Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr. Alpa. H. Amin, poem

मन मेरा पुकारे…….

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम …


मन मेरा पुकारे…….

मन मेरा पुकारे काना प्यारे
कहाँ है ढिकाना हमको बता दे
करनी है बातें तुझ से कब से हम तो पुकारे
गोकुल नगरी धूमके आये
यमुना की धारा से मिलके आये
दीदार तेरा कर न पाएं
मथुरा के द्वारे खड़े तुझ को पुकारे
अब तो आजा प्यारे

वृंदावन में रास तू रचाये
हम भी है रास के दीवाने
लेकर हाथों में बंसी सुहानी
आजा अब तो रास तू रचा जा प्यारे
सखियों संग करे इंतज़ार तेरा
दिखे ना तु तो मन घबराये
अब तो आजा प्यारे

तन की लय तुझे को पुकारे
तेरे बिना कौन हमें तारे
तू तो है पालन हारा कर दे बेड़ा पार हमारा
दर्शन के अभिलाषी हम तो
लेकर आंखों में अश्क के मोती तुझ को पुकारे
अब तो आजा प्यारे

कहते है सब रहता है तु मन के द्वारे
भक्तों के दिलों में करता बसेरा तु रे
देख खड़े हम भक्ति से सजकर
आजा प्यारे हम तो कब से पुकारे
अब तो आजा प्यारे

प्यासी नजर ढूढ़ रही है सांवरिया तु दर्शन दे दे
तड़प हमारी दर्द से सिसकतीं
फ़रियाद करे है रोती रोती
चाहत हमारी बस प्यास तेरी
दे दे दर्शन अब तो मुरारी अब तो आजा प्यारे…..!!
अब तो आजा प्यारे…. अब तो आजा प्यारे…..!!!!!

Dr.Alpa H Amin
Ahmedabad


Related Posts

Bhedbhav by Anita Sharma

October 7, 2021

 भेद भाव भेद भाव के रंग रूप में बंटा हुआ संसार है। * एक ईश की संतान सभी हैं। मत

Mai shapit hu by komal Mishra koyal

October 7, 2021

 मैं शापित हूँ घुट घुट कर मर जाने को मैं शापित हूँ हर बार जलाए जाने को नहीं कह पाती

Udan by Anita Sharma

October 7, 2021

 “उड़ान” मेरे घर घोंसला बनाकर, पंछी का जोड़ा आया रहने। रोज उसे तिनका-तिनका, लाते देखा करती अक्सर। आज अचानक आवाज़

Nari kitni aatmnirbhar hai by Jitendra Kabir

October 7, 2021

 नारी कितनी आत्मनिर्भर हैं? खुद के कमाए पैसे खर्च करने के लिए भी बहुत बार अपने पति  व घरवालों की

Pratiksha by Anita Sharma

October 7, 2021

 प्रतीक्षा तुम्हारे आने की प्रतीक्षा और बेसब्री, एक-एक दिन गिन-गिनकर कटता है। * उतावलापन और बढ़ती प्रतीक्षा, कितनी बेचैनी कितनी

Jhootha aadambar kyu by Jitendra Kabir

October 7, 2021

 झूठा आडंबर क्यों? जिस इंसान ने अपने दुश्मनों से भी कभी नफरत नहीं की, अपनी तरफ से की जिसने भरसक

Leave a Comment