Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

बहरूपिया-जयश्री बिरमी

बहरूपिया जब हम छोटे थे तो याद आता हैं कि एक व्यक्ति आता था जो रोज ही नया रूप बना …


बहरूपिया

बहरूपिया-जयश्री बिरमी
जब हम छोटे थे तो याद आता हैं कि एक व्यक्ति आता था जो रोज ही नया रूप बना कर आता था।कभी हनुमानजी बन कर आता था तो कभी महाकाली का रूप ले कर आता था।कोई न कोई पात्र को ले कर उसी के उपर वेशभूषा कर घर घर जाता था और बदले में भिक्षा पाता था। दुकानों में भी वही स्वरूप बना कर भिक्षा पाता था।जिसे देखने बच्चे तो बच्चे बड़े भी खड़े हो जाते थे।क्या हम इसकी करोना से तुलना कर सकते हैं?पहले आया तो अनजाना सा किसीने भी न देखा न सुना था।आया तो तूफान सा था।जिस से डर ज्यादा लगा था ,काल्पनिक राक्षस सा था ,जिसका रूप और रंग की हम सिर्फ कल्पना ही कर के रह गए थे।वास्तविक रूप का अता पता नहीं था एक वायका सा था ,जो बातें जैसे हवा के साथ बह कर पूरे विश्व में फेल गई।लेकिन भिक्षा में न जानें क्या क्या के गया और पीछे छोड़ गया आर्थिक नुकसान,सभी देशों ने लॉकडाउन लगाया और इंसानों को बंद करके रख दिया।फिर थोड़ी राहत हुई ,सोचा कि अब गया लेकिन जब वह फिर आया तो महा भयंकर रूप धर के आया तो विश्व के सभी देशों को आर्थिक,मंजिल और आर्थिक स्वरूप से ध्वंस कर कठूराघात कर गया।इस रूप ने तो आधे विश्व को अस्पतालों के दरवाजे पर पहुंचा दिया और कइयों को स्मशान के सुपुर्द कर दिया।इस भयंकर रूप कइयों को मानसिक रूप से विक्षिप्त कर के गया तो एक डर के साएं से बाहर तो आए लेकिन आहत तो रह गई कि ये वापस आया तो क्या होगा।उसे नाम दिया गया डेल्टा,जो एक भय अंकित कर गया।
और आया ओमिक्रोन एक और भयावह स्वरूप जो हवा सा फैलता हैं। फिर एक बार सब को आतंकित करने आया ये रूप क्या असर छोड़ के जायेगा उससे सभी अनजान हैं।ये राक्षसी रूप बच्चों को ग्रसित करने आ रहा हैं ऐसी धारणाएं बंध रही हैं।वैसे देखें तो बच्चें ही हर देश का भविष्य हैं और भविष्य ही घायल हो गया तो कल क्या होने जा रहा हैं इसे समझना आसान हो जायेगा। स्वास्थ का नुकसान तो हैं ही लेकिन इसके परिणाम स्वरूप आर्थिक और मानसिक नुकसान होने से कोई नहीं रोक पायेगा।उत्पादों में कमी आ जायेगी,वह चाहे खेत हो या औद्योगिक हो,इसकी वजह से महंगाई खूब बढ़ जाएगी,भुखमरी और गरीबी बेहिसाब बढ़ जाएगी।
वैसे विज्ञान कहता हे कि कोई भी दवाई की साइड इफेक्ट क्या और कैसी होगी उसका जायजा तभी पता लगता हैं जब १० साल उपयोग करके उसके द्वारा होने वाले लाभ और हानी का वैज्ञानिक तरीके से अवलोकन किया जाएं।अभी तो हम सिर्फ तत्कालीन लाभ के लिए दवाई या वैक्सीन ले लेते हैं बाद में वयस्क,युवा और बच्चें जिन्होंने दवाईयां या वैक्सीन ली हैं उनके स्वस्थ के ऊपर इस सारवार क्या असर होगा ये तो सिर्फ समय ही बताएगा।
अभी तो हमें इस बहरपिया बीमारी से बचने के लिए करोना अनुरूप व्यवहार का अनुसरण करके अपने आप को बचाना होगा ,यही एक रास्ता हैं कि हम बचें रहे।वैसे भी कई देशों पाश्चात्य देशों की जनसंख्या मिलाने के जितनी जनसंख्या होती हैं,उतनी जनसंख्या वाला अपने देश में आई ऐसी मुसीबतों से लड़ना आसान बात नहीं है।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

Kavita :बेशुमार इश्क | Beshumar ishq

October 8, 2023

बेशुमार इश्क सुनो दिकु…… मेरी यह बेकरारी, मेरा ये जुनूनवो मेरी तड़पन, बन्द आखों में  तुम्हारी गोद में सर रखने

करवा चौथ पर कविता

October 6, 2023

करवा चौथ भूख नहीं लगती है स्त्री को, करवाचौथ निभाने में,चाहे कितनी देर लगा ले चाँद आज नज़र आने में,उम्र

कविता –रौंद मुझे हंसने वाले

October 6, 2023

रौंद मुझे हंसने वाले मेरे लबों कि मुस्कुराहट लगता अब तो जैसे कहीं खो गई।यूं लगे मुझको की मेरी कलम

कविता -मेरी आवाज़ | meri aawaz kavita

October 4, 2023

कविता -मेरी आवाज़ | meri awaz kavita सुनो दिकु…. एक दिन वह सवेरा ज़रूर आएगाजो तुम तक मेरी आवाज़ पहुंचाएगा

कविता –उम्मीद | kavita -ummid

September 26, 2023

उम्मीद  जीवन की राह मेंएक युद्ध सा लड़ता जाता हूं उम्मीद बहुत ज्यादा की मुझे हाथ में कुछ नही पाता

कविता – नारी | kavita Naari| naari par kavita

September 23, 2023

कविता – नारी | kavita Naari| Naari par kavita  जिम्मेदारियों का बोझ जिसके सरहोता हैवही जानता है कैसे गुजर –

PreviousNext

Leave a Comment