Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

बजट 1 फ़रवरी 2023 से उम्मीदें – मनी लांड्रिंग के 4 कानूनों में लीकेजेस उपाय ज़रूरी

बजट 1 फ़रवरी 2023 से उम्मीदें – मनी लांड्रिंग के 4 कानूनों में लीकेजेस उपाय ज़रूरी डिजिटल इंडिया भ्रष्टाचार और …


बजट 1 फ़रवरी 2023 से उम्मीदें – मनी लांड्रिंग के 4 कानूनों में लीकेजेस उपाय ज़रूरी

बजट 1 फ़रवरी 2023 से उम्मीदें - मनी लांड्रिंग के 4 कानूनों में लीकेजेस उपाय ज़रूरी

डिजिटल इंडिया भ्रष्टाचार और ब्लैक मनी का काल बना

भारत में मनी लांड्रिंगके 4 कानूनों की सख़्ती नें भ्रष्टाचारियों ब्लैकमनी धारकों की कमर तोड़ी – कैश, गोल्ड घर पर रखने के सटीक उपाय

कानूनों के सख्त क्रियान्वयन करने का ज़ज्बा और जांबाज़ी सरकारों में हो तो भारत फिर सोने की चिड़िया शीघ्र बनेगा – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – भारत में कुछ वर्षों से मीडिया के माध्यम से हम देख सुन रहे हैं कि बड़े-बड़े सफेदपोश अधिकारी नेता उद्योगपतियों पर विभिन्न कानूनों के अंतर्गत सख्त कार्यवाही हो रही है और उनका अवैध, अज्ञात स्त्रोतों से जमा की गई ब्लैक मनी बरामद हो रही है, तो कुछ लोग डर के मारे देश छोड़कर भाग खड़े हुए हैं। अभी हाल ही में कुछ महीनों से और दो दिन पहले भी हमने देखे किस तरह नोटों का पहाड़ मंत्री, सांसद, विधायक के घरों से ईडी ने बरामद किए हैं और बीते दिनों में नामी-गिरामी नेतागण ईडी कार्यालय के चक्कर उनको मिले पूछताछ के सम्मन पर लगा रहे हैं।फिर भी जनता को यह उम्मीद है कि मनी लांड्रिंग के चारों कानूनों में उनके लीकेजेस पर संभवतः सख़्ती के उपाय ज़रूर होंगे।
साथियों हालांकि ऐसा नहीं है कि यह कानून अभी बने हैं परंतु यह बात जरूर है कि इन कानूनों का सख्त क्रियान्वयन उस सख़्ती से नहीं किया गया था जो अब किया जा रहा है और जिन सरकारों के कार्यकाल में यह कानून बने थे अब उन्हीं के गले की फांस बनते जा रहे हैं परंतु आज मुद्दा भारत में मनी लांड्रिंग के 4 कानूनों के सख्त क्रियान्वयन नें भ्रष्टाचार और ब्लैक मनी धारकों की कमर तोड़ दी है, उसका श्रेय कुछ हद तक डिजिटल इंडिया को भी देना ज़रूरी है क्योंकि संस्कृति के श्लोकों में भी आया है कि, अद्य सम्पूर्णविश्वे डिजिटलइण्डिया इत्यस्य चर्चा श्रूयते। हिन्दी: आज पुरी दूनियाँ मे डिजिटलइण्डिया इसकी चर्चा सुनी जाती है। अब यह भ्रष्टाचारियों और ब्लैक मनी वालों के लिए गले की फांस बन गया है अब हर व्यक्ति कैश और गोल्ड घर पर कितना और कैसे रख सकते हैं इस संबंध में जानकारी जुटा रहे हैं इसीलिए आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम इसी मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
साथियों बात अगर हम डिजिटल इंडिया भ्रष्टाचार और ब्लैकमनी का काल बनने की करें तो, लद गए वो दिन जब सारा काम मैनुअल होता था, बैक डेट में एंट्री, जाली नाम, जाली इंट्री, लंदफ़द के अनेक काम होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता था, परंतु आज डिजिटल युग में हर काम में पारदर्शिता, किसी इंट्री का अगला पिछला पूरा डाटा एक क्लिक करने पर उसकी हिस्ट्री निकल जाती है तो अब गबन करना कच्चे चने चबाने से अधिक भारी हो गया है और दुर्लभ होता जा रहा है, हम महसूस करते होंगे कि भ्रष्टाचारियों की आधी कमर तो टूट गई है बाकी आधी कमर मनी लांड्रिंग के 4 कानूनों के सख्त क्रियान्वयन से टूटेगी।
साथियों बात अगर हम उन चार सख़्त कानूनों की करें तो यह कानून आजकल में नहीं बने हैं बल्कि ध्यान रहे कि कि (1) प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए),2002 में बनाया गया था, लेकिन इसे 1 जुलाई 2005 से लागू किया गया,27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में पीएमएलए के तहत संपत्तियों को जब्त करने और अटैच करने की, ईडी की शक्ति को बरकरार रखा था (2) फेमा और फेरा अधिनियम इसे हवाला मामलों पर रोक के लिए बनाया गया है ताकि इसका इस्तेमाल मनी लांड्रिंग गतिविधियों और टेरर फंडिंग में ना हो सके (3) इंडियन कस्टम एक्ट 1962 इसमें सरकारी अनुचित इंपोर्ट एक्सपोर्ट और एक्सपोर्ट की गलत जानकारी और क्राइम के लिए सख्त नियम हैं कठोर, कठोर दंड, कारावास है (4) इनकम टैक्स एक्ट 1961 जिसका हर साल समय और परिस्थितियों के अनुसार बजट में फाइनेंस एक्ट के आधार पर संशोधित किया जाता है,यह टैक्स चोरी और मनी लांड्रिंग के लिए सक्षम हैं, फिर भी आने वाले बजट 1 फरवरी 2023 से उम्मीदें हैं कि मनी बढ़ने के इन चारों कानूनों में लीकेजेस पर उपाय जरूर होंगे। इन चारों कानूनों का सख्ती से पालन किया जाए तो भारत में धन की वर्षा का ठिकाना नहीं रहेगा और भारत का सोने की चिड़िया होना निश्चित रहेगा।
साथियों बात अगर हम हर व्यक्ति को इन कानूनों से खौफ नहीं खाने और कैश, गोल्ड घर पर रखने के उपायों की करें तो नियमों के मुताबिक, एक बार में 50, हज़ाररुपए से ज्यादा कैश जमा करने या निकालने पर पैन कार्ड नंबर देना जरूरी है। कैश में पे-ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट भी बनवा रहे हैं तो पे ऑर्डर-डीडी के मामले में भी पैन नंबर देना होगा। वहीं 20 हजार रुपये से ऊपर कैश में लोन नहीं लिया जा सकता है। मेडिकल खर्च में 5 हज़ार रुपये से ज्यादा कैश में खर्च करने पर टैक्स में छूट नहीं मिलेगी। 50 हजार रुपये से ऊपर की रकम फॉरेन एक्सचेंज में नहीं बदली जाएगी। कैश में 2 हज़ार रुपये से ज्यादा का चंदा या दान नहीं दिया जा सकता है। बिजनेस के लिए 10 हजार रुपये से ऊपर कैश में खर्च करने पर रकम को आपके मुनाफे की रकम में जोड़ी जाएगी। 2 लाख रुपये से ऊपर कैश में कोई खरीदारी नहीं की जा सकती। बैंक से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश निकालने पर टीडीएस लगेगा। नए नियमों के अनुसार घर में कितनी भी कैश रख सकते हो परंतु रखे कैश का सोर्स बताना अब जरूरी है। अगर कोई इसकी जानकारी नहीं दे पाता है तो उसे 137 फ़ीसदी तक पेनाल्टी देनी पड़ सकती है।
साथियों बात अगर हम घर पर सोना रखने की करें तो, सोना रखने का नियम भारत में वर्तमान में जारी सरकारी दिशा निर्देशों और नियमकायदों के मुताबिक देश में विवाहित महिला 500 ग्राम तक सोना रख सकती है, जबकि अविवाहित महिला 250 ग्राम और विवाहित पुरुष 100 ग्राम सोना रख सकते हैं, इसके लिए संबंधित व्यक्ति को इनकम प्रूफ देने की जरूरत नहीं होगी। इस लिमिट में कोई सोना रखता है, तो आयकर विभाग उसे जब्त नहीं करेगा वहीं अगर इस लिमिट से ज्यादा गोल्ड घर में मिलता है, तब उसका सोर्स बताना पड़ेगा. वहीं केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के मुताबिक सोर्स की जानकारी देने पर गोल्ड ज्वैलरी रखने पर रोक नहीं है, लेकिन इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 132 के मुताबिक इनकम टैक्स अधिकारियों के पास ये अथॉरिटी है कि वह लिमिट से ज्यादा ज्वैलरी होने पर उसकी जब्ती भी कर सकते हैं, हालांकि अगर आपको विरासत में ज्वैलरी मिलती है तो ये टैक्स के दायरे में नहीं आती, हालांकि इस सूरत में भी यह साबित करना होगा कि ये विरासत में ही मिली है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि बजट 1 फरवरी 2023 से उम्मीदें हैं मनी लांड्रिंग के 4 कानूनों में लीकेजेस पर उपाय जरूर होंगे।डिजिटल इंडिया भ्रष्टाचार और ब्लैक मनी का काल बना हुआ है।भारत में मनी लांड्रिंग के 4 कानूनों की सख़्ती ने भ्रष्टाचारियों ब्लैक मनी धारकों की कमर तोड़ी है। कैश गोल्ड घर पर रखने के सटीक उपाय हैं। कानूनों के सख्त क्रियान्वयन करने का ज़ज़्बा और जांबाज़ी सरकारों में हो तो भारत फ़िर सोने की चिड़िया ज़रूर बनेगा।

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 


Related Posts

ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!

October 16, 2022

कविता–ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!! चकरे खिलाकर बदुआएं समेटी करके भ्रष्टाचार परिवार सहित सुखी रहोगे जब छोड़ोगे भ्रष्टाचार अब भी

पीत्वा मोहमयीं प्रमादमदिरा मुन्मत्तभूतं जगत् ॥

October 16, 2022

 पीत्वा मोहमयीं प्रमादमदिरा मुन्मत्तभूतं जगत् ॥ मुझे फुर्सत नहीं  काम एक पैसे का नहीं फुर्सत एक मिनट की नहीं! व्यस्त

भारत को सोने की चिड़िया बनानां हैं

October 16, 2022

कविता–भारत को सोने की चिड़िया बनानां हैं भारत को सोने की चिड़िया बनानां हैंभ्रष्टाचार को रोककर सुशासन को आखरी छोर

वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2022 – भारत का फ़िर पिछड़ना चिंताजनक, संदेहजनक

October 16, 2022

 वैश्विक भुखमरी सूचकांक 2022 – भारत का फ़िर पिछड़ना चिंताजनक, संदेहजनक  भारत को वैश्विक मंचों पर भुखमरी मिटाने संबंधी चलाई

आओ खाद्य नायक बने – किसी को पीछे ना छोड़े

October 16, 2022

 सभी के लिए भोजन  आओ खाद्य नायक बने – किसी को पीछे ना छोड़े  अंतरराष्ट्रीय स्तरपर भूख के खिलाफ़ एकजुट

महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है

October 16, 2022

आओ ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करने हाथ बढ़ाएं  महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है  ग्रामीण महिलाओं के उत्थान हेतु उनका

1 thought on “बजट 1 फ़रवरी 2023 से उम्मीदें – मनी लांड्रिंग के 4 कानूनों में लीकेजेस उपाय ज़रूरी”

Leave a Comment