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मतदाता जागरूकता पर कविता

मतदाता जागरूकता पर कविता| matdata jagarukta par kavita हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता  हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता ! दारू मुर्गे …


मतदाता जागरूकता पर कविता| matdata jagarukta par kavita

हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता 

मतदाता जागरूकता पर कविता
हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता !

दारू मुर्गे पर ना बिक जाना।
प्रत्याशी को समझ परख कर,
मतदान जरूर तुम कर आना।
लोकतंत्र के तुम हो आधार,
वोट तुम्हारे विकास सूत्रधार।
जाति धर्म से ऊपर उठ कर ,
मतदान जरूर तुम कर आना।।
हे भाग्य विधाता !, हे मतदाता !
अबकी फिर चूक ना जाना।
लोभ भय में ना फंस तुम,
ईमानदार प्रत्याशी चुन लाना।।
हे मतदाता तुम भी,
अपनी ताकत को पहचानो।
नेता तुम्हारा पढ़ा लिखा हो,
अबकी ऐसा तुम चुन डालो।।
हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता !
तुम्हारा मत है बड़ा अनमोल।
दारू, मुर्गे के लालच में,
अबकी ना दो इसे फिर तोल।।

About author 

हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता- अंकुर सिंह

अंकुर सिंह
चंदवक, जौनपुर,
उत्तर प्रदेश- 222129
मोबाइल नंबर – 8367782654.
व्हाट्सअप नंबर – 8792257267.


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