Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

भारत-अमेरिका संबंधों की घनिष्ठता बुलंदियों पर पहुंची |

इंडिया की धाक छाई – दुनियां कदमों में आई पीएम का सम्मान – दंडवत हो चरण छूकर प्रणाम भारत-अमेरिका संबंधों …


इंडिया की धाक छाई – दुनियां कदमों में आई

पीएम का सम्मान – दंडवत हो चरण छूकर प्रणाम

भारत-अमेरिका संबंधों की घनिष्ठता बुलंदियों पर पहुंची

भारत-अमेरिका संबंधों की घनिष्ठता बुलंदियों पर पहुंची | The closeness of Indo-US relations reached heights
भारत-अमेरिका के बीच मज़बूती 

भारत-अमेरिका के बीच मज़बूती से प्रगाढ़य होते संबंधों से दुनिया में शांति और समृद्धि पर विश्वास बढ़ा – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर महाशक्ति के रूप में स्थापित विकसित देश और एक उभरती हुई वैश्विक महाशक्ति जो वैश्विक ताज़ पहनने के कुछ कदमों की दूरी पर है, जब दोनों देशों में आपसी खींचातान, प्रतियोगिता, तनातनी के स्थान पर दोस्ती, सद्भाव, भाईचारा, प्रेम की रणनीति काम करें और बिना प्रोटोकोल से दोनों समकक्ष पदाधिकारी नेता आपस में मत्रियता कायम रखें और आपका नाम हमारे देश में बहुत फेमस है आपके मुझे आपका ऑटोग्राफ लेना चाहिए, जी7 बैठक शुरू होने के पहले ही मिलने के लिए आतुर दिखाई दें और उनके पास पहुंच कर उन्हें अपने गले लगा दें स्वाभाविक ही है हर भारतीय को गौरवविंत होने का आभास होगा, सीना 56 इंची चौड़ा दिखाई देगा और कॉलर टाइट हुई महसूस करेंगे। चूंकि क्वॉड, जी-7 शिखर सम्मेलन में एक महाशक्ति और एक उभरती हुई महाशक्ति के समकक्ष पद नेताओं के बीच मज़बूती से प्रगाढ़य होते संबंधों के बुलंदियों पर पहुंचने का आयाम महसूस हो रहा है इसीलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, इंडिया की धाक छाई, दुनियां कदमों में आई- पीएम का सम्मान चरण छू कर प्रणाम।
साथियों बात अगर हम पीएम के जी-7 सम्मेलन की भारत के लिए कुछ गर्व की बात की करें तो, जापान के शहर हिरोशिमा में जी7 नेताओं की बैठक समाप्त हुई।भारतीय पीएम भी इस बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे। जी-7 समिट में हमारे पीएम की लोकप्रियता का अद्भुत नजारा देखने को मिला है। बैठक के शुरू होने से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति पीएम से मिलने को लेकर आतुर दिखाई पड़े। अमेरिकी राष्ट्रपति को पीएम के पास पहुंचकर उन्हें अपने गले लगा लिया। हिरोशिमा में जी7 देशों की बैठक से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति खुद चलकर पीएम के पास पहुंचे।अमेरिका के राष्ट्रपति मुलाकात के लिए काफी उत्साहित दिखाई दिए। उनको अपनी तरफ आते देख पीएम भी अपनी सीट से उठकर खड़े हो गए। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम को अपने गले लगे लिया। काफी गर्मजोशी के साथ दोनों नेता एक दूसरे के गले लगे और कुछ बातचीत की। माना जा रहा है कि दोनों की इस मुलाकात से भारत और अमेरिका के जो संबंध हैं, उन्हें एक नई दिशा मिलेगी। पीएम अपने जापानी समकक्ष के निमंत्रण के बाद जी-7 शिखर सम्मेलन के तीन सत्रों में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को हिरोशिमा पहुंचे थे। जी-7 देशों में जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, इटली और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं। भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज आने वाला साल बेहद महत्वपूर्ण होगा। अमेरिका, भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिएलगातार कोशिश में है और इस कवायद के तहत अमेरिका की ओर से ये बयान आया है।अमेरिका का कहना है कि 2024 भारत अमेरिका संबंधों के लिए एक बड़ा साल होगा। ये बयान दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक विदेश मंत्री की तरफ से आया है, उन्होंने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में ये बातें कही है।
साथियों उल्लेखनीय है कि, असल में जी7 के साथ-साथ शनिवार को क्वाड की अहम मीटिंग भी हुई थी। उस मीटिंग के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति और पीएम का अलग ही अंदाज देखने को मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम को बताया कि वे अमेरिका में काफी लोकप्रिय हैं। अगले महीने उनके स्वागत में जो डिनर का आयोजन किया गया है, उसके सारे टिकट पहले ही बिक चुके हैं। हर कोई आना चाहता है, एक्टर से लेकर रिश्तेदार तक।
साथियों बात अगर हम महाशक्ति को हमारे पीएम के ऑटोग्राफ की जरूरत वाले अंदाज की करें तो, पीएम ने जी7 सम्मेलन में कई बड़े नेताओं से मुलाकात की है। उस मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ पीएम की एक बार फिर अलग ही बॉन्डिंग देखने को मिली। आलम ये रहा कि उनको कहना पड़ गया कि क्या उन्हें पीएम का ऑटोग्राफ चाहिए।असल में जी7 के साथ-साथ शनिवार को क्वाड की अहम मीटिंग भी हुई थी।
साथियों बात अगर हम पीएम का सम्मान, चरण शुगरप्रणाम की करें तो, पीएम तीन देशों के अपने दौरे के दूसरे चरण में रविवार (21 मई) को पापुआ न्यू गिनी पहुंचे जहां एयरपोर्ट पर प्रोटोकॉल का नियम तोड़कर पहुंचे वहां के पीएम ने हमारे प्रधानमंत्री के सम्मान में उन्हें दंडवत कर चरण छूकर प्रणाम किया जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है ऐसा टीवी चैनलों पर क्लियर दिखाई दिया। पीएम जापान से यहां पहुंचे, जहां उन्होंने जी-7 के शिखर सम्मेलन में भाग लिया और दुनियां के कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं, इससे पहले पीएम ने रविवार को जापान के हिरोशिमा शहर में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के सत्र में कहा था कि वह यूक्रेनमें मौजूदा हालातको राजनीति या अर्थव्यवस्था का नहीं, बल्कि मानवता एवं मानवीय मूल्यों का मुद्दा मानते हैं।उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के लिए सभी देशों का आह्वान किया। पीएम ने साथ ही यथास्थिति बदलने के एकतरफा प्रयासों के खिलाफ एक साथ मिलकर आवाज उठाने की पुरजोर वकालत की और कहा कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और एक-दूसरे की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए।
साथियों बात अगर हम 9-10 सितंबर 2023 के जी20 के सालाना शिखर सम्मेलन नई दिल्ली की करें तो, द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊंचाई दिखेगी।भारत और अमेरिका के बीच संबंधों के लिए जो आधार 2023 में तैयार होगा, उसी के बल पर 2024 में द्विपक्षीय संबंधों में एक नई ऊंचाई दिखेगी। दरअसल जो अमेरिकी राष्ट्रपति के जनवरी 2021 में अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद इस साल एक ऐसी घटना होने वाली है, जिससे भारत-अमेरिकी रिश्तों में और प्रगाढ़ता आएगी। जो बाइडेन के राष्ट्रपति बने दो साल से ज्यादा का वक्त हो गया है, लेकिन अभी तक वे भारत की यात्रा पर नहीं आए हैं। इस साल बतौर राष्ट्रपति पहली भारत यात्रा पर आने वाले हैं। भारत की अध्यक्षता में जी20 का सालाना शिखर सम्मेलन 9 और 10 सितंबर को नई दिल्ली में होगा। इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आएंगे और ये राष्ट्रपति के तौर पर उनका नई दिल्ली का पहला राजकीय दौरा भी होगा। इस संदर्भ में ही अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक विदेश मंत्री का बयान और भी ज्यादा प्रासंगिक हो जाता है।
अतः अगर हम उपरोक्त प्रकरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि इंडिया की धाक छाई – दुनियां कदमों में आई।पीएम का सम्मान – दंडवत हो चरण छूकर प्रणाम।भारत-अमेरिका संबंधों की घनिष्ठता बुलंदियों पर पहुंची।भारत-अमेरिका के बीच मज़बूती से प्रगाढ़य होते संबंधों से दुनिया में शांति और समृद्धि पर विश्वास बढ़ा है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

मानसिक प्रताड़ना का रामबाण इलाज | panacea for mental abuse

May 21, 2023

 मानसिक प्रताड़ना का रामबाण इलाज  वर्तमान की परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए और अपने आसपास के वातावरण के साथ ही

कुदरत की अद्भुत रचना पशुओं की देखभाल

May 21, 2023

आओ मूक पशुओं की देखभाल कर मानवीय धर्म निभाकर पुण्य कमाएं आओ कुदरत की अद्भुत रचना पशुओं की देखभाल और

Special on National Anti-Terrorism Day 21st May 2023.

May 20, 2023

उड़ी बाबा ! आतंकवादी , नक्सलवादी हमला ! राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस 21 मई 2023 पर विशेष। राष्ट्रीय हित के

अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस पर कविता| international yoga day

May 19, 2023

भावनानी के भाव अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस 2023 की उल्टीगिनती शुरू है योग व्यायाम सहित स्वास्थ्य विज्ञान है अंतर्राष्ट्रीय योगदिवस 2023 उल्टीगिनती

आदर्श कारागार अधिनियम 2023| Aadarsh karagar adhiniyam

May 19, 2023

अब बच के रहियो रे बाबा , अब लद गए जेल में भी सुखनंदन के दिन ! आदर्श कारागार अधिनियम

UN releases Global Economic Situation and Prospects report

May 18, 2023

संयुक्त राष्ट्र 2023 की मध्य तक वैश्विक आर्थिक स्थिति और संभावनाएं रिपोर्ट जारी भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक चमकता स्थान

PreviousNext

Leave a Comment