Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

mainuddin_Kohri, poem

बटवारो-नाचीज़ बीकानेरी

बटवारो आंख्याडब-डब भरसुबक – सुबकरोवती मां,म्हनैं कांई ठाअ’ दिन भी देखणा पड़सी । घणा दौरा पाळयाछाबड़ै में नागड़ाआज मूंडो टोडीयो …


बटवारो

बटवारो-नाचीज़ बीकानेरी

आंख्या
डब-डब भर
सुबक – सुबक
रोवती मां,
म्हनैं कांई ठा
अ’ दिन भी
देखणा पड़सी ।
घणा दौरा
पाळया
छाबड़ै में नागड़ा
आज मूंडो टोडीयो देंई
कर चालै
बोलण रा- इ सांसा ।
म्हारै घर रो
तो
घरकोलियो
कर नाख्यो
म्हारी आंख्यां
रै सामी
अ ‘ टोगड़िया
लड़सी ।
इय्यै घर नै
दोरो घणो, पेट नै
रोस- रोस सिंच्यो
सजाओ- संवारयो
आज म्हारी
आंख्यां रै सामैं
घर में भींता पड़सी ।
घर रो धणी
सामै बैठो
टुगर-टुगर
जोवै
आंख्यां सूं
टळक-टळक आंसू ।
ठंडो निसखारो
नाख्तो
गळगळो हुय
अबै थारो-म्हारो
बंटवारों भी
हुंवसी …..…… !

नाचीज़ बीकानेरी मो-9680868028


Related Posts

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन ! कोई कोई तहजीब, सलीका, अदब नहीं खोता,सर झुकाता हुआ हर शख्स बेचारा नहीं होता!

मिट्टी का कर्ज- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 मिट्टी का कर्ज खूबसूरत है नजारालग रहा है प्यारा इस मिट्टी का कर्ज हैचुकाना हमारा फर्ज  है प्यारे गगन हमें

साहिल- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 साहिल ओ मेरे मन के मीत दिल लिया क्यों जीत निश्छल है मेरी प्रीत रेजीवन की है ये रीत सदा

आह्वान- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

आह्वान मद्यपान निषेध मेरे देश के नौजवानोंतू है मौजों की रवानीहै भारत माँ के लाल वेशकीमती तेरी जवानीमद्यपान नहीं जिन्दगानीबीड़ी

देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 देशरत्न डॉ.राजेन्द्र प्रसाद विभूति सादगी के किया सुशोभित देशऱत्न प्रथम राष्ट्रपति के ऊँचे पद मुस्कान भरी मुखमंडल परअंकुरित न हो सके

बच्चन जी- सुधीर श्रीवास्तव

December 3, 2021

बच्चन जी सत्ताइस नवंबर उन्नीस सौ सात कोकायस्थ कुल में पैदापिता प्रताप नारायण के घरमां सरस्वती देवी की कोख सेप्रतापगढ़

Leave a Comment