Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

बढ़ती आधुनिक सुविधाएं – गिरता स्वास्थ्य

 बढ़ती आधुनिक सुविधाएं – गिरता स्वास्थ्य  बढ़ती आधुनिक सुविधाओं से गिरता मानवीय स्वास्थ्य और बदलते स्वभाव को रेखांकित करना ज़रूरी  …


 बढ़ती आधुनिक सुविधाएं – गिरता स्वास्थ्य 

एड किशन भावनानी

बढ़ती आधुनिक सुविधाओं से गिरता मानवीय स्वास्थ्य और बदलते स्वभाव को रेखांकित करना ज़रूरी 

बढ़ती आधुनिक सुविधाओं पर निर्भरता के साथ शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना समय की मांग – एड किशन भावनानी 

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर वर्तमान प्रौद्योगिकी युग में सुविधाओं, सरलताओं, उपायों की ऐसी झड़ी लग गई है कि आज मानवीय जीवन इन सुविधाओं का पंगु बन गया है!! स्थिति यहां तक हो गई है कि एक छोटे से केलकुलेटर, कंप्यूटर, वाहन जैसी सुविधाओं के बिना जीवन थम सा जाता है क्योंकि हम इसके आदि हो चुके हैं!! हम आज चार कदम आगे पैदल नहीं जाना चाहते छोटे छोटे कैलकुलेशन करना है तो केलकुलेटर, कंप्यूटर के बिना हम नहीं कर पाते हमें मनन चिंतन करना जरूरी है कि हमारे स्वास्थ्य पर कितना विपरीत प्रभाव पड़ रहा है इस आधुनिक जीवन शैली में हमनें अपने शरीर की फिक्र करना छोड़ दिए हैं जिससे अपेक्षाकृत अधिक बीमारियों से अब हम ग्रस्त हुए हैं 

साथियों बात अगर हम पुराने जमाने की करें तो हम कई किलोमीटर पैदल और साइकल से जाते थे, ऑफिशियल व्यवहारिक, सामाजिक, घरेलू और दैनिक जीवन के कई कार्य हम मानवीय काया से ही भरपूर लेते थे जिससे यह हमारा मानवीय शरीर जो कि एक जटिल प्राकृतिक मशीन है सुचारू रूप से कार्य संचालन में होता था, खानपान उस तरह के थे जो हमारे शरीर को तत्वों से भरपूर पौष्टिकत देते थे जिसका स्थान आज जंक फूड ने ले लिया है!! हम जब छोटे थे तो घर के आंगन, मोहल्ले, कॉलोनियों में दिनभर खेलते कूदते रहते थे, आज समय ऐसा आ गया है कि बच्चे दिनभर स्कूल कार्य या मोबाइल एप्स से खेलते हैं और घर ही बैठे रहते हैं अपना समय निकालते हैं, मम्मीयां उन्हें बाहर खेलने जाने के लिए विनंतीयां तक करती है परंतु बच्चा बाहर जाने की बचाए कंप्यूटर गेम, मोबाइल गेम में ही बिजी रहता है जिससे आज स्वास्थ्य पर और स्वभाव पर असर होना स्वाभाविक है। 

साथियों बात अगर हम इस प्राकृतिक मानवीय शरीर की करें तो, हमारा शरीर एक जटिल मशीन है। यह अपने पोषण के लिए पूरी तरह से प्रकृति पर निर्भर है। जैसे-जैसे हम रोजाना काम करते हैं और अपनी दिनचर्या करते हैं, वैसे-वैसे हमारे शरीर के तत्वों को टूट-फूट का सामना करना पड़ता है। इस बर्तन और आंसू को शरीर के तत्वों की अच्छी गुणवत्ता और मात्रा द्वारा प्रतिस्थापित किया जाना है। अगर इन शरीर तत्वों को अच्छी गुणवत्ता और तत्वों की मात्रा से बदल दिया जाए तो हमारा शरीर स्वस्थ हो जाता है और हमारे शरीर में कोई सप्ताह का लूप नहीं रहता है। लेकिन अगर शरीर के इन तत्वों को अच्छी गुणवत्ता और मात्रा से नहीं बदला जाता है, तो हमारे शरीर में वीक लूप रह जाते हैं और वह हिस्सा हमारे शरीर में तनाव और विकृति पैदा करने लगता है। यह तनाव की शुरुआत है। 

साथियों बात अगर हम आधुनिक जीवन शैली की करें तो, आधुनिक जीवन शैली ने लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाला है। कम मेहनत और चिकनाई युक्त भोजन लोगों को अस्वस्थ बना दे रहा है। अस्पताल में सुविधाओं की कमी नहीं है फिर भी रहन सहन में लापरवाही के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है। साथियों खुद को स्वस्थ्य रखने के लिए लोग अनेक प्रकार के नुस्खे अपना रहे हैँ। कोई योग तो कोई व्यायाम और कोई मार्निंग वॉक कर फिट रहने का प्रयास करता है। इसके बावजूद लोग पूरी तरह से स्वस्थ नहीं रह पा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सब कुछ के बावजूद दिनचर्या का अनियमित होना लोगोें के बीमार रहने का प्रमुख कारण है। न तो समय पर नाश्ता हो रहा है और न ही किसी को समय पर खाना खाने की फुर्सत है लिहाजा बीमारियां शरीर को घेर रही हैं, वे आधुनिक जीवन शैली को अस्वस्थता का प्रमुख कारण मानते हैं। कहते हैं देर रात तक जागना और देर तक सोना भी अपने आप में बीमारी के लक्षण पैदा करते हैं। 

हमें चाहिए कि हम इस आधुनिक युग में आधुनिक जीवन शैली के साथ ठीक समय पर जागे, ठीक समय पर व्यायाम करें, ठीक समय पर भोजन करें, पढ़ाई करें, खेलकूद करें और ठीक समय पर ही विश्राम करें। हमारी जीवनशैली एकदम ठीक होना चाहिए तभी हम अपने आप को सुखी रख पाएंगे तभी हम जीवन में सफल हो पाएंगे और स्वस्थ रह पाएंगे। 

साथियों बात अगर हम आधुनिक सुविधाओं से लाभ हानि की करें तो, सुविधाजनक प्रक्रियाएं, उत्पाद और सेवाएं वे हैं जिनका उद्देश्य पहुंच में आसानी बढ़ाना, संसाधनों को बचाना (जैसे समय , प्रयास और ऊर्जा ) और निराशा को कम करना है। एक आधुनिक सुविधा एक श्रम -बचत उपकरण, सेवा या पदार्थ है जो किसी कार्य को पारंपरिक पद्धति की तुलना में आसान या अधिक कुशल बनाती है। सुविधा एक सापेक्ष अवधारणा है, और संदर्भ पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, ऑटोमोबाइल को कभी एक सुविधा माना जाता था, फिर भी आज इसे जीवन का एक सामान्य हिस्सा माना जाता है।

तकनीक तो ठीक, लेकन इंटरनेट के उपयोग से शिक्षा सहित चिकित्सा, विज्ञान से लेकर ऑनलाइन बैंकिंग, ई कॉमर्स, एम कॉमर्स सुविधा, संचार और मनोरंजन, डाटा शेयरिंग तथा ऑनलाइन बुकिंग जैसे अनेक क्षेत्रों में सर्च इंजन की सहायता से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। ऐसे में आज देश-दुनिया के लाखों लोग, छोटे बच्चों और युवाओं सहित इंटरनेट के साथ फेसबुक, ट्विटर, मीडिया प्लेयर और कंप्यूटर गेम जैसी अनेक सुविधाओं से लैस हो गए हैं। सरकार भी घर-घर से इसे जोडऩे में दिलचस्पी ले रही है। लेकिन ऑनलाइन गेम, मुवी, गाने आदि ने पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की दिनचर्या भी बिगाड़ दी है। 

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि बढ़ती आधुनिक सुविधाएं – गिरता स्वास्थ्य!! बढ़ती आधुनिक सुविधाओं से गिरते मानवीय स्वास्थ्य और बदलते स्वभाव को रेखांकित करना ज़रूरी है। बढ़ती आधुनिक सुविधाओं पर निर्भरता के साथ शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना समय की मांग है। 

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

Hindi divas 14 september lekh by Mamta Kushwaha

September 13, 2021

हिन्दी दिवस-१४ सितम्बर   जैसा की हम सभी जानते है हिन्दी दिवस प्रति वर्ष १४ सितम्बर को मनाया जाता हैं

maa ko chhod dhaye kyo lekh by jayshree birmi

September 13, 2021

 मां को छोड़ धाय क्यों? मातृ भाषा में व्यक्ति अभिव्यक्ति खुल के कर सकता हैं।जिस भाषा सुन बोलना सीखा वही

Hindi maathe ki bindi lekh by Satya Prakash

September 13, 2021

हिंदी माथे की बिंदी कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, साक्षर से लेकर निरीक्षर तक भारत का प्रत्येक व्यक्ति हिंदी को

Jeevan aur samay chalte rahenge aalekh by Sudhir Srivastava

September 12, 2021

 आलेख        जीवन और समय चलते रहेंगें              कहते हैं समय और जीवन

Badalta parivesh, paryavaran aur uska mahatav

September 9, 2021

बदलता परिवेश पर्यावरण एवं उसका महत्व हमारा परिवेश बढ़ती जनसंख्या और हो रहे विकास के कारण हमारे आसपास के परिवेश

Jungle, vastavikta he jiski khoobsurati hai

September 9, 2021

 Jungle, vastavikta he jiski khoobsurati hai जंगल स्वतंत्रता का एक अद्वितीय उदाहरण है, जहां कोई नियम नहीं , जिसकी पहली

Leave a Comment