो भी गई और सामने वाला ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है तो डर के मारे चुप मत रहिए, फेसबुक पर ऐसे लोगों की रिपोर्ट कर दीजिए और पुलिस को इक्तिला कीजिए। कुछ बातों की सावधानी आपको हादसों से बचा सकती है। सोशल मीडिया जितना उपयोगी है उतना ही ख़तरनाक भी है तो सतर्कता चलाईये।

भावना ठाकर ‘भावु’ (बेंगलोर,कर्नाटक)


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