Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

बढ़ती उम्र का तकाज़ा

 बढ़ती उम्र का तकाज़ा बढ़ती उम्र के साथ सतर्कता का ध्यान रखना ज़रूरी – बुढ़ापा जवानी नहीं लाता, जवानी बचपन …


 बढ़ती उम्र का तकाज़ा

बढ़ती उम्र का तकाज़ा

बढ़ती उम्र के साथ सतर्कता का ध्यान रखना ज़रूरी – बुढ़ापा जवानी नहीं लाता, जवानी बचपन नहीं लाती 

उम्र के बढ़ने के साथ सेहत में भी बदलाव आते हैं – सेहत का ध्यान रखने फिटनेस टिप्स, घरेलू उपाय और तनाव से दूर रहना ज़रूरी – एड किशन भावनानी 

गोंदिया – कुदरत द्वारा बनाई इस अनमोल सृष्टि में मानवीय जीवन की रफ्तार इतनी तेज़ हो गई है कि सुबह से शाम तो क्या बचपन से पचपन तक कैसे पहुंच गए पता ही नहीं चलता!!! वर्तमान परिपेक्ष में बढ़ती जीवन चक्र की प्रक्रिया में संघर्षों, खुशियों, दुखों, रोजी-रोटी, घर परिवार, सांसारिक मोह माया इत्यादि अनेक क्रियाओं के चक्कर में अधिकतम मानवी जी ऐसे उलझ गए हैं कि उन्हें अपने शरीर,बढ़ती उम्र का तकाज़ा ही नहीं रहा!!! हालांकि सच्चाई यह है कि बढ़ती उम्र के साथ-साथ सतर्कता का ध्यान रखना अत्यंत ज़रूरी है। यूं समझो बुढ़ापा जवानी नहीं, लाता जवानी बचपन नहीं लाती!!!इसलिए उम्र के बढ़ने के साथ सेहत में भी बदलाव आते हैं। सेहत का ध्यान रखना, फिटनेस टिप्स, घरेलू उपाय और तनाव से दूर रहना अत्यंत जरूरी है। 

साथियों बात अगर हम चालीस प्लस उम्र की करें तो आपकी उम्र चालीस वें पड़ाव पर पहुंच चुकी है और चालीस की उम्र पर पहुंचने का मतलब है अपनी सेहत का पहले से अधिक ध्यान रखना। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती रहती है वैसे-वैसे सेहत में भी बदलाव आते रहते हैं।साथियों संभव हो तो हमें निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए (1) बढ़ती उम्र के साथ-साथ शरीर में विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन और एंटीआक्सीडेंट की कमी महसूस होने लगती है। इसलिए भोजन में ऐसी चीजों को अधिक शामिल करें, जो इन सभी पोषक तत्वों की आपूर्ति कर सके।(2) अत्यधि‍क गुस्सा और चिंता करने से बचें, साथ ही शारीरिक श्रम भी उतना ही करें, जितना आपके स्वास्थ्य के लिए सही हो। अत्यधिक परिश्रम करने से बचें। (3) बेहतर होगा कि चालीस से अधि‍क उम्र होने पर, आप अपनी आदतों और दिनचर्या में बदलाव लाएं। इस अवस्था में आपका शरीर उतना स्वस्थ और उर्जावान नहीं होता। अपने खान-पान और दिनचर्या में बदलाव कर आप उर्जा के साथ ही लंबी उम्र भी पा सकते हैं। (4) घर पर बने पौष्टिक सूप आपकी सेहत के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। भोजन के बीच में भूख लगने पर आप इनका सेवन कर सकते हैं। (5) चालीस से अधिक उम्र वालों के लिए एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लेना बेहद आवश्यक है। इसलिए हरी सब्ज‍ियां, वेजिटेबल जूस, सलाद, फल, ग्रीन-टी आदि का सेवन अवश्य करें। (6) इस समय आपके शरीर के सभी अंगों और मांसपे‍शि‍यों ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए खान -पान को बैलेंसरखें ताकि आपका लिवर सुरक्षित रहे और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर कर सके। (7) चालीस की उम्र के बाद अक्सर छोटी- छोटी बातों का तनाव और चिड़चिड़ापन होता है साथ ही दिमाग भी कमजोर होने लगता है। इसके लिए योगा, व्यायाम, मेडिटेशन, संगीत को अपनी दिनचर्या में शामि‍ल करें। साथ ही वह काम करें जिसे करने में आपको आनंद आता है और जिसमें आपका मन लगता है। (8) साबुत अनाज को अपने भोजन में शामिल करें और फलों का भरपूर सेवन करें। इत्यादि के अलावा और भी आने की टिप्स है जिनकी सहायता से सतर्कता बरती जा सकती है।

साथियों बात अगर हम पचास प्लस उम्र की करें तो, पचास साल की उम्र के बाद कुछ कारक हो सकते हैं, जिनके कारण भोजन का सेवन कम हो सकता है। इसमें शामिल है भूख की कमी, स्वाद या गंध पहचानने की कमी, चबाने या निगलने में कठिनाई, शारीरिक शक्ति या गतिशीलता की कमी, गंभीर बीमारी या दवाओं का सेवन, भावनात्मक स्थिति, वित्तीय सुरक्षा शामिल आदि। 

पचास साल या इससे ज्यादा की उम्र के लोगों को समझना जरूरी है कि उन्हें क्या करना चाहिए क्या नहीं। आसानी से पचने वाले, आसानी से अवशोषित होने वाले, छोटे-छोटे टुकड़ों में लगातार भोजन लें। शक्कर, मीठे पेय पदार्थ, अनडाइल्यूटेड जूस के सेवन को कम करें। फलों को प्राथमिकता दें। अपने आहार में बहुत सारे तरल पदार्थ शामिल करें, क्योंकि वे आपको हाइड्रेटेड रखते हैं और पाचन बेहतर करते हैं। रिफाइन्ड अनाज और दालों की जगह साबुत अनाज और दालों का इस्तेमाल करें। आहार में फाइबर की संरचना मध्यम होनी चाहिए। शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। हर दिन के भोजन में मौसमी फलों के दो-तीन सर्विंग्स शामिल करने चाहिए। 

साथियों बात अगर हम माननीय पीएम द्वारा दिनांक 27 मार्च 2022 को मन की बात की 87वीं कड़ी में 126 वर्षीय बाबा शिवानंद के उल्लेख की करें तो उनके फिटनेस के बारे में उन्होंने कहा, हाल ही में हुए पदम् सम्मान समारोह में आपने बाबा शिवानंद जी को ज़रुर देखा होगा। 126 साल के बुजुर्ग की फुर्ती देखकर मेरी तरह हर कोई हैरान हो गया होगा और मैंने देखा, पलक झपकते ही, वो नंदी मुद्रा में प्रणाम करने लगे। मैंने भी बाबा शिवानंद जी को झुककर बार-बार प्रणाम किया। 126 वर्ष की आयु और बाबा शिवानंद की फिटनेस, दोनों, आज देश में चर्चा का विषय है। मैंने सोशल मीडिया पर कई लोगों का कॉमेंट देखा, कि बाबा शिवानंद, अपनी उम्र से चार गुना कम आयु से भी ज्यादा फिट हैं। वाकई, बाबा शिवानंद का जीवन हम सभी को प्रेरित करने वाला है। मैं उनकी दीर्घ आयु की कामना करता हूँ। उनमें योग के प्रति एक पैशन है और वे बहुत हैल्थी लाइफस्टाइल  जीते हैं।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि बढ़ती उम्र का तकाज़ा है!! बढ़ती उम्र के साथ सतर्कता का ध्यान रखना अत्यंत ज़रूरी है। बुढ़ापा जवानी नहीं लाता!!जवानी बचपन नहीं लाती!!उम्र के बढ़ने के साथ सेहत में भी बदलाव आता है। सेहत का ध्यान रखने, फिटनेस टिप्स, घरेलू उपाय और तनाव से दूर रहना ज़रूरी है।

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

शासकीय ठप्पे वाली वस्तुओं की हेराफेरी करता हूं | shaskeeye thappe wali vastuon ki heraferi karta hun

December 11, 2022

यह कविता अनाज सीमेंट इत्यादि शासकीय अलॉटमेंट वाली वस्तुओंं पर केंद्र या राज्य सरकार के ठप्पे लगे रहते हैं ।परंतु

क्या यह मूल्यों की कमी या लालच का प्रसार है, जो देश में भ्रष्टाचार की ओर ले जाता है?

December 10, 2022

क्या यह मूल्यों की कमी या लालच का प्रसार है, जो देश में भ्रष्टाचार की ओर ले जाता है? हमारे

भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहेंगे| bhrastachar ki pol kholte rahenge

December 10, 2022

 यह  व्यंग्यात्मक कविता वर्तमान में असफ़ल हुए उम्मीदवारों और पार्टी के भाव कविता के माध्यम से प्रस्तुत है। व्यंग्य कविता–भ्रष्टाचार

वाइब्रेंट बॉर्डर – विलेज़ टूरिज्म – टूरिज्म डेस्टिनेशन | vibrant border-Village tourism- tourism destination

December 10, 2022

 यह आर्टिकल वाइब्रेट बॉर्डर विलेज टूरिज्म-टूरिज्म डेस्टिनेशन। भारत की जी-20 अध्यक्षता देश के प्रत्येक हिस्से की विशिष्टताओं को दुनिया के

नानक दुखिया सब संसार | nanak dukhiya sab sansar

December 10, 2022

यह आर्टिकल,आओ जीवन में अच्छे बुरे दोनों दिनों का शुक्राना अदा करें।जीवन के हर बीते हुए दिन का शुक्राना अदा

व्यंग्य कविता–मैं भ्रष्टाचारी कहलाता हूं| Mai bhrastachari kehlata hun

December 10, 2022

 यह  कविता भ्रष्टाचार पर व्यंग्यात्मक कुटिल कटाक्ष है।जिसका परिणाम बच्चों बीवी मां सहित परिवार की बीमारी से निकलता है।जिसका संज्ञान

Leave a Comment