यह कविता 14 नवंबर 2022 बाल दिवस के उपलक्ष में, बच्चों पर आधारित कविता है
कविता बच्चों में भगवान बसते हैं
हर छल कपट दांवपेंच से दूर रहते
अबोध बच्चे खिलखिलाकर हंसते हैं
किसी के ऊपर ताने तंज़ नहीं कस्ते हैं
क्योंकि बच्चों में भगवान बसते हैं
यह कविता 14 नवंबर 2022 बाल दिवस के उपलक्ष में, बच्चों पर आधारित कविता है कविता बच्चों में भगवान बसते …
यह कविता 14 नवंबर 2022 बाल दिवस के उपलक्ष में, बच्चों पर आधारित कविता है
हर छल कपट दांवपेंच से दूर रहते
अबोध बच्चे खिलखिलाकर हंसते हैं
किसी के ऊपर ताने तंज़ नहीं कस्ते हैं
क्योंकि बच्चों में भगवान बसते हैं
July 12, 2023
किताबी शिक्षा बनाम व्यवहारिक शिक्षा डिग्रीयां तो पढ़ाई के खर्चे की रसीदें है – ज्ञान तो वही है जो किरदार
July 8, 2023
भावनानी के भाव नया भारत भारत नवाचारों का उपयोग करके ऐसी तकनीकी विकसित करता है जनता के लिए सस्ती सुगम
July 8, 2023
इंटरनेट की शक्ति का ज़श्न – डिजिटल इंडिया का इंटरनेट उत्सव इंटरनेट कनेक्टिविटी ज्ञान को साझा करने के एक अनिवार्य
July 7, 2023
कॉम्पिटिशन का कायदा – यूज़र्स का फ़ायदा कांटे की टक्कर – यूज़र्स का फ़ायदा – ट्विटर बनाम थ्रेड्स ट्विटर बनाम
July 6, 2023
1947-2047 अमृतकाल अब कर्तव्यकाल हुआ कर्तव्यों को पहली प्राथमिकता देने जनभागीदारी का होना तात्कालिक ज़रूरी हम भारतीयों को कर्तव्यकाल में
July 6, 2023
भावनानी के भाव साहित्य राष्ट्र की महानता साहित्य राष्ट्र की महानता और वैभव का दर्पण होता है साहित्य को आकार