Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

भारत में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून 2023 मनाया गया | World Food Safety Day observed in India on 7 June 2023

आओ सेहतमंद रहने के लिए स्वस्थ आहार खाने पर ध्यान दें – खाने के लिए तय मानकों पर ध्यान दें …


आओ सेहतमंद रहने के लिए स्वस्थ आहार खाने पर ध्यान दें – खाने के लिए तय मानकों पर ध्यान दें

भारत में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून 2023 मनाया गया

भारत में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून 2023 मनाया गया | World Food Safety Day observed in India on 7 June 2023
खाद्य मानक, जीवन को बचाते हैं

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में सही खानपान की मुख्य भूमिका होती है – एडवोकेट किशन भावनानी गोंदिया

गोंदिया – सृष्टि रचनाकर्ता ने 84 करोड़ योनियों की रचना कर पृथ्वी पर विचरण के लिए अवतरित किया है तो उनके जीवन यापन में जरूरी तत्वों जैसे भोजन पानी हवा और खूबसूरत प्राकृतिक संसाधनों का निर्माण भी कर दिया है और अपने अपने स्तरपर ऐसी क्षमताएं भी जीव के शरीर में समाहित कर दी है कि इन तत्वों को ग्रहण कर अपने जीवन की गाड़ी को आगे बढ़ाएं। सभी जीवो से सर्वश्रेष्ठ बौद्धिक क्षमता मानवीय जीवन में दी है ताकि सृष्टि और अन्य जीवों के कल्याण में उच्च क्षमता का उपयोग कर सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय श्लोक को चरितार्थ करें। वैसे तो जीवन यापन में इन सभी तत्वों का अपना अपना विशेष अनिवार्य महत्व है परंतु चूंकि, 7 मई 2023 को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाएं हैं, इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे कि आओ सेहतमंद रहने के लिए स्वस्थ आहार खाने पर ध्यान दें – खाने के लिए तय मानकों पर ध्यान दें
साथियों बात अगर हम 7 जून 2023 को मनाए गए विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के उद्देश्यों की करें तो जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया, जिसका उद्देश्य लोगों को खराब औरदूषित खानपान के प्रति जागरूक करना था।शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में सही खानपान का अहम रोल होता है। हम जो कुछ भी खाते हैं, उसका प्रभाव हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसलिए सेहतमंद रहने के लिए हेल्दी फूड खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन आजकल लोगों की फूड हैबिट्स में तो बदलाव हुआ ही है। साथ ही, भोजन को पकाने और उगाने का तरीका भी बदल चुका है। वर्तमान समय में फूड सेफ्टी एक बड़ी चुनौती है। खाद्य पदार्थों में तरह-तरह के हानिकारक केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं, जो हमारी सेहत को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। इसी कड़ी में अनहेल्दी फूड से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल दुनिया भर में 07 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इस दिन को सेलिब्रेट करने का मकसद लोगों को दूषित भोजन और पानी के नुकसान के प्रति जागरूक करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और खाद्य और कृषि संगठन ने वर्ड फूड सेफ्टी डे मनाने की शुरुआत साल 2019 में की थी। हर साल विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए अलग थीम रखी जाती है।
साथियों बात अगर हम इस दिवस को मनाने के महत्व की करें तो लोगों को फूड सेफ्टी के महत्व को समझाना है। शरीर के सेहतमंद बनाए रखने में खानपान का रोल सबसे खास होता है। लेकिन लोगों की फूड हैबिट्स और जरूरतों को देखते हुए अब कई सारी चीज़ों को बनाने और उगाने का तरीका बदल चुका है। उनमें तरह-तरह के केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं। तो लोगों को दूषित भोजन और पानी के नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए विश्व खाद्य दिवस मनाया गया।असुरक्षित खानपान से सेहत संबंधी कई सारी बीमारियां के होने का खतरा होता है। ऐसे में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने का मकसद हर एक व्यक्ति को पौष्टिक और संतुलित भोजन प्रदान करना है। इसके साथ ही खानपान से होने वाले खतरों को रोकना, मिलावटी चीज़ों का पता लगाना और इनके बारे में लोगों को बताकर उन्हें सेहत के प्रति जागरूक बनाना है।लोगों को फूड सेफ्टी के महत्व को समझाना है। शरीर के सेहतमंद बनाए रखने में खानपान का रोल सबसे खास होता है।
साथियों बात अगर हम अस्वस्थ आहार खाने के दुष्परिणामों की करें तो डब्लूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में 10 में से हर एक व्यक्ति खराब भोजन खाने के बाद बीमार पड़ जाता है जबकि 5 साल से कम उम्र के बच्चों में हर साल 40 प्रतिशत बच्चे दूषित खाना की वजह से बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं। दूषित भोजन मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार डायरिया और कैंसर सहित करीब 200 बीमारियां ऐसी हैं जो अनसेफ फूड यानि की खराब खाने की वजह से लोगों को होती हैं! लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति विभिन्न स्थानों पर डिबेट प्रतियोगिताएं कार्यशालाएं नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर जागरूक किया गया। दुनियाभर में कई ऐसे लोग हैं, जो खराब भोजन का सेवन करने की वजह से गंभीर बीमारी का शिकार हो जाते हैं। इसी जागरूरता को फैलाने के मकसद से विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया है। बता दें कि हर साल खाने से होने वाली बीमारियों के 600 मिलियन केस सामने आते हैं। वहीं मौत की बात करें तो 420000 लोग खाने से होने वाली बीमारियों के चलते मौत का शिकार होते हैं। प्रदूषित या अनसेफ फूड का खतरा जान ले लेता है। इसलिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन और यूनाइटेड नेशन्स ने इस दिन को मनाने की ठानी।
साथियों बात अगर हम इस वर्ष 2023 की थीम की करें तो हर खास द‍िन को मनाने के लिए एक खास थीम चुनी जाती है। वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे के लिए भी एक थीम हर साल तय की जाती है। इस साल विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2023 की थीम- खाद्य मानक जीवन बचा सकते हैं थी। यह थीम जीवन की सुरक्षा और खाद्य संदूषण के जोखिम को कम करने के लिए खाद्य मानकों के महत्व पर जोर देती है। इस दिन डब्ल्यूएचओ और खाद्य और कृषि संगठन की ओर से कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें लोगों को हेल्दी खानपान के प्रति जागरूक किया गया और दूषित खानपान से होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी गई।
साथियों बात अगर हम इस दिवस को मनाने के इतिहास की करें तो जुलाई 2017 में खाद्य एवं कृषि संगठन सम्मेलन के 40 वें सत्र में आपनाएं गए विश्व खाद सुरक्षा दिवस के प्रस्ताव पर दिसंबर 2017 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपना समर्थन व्यक्त किया। इसके बाद इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73 वें सत्र की दूसरी समिति के समक्ष रखा गया, जिसे महासभा (यूएनसीए) ने अपना लिया और 20 दिसंबर 2018 को हर साल 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने की घोषणा की गई।
अतःअगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि आओ सेहतमंद रहने के लिए स्वस्थ आहार खाने पर ध्यान दें – खाने के लिए तय मानकों पर ध्यान दें।भारत में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून 2023 मनाया गया।खाद्य मानक, जीवन को बचाते हैं।शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में सही खानपान की मुख्य भूमिका होती है।

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

भ्रष्टाचार

September 19, 2022

भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार मुक्ति का अस्त्र – कर्तव्य परायणता सर्वोपरि भ्रष्टाचार मुक्ति के लिए 2047 का इंतजार क्यों? पद के प्रति

क्यूँ बेटियों को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार नहीं

September 19, 2022

“क्यूँ बेटियों को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार नहीं” इंसान की मानसिकता कब बदलेगी? बेटियाँ जिगर का टुकड़ा

चलते चीते चाल।।(chalte-cheete-chaal)

September 19, 2022

चलते चीते चाल।। माना चीते देश में, हुए सही आयात। मगर करेगा कौन अब, गदहों का निर्यात।।   आये चीते

हर जगह वायरल होती निजता, कैसे जियेंगे हम?(chandigarh university news video leak)

September 19, 2022

हर जगह वायरल होती निजता, कैसे जियेंगे हम? चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की एक छात्रा द्वारा अपनी हॉस्टल की साठ से अधिक

राष्ट्रीय माल ढुलाई (लॉजिस्टिक) नीति का शुभारंभ

September 18, 2022

 राष्ट्रीय माल ढुलाई (लॉजिस्टिक) नीति का शुभारंभ  दुनियां में आत्मनिर्भर होते भारत की मेक इन इंडिया गूंज का आगाज़  पीएम

गाँव-गाँव अब रो रहा, गांधी का स्वराज।

September 18, 2022

गाँव-गाँव अब रो रहा, गांधी का स्वराज। गाँव-गाँव अब रो रहा, गांधी का स्वराज। भंग पड़ी पंचायतें, रुके हुए सब

Leave a Comment