Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

मगरमच्छ के आंसू- जयश्री बिरमी

 मगरमच्छ के आंसू वो दौर था जब अफगानिस्तान में तालिबानों  का अफगान फौज को हरा कर कब्जा कर लिया था …


 मगरमच्छ के आंसू

मगरमच्छ के आंसू- जयश्री बिरमीवो दौर था जब अफगानिस्तान में तालिबानों  का अफगान फौज को हरा कर कब्जा कर लिया था और वह केहर बरपा रहे थे तब पाकिस्तान की सारी हमदर्दी तालिबानियों के साथ थी और दबी जुबान में के रहे थे कि तालिबानियों की मदद से कश्मीर में अलगाव को बढ़ावा देने की और दूसरे मामलों में भी उनकी मदद लेके भारत में कुछ हालत ऐसे कर देंगे जिससे देश में मुश्किलें बढ़ जाए। इतनी सहानुभूति दिखाते थे कि वही लोग ही उनके अकेले दोस्त है,अमेरिका ने जो उनके फंड्स रोक लिए थे उन्हे भी रिलीज करने की बिनती कर चुके थे लेकिन क्या वह सच में अफगानिस्तान के दोस्त हैं? कितनी मानवीय मदद की हैं पाकिस्तान ने ये कोई पूछे तो? उन्हों ने तो बॉर्डर भी सील करदी थी कि अफगानिस्तान के खेत उत्पादों की बिक्री पाकिस्तान में नहीं हो सके।सभी इंटरनेशनल इवेंट्स में भी अफगानी तालिबान को मान्यता देने की गुहार लगाने वाला पाकिस्तान कितना चिंतित हैं इसकी गवाही आज मिल रही हैं।

 जब भारत ने पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान में गेहूं भेजनी चाही तो पहले तो महीनों तक कोई  जवाब ही नहीं मिला,

मिला तो ये कि आप अपने ट्रक्स को वाघा बॉर्डर तक ही लाओ , वहांसे पाक ट्रक्स और ड्राइवर्स उन्हे अफगानिस्तान पहुंचाएंगे और अफगानिस्तान पहुंचने का खर्चा भारत को वहन करना होगा।क्या ये हकारात्मक जवाब था? ये एक तरह से ना ही समझनी चाहिए।दूसरा वह गेहूं अफगानिस्तान पहोंचेगा या बीच में ही गायब हो जाएगा उसकी भी कोई गारंटी नहीं थी।तो अपनी कोरी प्रीत को संभाले बैठा रह गया पाकिस्तान और ईरान के रास्ते टनों दवाइयां भारत द्वारा  अफगानिस्तान पहुंचाने की वॉशिंगटन पोस्ट की खबर सुन पाकिस्तान में हलचल मच गई हैं,उनके मीडिया में यही चर्चे चल रहे हैं।५०००० वैक्सीन के डोजेस पहुंचाने के बाद अब गेहूं पहुंचने वाले हैं।ये सभी मदद भारत के मानवीय मूल्यों को उजागर करता हैं,अफगानिस्तान के लोगों के प्रति एक सहानुभूति बयान करता हैं।यही सनातन धर्म की प्रथा हैं।

 अब जब  अफगानिस्तान में कई  और भी आतंकी संगठन हैं उनके होते पाकिस्तान का ये स्टेटस भी छीन जायेगा ऐसा लगता हैं।एक किस्म की दुश्मनी का मामला होता जा रहा हैं पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच,उनकी फेंसिंग लगाने की प्रक्रिया को  रोक कर उन इलाकों पर अपना हक दिखाने वाले अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के रिश्ते कितने सकारात्मक रहते हैं ये तो वक्त ही बताएगा।

    कहां गए वो बयान जो अफगानिस्तान की सरकार को मान्यता देने की गुहार करते थे? आज वही अफगानिस्तान उनके कुछेक प्रांतो पर अपना हक होने का दावा कर रहे हैं। बद नियति से किया हरेक कार्य का फल भी वैसा ही होता हैं ये तथ्य हैं

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

विश्व के लिए एक और खतरा

February 14, 2022

विश्व के लिए एक और खतरा पिछले साल इजराइल और फिलिस्तान का युद्ध भी विश्व युद्ध का खतरे जैसी परिस्थितियों

एक देश एक कानून समय की मांग

February 14, 2022

एक देश एक कानून समय की मांग क्या भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने का उचित समय अभी आ

गहन मिशन इंद्रधनुष 4.0

February 14, 2022

गहन मिशन इंद्रधनुष 4.0        नवजात बच्चों, गर्भवती महिलाओं को बीमारियों व मृत्यु दर से बचाने टीके सबसे

भारतीय राजनीति के संत थे ओमप्रकाश- अंकुर सिंह

February 13, 2022

भारतीय राजनीति के संत थे ओमप्रकाश भारतीय राजनीति या चुनावी माहौल में जब-जब ईमानदार और बेदाग राजनीतिज्ञों का जिक्र होगा

तुझे भी हक है-भावना ठाकर ‘भावु’

February 13, 2022

 “तुझे भी हक है” सामाजिक व्यवस्था में स्त्री की भूमिका सबसे अहम् होती है घर का ख़याल रखना, सास-ससुर, पति,

जनमत के चर्चा की प्रवृत्ति-सत्य प्रकाश सिंह

February 13, 2022

जनमत के चर्चा की प्रवृत्ति वर्तमान राजनीतिक चुनावी परिवेश में जनमत एक ऐसी विषयवस्तु है जिसके चारों ओर से आने

Leave a Comment