Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Rekha_shah

बेतार की बातें | kavita – Betar ki batein

बेतार की बातें जाने कैसे-कैसे महकती है यादें, साथ साथ चलतीदिल में तुम्हारी यादें , लब लरजते हैं कुछ कहने …


बेतार की बातें

बेतार की बातें | kavita - Betar ki batein
जाने कैसे-कैसे

महकती है यादें,
साथ साथ चलती
दिल में तुम्हारी यादें ,

लब लरजते हैं
कुछ कहने को,
बिना तार के ही
पहुंच जाती बातें ,

नींद तुम्हारे हिस्से
सकून की आयी,
करवट बदलकर
यहा गुजरती है रातें,

जाने किस फूल से
तरबतर है जज्बात ,
कभी-कभी महकती हैं
रातभर मदहोशी में सांसे,

जहां के नजर से
बचाने के इंतजाम ,
अपनी खुशनसीबी
किसी को क्यो बताते,

एक नजर से लरजते
दिल जिस्मों जान है,
जाने कहां से हो
ऐसी तुम नजर लाते,

About author

Rekha shah
रेखा शाह आरबी
बलिया (यूपी )
पता..
भीमसेन, गिरजा इलेक्ट्रॉनिस काशीपुर ,
जिला – पोस्ट -बलिया
(उत्तर प्रदेश)
पिन नंबर 277001

Related Posts

Hal-a-dil by Mahesh Ojha

October 7, 2021

 हाल-ए-दिल हाल अपना सुनाएं हम कैसे उन्हें, वो तो ग़ैरों की महफ़िल में रमे जा रहे। एक नज़र भी ना

Bhedbhav by Anita Sharma

October 7, 2021

 भेद भाव भेद भाव के रंग रूप में बंटा हुआ संसार है। * एक ईश की संतान सभी हैं। मत

Mai shapit hu by komal Mishra koyal

October 7, 2021

 मैं शापित हूँ घुट घुट कर मर जाने को मैं शापित हूँ हर बार जलाए जाने को नहीं कह पाती

Udan by Anita Sharma

October 7, 2021

 “उड़ान” मेरे घर घोंसला बनाकर, पंछी का जोड़ा आया रहने। रोज उसे तिनका-तिनका, लाते देखा करती अक्सर। आज अचानक आवाज़

Nari kitni aatmnirbhar hai by Jitendra Kabir

October 7, 2021

 नारी कितनी आत्मनिर्भर हैं? खुद के कमाए पैसे खर्च करने के लिए भी बहुत बार अपने पति  व घरवालों की

Pratiksha by Anita Sharma

October 7, 2021

 प्रतीक्षा तुम्हारे आने की प्रतीक्षा और बेसब्री, एक-एक दिन गिन-गिनकर कटता है। * उतावलापन और बढ़ती प्रतीक्षा, कितनी बेचैनी कितनी

Leave a Comment