Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, vijay_lakshmi_pandey

बस्ते के बोझ से दबा जा रहा बचपन

बस्ते के बोझ से दबा जा रहा बचपन नन्हीं सी पीठ पर बस्ते का बोझ हैदब रहा है बचपन लूट …


बस्ते के बोझ से दबा जा रहा बचपन

नन्हीं सी पीठ पर बस्ते का बोझ है
दब रहा है बचपन लूट पाट रोज है

बरते व पाटी पर लिखना सिखाया
गुरूजी नें हमको ककहरा पढ़ाया

गुरुओं का आदर माँ पिता की सेवा
करोगे अगर तो मिलेगा मेवा

चुनकर के लिखते लगाते सवाल थे
हम भी तो एम ए कर गए पास थे

देशज थी डिग्री पाठ मगर वही था
टूटनें से बची पीठ बचपन सुखी था

फ़ीसआधी माफ़ बेहतर व्यवस्था
छात्रों का फंड कोई मिलता सुरक्षा

लूटपाट मच गई सारे स्कूल में अब
बस्ते के बोझ से दबा जा रहा बचपन।।

About author

vijay-lakshmi-pandey
विजयलक्ष्मीपाण्डेय
स्वरचित मौलिक रचना
आजमगढ़,उत्तर प्रदेश


Related Posts

Pyar bhara Geet by Anita Sharma

November 7, 2021

 प्यार भरा गीत एक प्यार का गीत सुना दो, बंसी की मधुर तान सुना दो। मोहन गोपियों संग राधा अकु

Raunak laut aae by Anita Sharma

November 7, 2021

 रौनक लौट आई लम्बे अरसे के बाद सही पर……रौनक लौट रही। सज रहे बाजार  बहुत समय के बाद । घरों

Chunav ka mausam by Anita Sharma

November 7, 2021

 चुनाव का मौसम लो चुनाव का समय आया छीटा कशी व्यंग्य का दौर। * सबको अपनी कुर्सी का मोह चुनाव

Deep sang Noor damka by Anita Sharma

November 7, 2021

 दीप संग नूर दमका  दीपो संग चेहरे पर नूर दमका है। कहीं सजना का प्यार छलका है । उनकी नजरों

Bhaiya dooj by Sudhir Srivastava

November 7, 2021

 भैयादूज कार्तिक मास शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को भैया दूज होता है, इसी दिन चित्रगुप्त जी का पूजन भी होता

Suhagin by Anita Sharma

November 7, 2021

सुहागिन चेहरे पर मुस्कान बताती आल्हादित मन झूम रहा। सदा सलामत रहे खुशियाँ  दुआ यही ईश्वर से मेरी। चेहरे पर

Leave a Comment