Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

बादल – चन्दा नीता रावत

 ।।   बादल  ।। !! बादल तेरी   अनोखी कहानी  कभी चंचल कभी मनमानी कभी सतरंगी रूप निराली  नयन सुख मिल जानी …


 ।।   बादल  ।।

बादल  - चन्दा रावत

!! बादल तेरी 

 अनोखी कहानी 

कभी चंचल कभी मनमानी

कभी सतरंगी रूप निराली

 नयन सुख मिल जानी

 देख दृश्य ह्रदय  तृप्त हो जानी 

बादल तेरी अनोखी कहानी 

इंद्रधनुष रूप दिखानी

 छम छम करती बारिश  का पानी सागर तेरी आंचल में जिंदगानी 

दृश्य मनमोहन मोहित सफेद चादर छवि तेरी दीवानी नीले चादर मे बिखरती सतरंगी सूर्य किरणों की प्रकाशित मनमोहित कर जाना 

बादल तेरी अनोखी कहानी मनमोहित कर जानी!!

चन्दा  नीता रावत (Chanda Rawat)
 लंगपुरा औरंगाबाद वाराणसी


Related Posts

चल चला चल राही तू-डॉ माध्वी बोरसे!

December 4, 2021

चल चला चल राही तू! चल चला चल राही तू, मुसाफिर तू कभी रुकना ना,रुकना ना, कभी झुकना ना,तेरेते रह

ऐ उम्मीद -सिद्धार्थ गोरखपुरी

December 3, 2021

ऐ उम्मीद ऐ उम्मीद! मैं तुमसे छुटकारा चाहता हूँ। क्योंकि मैं खुश रहना ढेर सारा चाहता हूँ।तुम न होती तो

बेमानी- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

बेमानी उम्रभर देखी हैं ये दुनियां की रस्मेंन ही रवायतें हैं निभाने की कसमेंजब भूले गए थे वादे और तोड़ी

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल”-हेमलता दाहिया.

December 3, 2021

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल” बात बात में शामिल हैं,जाति धर्म के बोल.खोखले वादे खोल रहे हैं,हैं विकास

ना लीजिए उधार-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

ना लीजिए उधार! ना लीजिए उधार, बन जाओ खुद्दार,लाए अपनी दिनचर्या में, थोड़ा सा सुधार, अपने कार्य के प्रति, हो

स्वयं प्रेम कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

स्वयं प्रेम! स्वयं प्रेम की परिभाषा,बस खुद से करें हम आशा,स्वयं का रखें पूरा ख्याल,खुद से पूछे खुद का हाल!

Leave a Comment