Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel
मन से कभी न हारना

kanchan chauhan, poem

मन से कभी न हारना | man se kabhi na harna

मन से कभी न हारना मन के हारे हार है और मन के जीते जीत मन से कभी नहीं हारना,सुन …


मन से कभी न हारना

मन के हारे हार है और मन के जीते जीत

मन से कभी नहीं हारना,सुन मेरे मन मीत।
कभी कभी मन थक जाता है,
थक जाता है,भर जाता है।
उलझन में ये फंस जाता है।
निराशा के बादल घेरे मन को,
आशा का ना कोई ठोर दिखे।
उस वक्त भी मत घबराना तुम,
जब जीवन में घटा घनघोर दिखे।
जब दुःख के बादल जब घेरे हों
तब इतना तुम याद सदा रखना,
यह समय बदलता रहता है,
नहीं कभी ठहरता एक जगह,

समय ही हल हर उलझन का,
चाहे उलझन हो कितनी भारी।
सांसों का चलना ही है जीवन ,
है सांसों से ही ये दुनिया सारी,
मुश्किल के वक्त, मेरे मनमीत,
बस थोड़ा सा धीरज धर लेना,
इन सांसों को थामे रखना तुम,
चाहे उलझन हो कितनी भारी।
आशा की ज्योत जला लेना,
चाहे दुश्मन हो दुनिया सारी ,
मन की शक्ति पर होती निर्भर,
इस जीवन में शक्ति सारी।

मन में जो तुम ठान लो, तो जग सकते हो जीत।
तुम मन से कभी न हारना,ओ मेरे मनमीत।
मन के हारे हार है और मन के जीतेजीत।

About author

कंचन चौहान,बीकानेर

Related Posts

Kavita kaisa dharm tumhara by kamal siwani

July 3, 2021

 कैसा धर्म तुम्हारा ? कहाँ से तूने अपनाए , जीवन का अजब पहाड़ा ? एक दूजे में भेद तू करते,

Kavita kyu aapas me ladna by kamal siwani

July 3, 2021

 क्यूँ आपस में लड़ना ? जाति -धर्म के नाम पर नित दिन, क्योंकर रार मचाते ? हर मानव एक ही

banega apna Desh mahan by Jitendra kabir

July 3, 2021

 बनेगा अपना देश महान कल तक थे जो चोर–बेईमान, वो बन गये हैं रातों–रात ही बड़े शरीफ इंसान, अवसरवादियों को

Yadon ka tarana by kalpana kumari

July 3, 2021

यादों का तराना *** इस कदर सजाया है तेरी यादों को, कि मेरा आशियाना बन चुका है, इन्हीं आशियाने में,

Kaise puja? By kamal siwani bihar

July 3, 2021

 कैसी पूजा ? दया – प्रेम ना उर अंतर में , और पूजा पत्थर की । हे मानव यह कैसी

Parwah kaun karen by kalpana kumari

July 3, 2021

व्यंग्य-कवितापरवाह कौन करे जो स्वत: मिल रहा जीवन में, उसकी परवाह कौन करे। आती सांसे जाती सांसे, सांसो पर जो

Leave a Comment