Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

भावनाओं को व्यक्त-डॉ. माध्वी बोरसे

भावनाओं को व्यक्त! क्यों होते हैं हम स्वयं के साथ सख्त,चलो करें, अपनी भावनाओं को व्यक्त,चिकित्सक भी होता है कभी …


भावनाओं को व्यक्त!

भावनाओं को व्यक्त-डॉ. माध्वी बोरसे

क्यों होते हैं हम स्वयं के साथ सख्त,
चलो करें, अपनी भावनाओं को व्यक्त,
चिकित्सक भी होता है कभी बीमार,
उसको भी जरूरत पड़ता है एक चिकित्सक!

हां हम सभी को है हक,
तो किस बात का है मन में शक,
एक बालक की तरह कर दे सब बयां,
स्वयं पर और अपनों पर भी भरोसा रख!

चल स्वयं को हृदय से परख,
जन्नत सी जिंदगी को क्यों बनाए नरक,
समझदारी में अपनी मासूमियत कहीं ना खोदे,
ना रहे, स्वयं के अंदर कोई कसक!

क्यों होते हैं हम स्वयं के साथ सख्त,
चलो करें, अपनी भावनाओं को व्यक्त,
चिकित्सक भी होता है कभी बीमार,
उसको भी जरूरत पड़ता है एक चिकित्सक!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

जानना – चन्दानीता रावत

January 7, 2022

।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी

नए साल में नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

नए साल में नई शुरुआत! नया-नया सा साल, नई नई सी बातें,नया नया सब कुछ है, नई नई सौगातें,नए-नए से

वह एक ही परम शक्ति-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

वह एक ही परम शक्ति! किस बात का गुरूर है तुझे इंसान,तू इतना भी हे नहीं महान,करने वाला वह, कराने

INDIA-Dr. Madhvi Borse

January 7, 2022

INDIA India is the fastest growing country,  India has given calculus, algebra, zero and trigonometry. India is a great Nation,With

गुणगान ( गुरु)- तेज देवांगन

January 7, 2022

गुणगान( गुरु) कितना करूं गुणगान इनका,मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,अगर पीरों भी लूं इन्हे तारो में,मेरे साज कम पड़ जाएंगे.कितना

अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे

January 7, 2022

अकेला! दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है, सुख में दुनिया उसके साथ होती है! उत्साह के लिए इंसान हमेशा

Leave a Comment