Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Priyanka_saurabh

मत करिये उपहास | mat kariye uphas

मत करिये उपहास अपना बोया ही मिले,या कांटें या घास।बे-मतलब ना बोलिये,मत करिये उपहास। मत करिये उपहास,किसी का जान-बूझकर।निकले हर …


मत करिये उपहास

अपना बोया ही मिले,
या कांटें या घास।
बे-मतलब ना बोलिये,
मत करिये उपहास।

मत करिये उपहास,
किसी का जान-बूझकर।
निकले हर इक शब्द,
अंतर्मन से पूछकर ।।

सुन ‘सौरभ’ की बात,
किसी पर न तंज कसना।
औरों-सा खुद मान,
ले हर इक बने अपना।।

पाकर तुमको है मिली,
मुझको ख़ुशी अपार ।
होती है क्या ज़िन्दगी,
देखा रूप साकार ।

देखा रूप साकार,
देखूँ क्या अब मैं अन्य ।
तेरा सुन्दर रूप,”परी”,
पाकर हुई धन्य ।।

सुन ‘सौरभ’ की बात,
मिले क्या मन्दिर जाकर।
मुझको तो है सब मिला,
साथ तुम्हारा पाकर ।।

(प्रियंका सौरभ के काव्य संग्रह ‘दीमक लगे गुलाब’ से।)

About author 

प्रियंका सौरभ 

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस,

कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार

facebook – https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/

twitter- https://twitter.com/pari_saurabh



Related Posts

पृथ्वी की रक्षा एक दिवास्वप्न नहीं बल्कि एक वास्तविकता होनी चाहिए। Earth day 22 April

April 21, 2023

(पृथ्वी दिवस विशेष, 22 अप्रैल) पृथ्वी की रक्षा एक दिवास्वप्न नहीं बल्कि एक वास्तविकता होनी चाहिए। मनुष्य के रूप में,

नया अवतार लेता खालिस्तान का विचार।

April 19, 2023

नया अवतार लेता खालिस्तान का विचार। हाल के दिनों में पंजाब में खालिस्तान अलगाववादी आंदोलन के विचार का प्रचार कर

विद्यावाचस्पति (पीएच.डी.) से अलंकृत हुए डॉ सत्यवान सौरभ एवं प्रियंका सौरभ

April 19, 2023

विद्यावाचस्पति (पीएच.डी.) से अलंकृत हुए डॉ सत्यवान सौरभ एवं प्रियंका सौरभ _(‘विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ’ ने हरियाणा के भिवानी जिले के

कृषि रोबोट: किसानों का किफायती दोस्त

April 19, 2023

कृषि रोबोट: किसानों का किफायती दोस्त कृषि क्षेत्र में भारत में किसान घट रहे हैं। कुछ सामान्य वाक्यों को दोहराकर

धरनी धर्म निभाना

April 19, 2023

धरनी धर्म निभाना साथ तेरा मिला जो मुझको,बिछड़ मुझसे अब न जाना।वपु रूप में बसों कही भी,चित्त से मुझे न

सिखाया जिंदगी ने बिन किताब

April 19, 2023

सिखाया जिंदगी ने बिन किताब खुद से अधिक किसी ओर को चाहनाहोता है खुद कि नज़र मे खुद के ही

PreviousNext

Leave a Comment