Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

भाई बहन का रिश्ता!

भाई बहन का रिश्ता! कभी दोस्ती तो कभी लड़ाई,एक दूजे से ना बात छुपाई,मुसीबत में कभी भाई काम आया, तो …


भाई बहन का रिश्ता!

कभी दोस्ती तो कभी लड़ाई,
एक दूजे से ना बात छुपाई,
मुसीबत में कभी भाई काम आया,
तो कभी बहन काम आई,
खुशनसीब होते हैं वह जिनके होते है बहन और भाई!

निराश होने पर, दिल में उम्मीद जगाई,
कितनी भी बहन हो जाए पराई,
इजहार करने से पहले, ही हर चीज दिलाई,
खुशनसीब होते हैं वह जिनके होते है बहन और भाई!

कितनी भी मुश्किलें जिंदगी लाई,
भाई बहन के रिश्ते में आचं ना आई,
कभी प्यार तो कभी मिली सख्ताई,
खुशनसीब होते हैं वह जिनके होते है बहन और भाई!

इस प्यारे से रिश्ते में , तो है सच्चाई,
करें हमेशा बहन के सामने उसकी बुराई,
दुनिया के सामने करें बहन की अच्छाई ,
खुशनसीब होते हैं वह जिनके होते है बहन और भाई!

अपनी बहना पर करे खर्च अपनी पहली कमाई,
हमेशा बहन भाई से कहे, तुझ में इतनी शैतानी कैसे आई,
और दुनिया के सामने कहे हीरो हे मेरा भाई,
खुशनसीब होते हैं वह जिनके होते है बहन और भाई!

हमेशा कहता है, कब होगी इसकी विदाई,
विदाई होते ही, सबसे पहले उसकी आंख भर आई,
आसानी से पार कर ले साथ में, हर कठिनाई,
खुशनसीब होते हैं वह जिनके होते है बहन और भाई

About author

डॉ. माध्वी बोरसे! ( स्वरचित व मौलिक रचना) राजस्थान (रावतभाटा)

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

अजय प्रसाद की रचनाएं

March 26, 2022

अजय प्रसाद की रचनाएं  हमसे हमारे ख्वाब न छीन काँटों भरी गुलाब न छीन ।जिंदा तो हूँ गफलत में सहीयादों

क्या आप अपने बच्चों को टॉपर बनने के लिए फोर्स करते हैं?

March 26, 2022

क्या आप अपने बच्चों को टॉपर बनने के लिए फोर्स करते हैं? जी अगर आप अपने बच्चे को, टॉपर बनने

कॉर्पोरेट में महिलाएं!-डॉ. माध्वी बोरसे!

March 26, 2022

कॉर्पोरेट में महिलाएं! हमारी काल्पनिक कथाओं ने बताया कि महिला अपने दस हाथों से परिवार का नेतृत्व करती है। दो

मेरा मन है एक बंजारा- वीना आडवाणी तन्वी

March 26, 2022

मेरा मन है एक बंजारा मेरा मन है एक बंजारा स्थिर नहीं ये फिरता मारामाराकभी प्राकृतिक सौंदर्य में फिरेतो कभी

हौंसले-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

हौंसले एक सुंदर नारीचल पड़ी गगन विहारीथा उसे उडना बहुतदूर दूर क्षितिज से भी दूरपंख थे छोटे और कोमलपार करेगी

जब वक्त थम सा गया-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

जब वक्त थम सा गया एक बार ही मिली नजरें तो दिल उसी पर आ गयामिलने के लिए उसी से

Leave a Comment