Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

फर्ज/farz

फर्ज कहां से लाए वह दिलों की तड़पजो थी भगत सिंघ ,राज्यगुरू और आज़ाद में अब तो सिर्फ बातें बड़ी …


फर्ज

कहां से लाए वह दिलों की तड़प
जो थी भगत सिंघ ,राज्यगुरू और आज़ाद में

अब तो सिर्फ बातें बड़ी और ठंडे से दिलों की बात रह गई हैं
क्यों हैं राजनीति देश भक्ति में भी

देश द्रोह कानूनन जुल्म नहीं
उछाल देते हैं थूक प्रख्यात होने के लिए

तैयार रहते हैं अपनी ही मां को बदनाम करने के लिए
क्यों चाहिए इस देश से बताओं जरा

अंत समय में उसी के पंच महाभूतों में मिल जाओगे
सनातनी तो राख हो मिल जायेगा पवित्र नीर में

कुछ लोगों तो ये कयामत तक संजो के अपनी गोद में
छोड़ो ये तानाकशी के आलम को प्यार दो प्यार लो

नहीं करो पलट वार कभी
माता हैं ये हमारी कितनी बार उसे बांटोगे

ये वो नहीं जिसे तुम वृद्धाश्रम छोड़ आओगे
संभालों और संभलो अभी भी वक्त हैं

देखो उन्हे जिन्होंने किया अंदर अपनी मातृभूमि को
भटक रहे हैं वे दर दर कुछ निवालों के लिए
आज तुम बच भी जाओगे तो बच्चों क्या दे जाओगे

About Author

जयश्री बिरमी सेवानिवृत शिक्षिका  अहमदाबाद

जयश्री बिरमी

सेवानिवृत शिक्षिका 
अहमदाबाद

Related Posts

तीन पंख वाला चुनावी पक्षी यू पी में?

January 25, 2022

तीन पंख वाला चुनावी पक्षी यू पी में? कई दिनों से राजकरणीय छिछालेदर हो रही हैं यू पी में,सपा के

सीमांकन-जयश्री बिरमी

January 25, 2022

सीमांकन जैसे दो देश,दो प्रांत,दो शहर,दो मोहल्ले सभी की अपनी पहचान स्थापित हो इस हेतु से उन्हे चिन्हित कर हदों

खाने में जहर?- जयश्री बिरमी

January 25, 2022

 खाने में जहर? अपने आहार में सब्जियों की एक खास जगह हैं जो स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक भी हैं।आमतौर

आंग्ल वर्ष की कहानी- जयश्री बिरमी

January 25, 2022

आंग्ल वर्ष की कहानी ईसा पूर्व ८वीं सादी में बने रोमन और ग्रीक  कैलेंडर ही आज के कैलेंडर का अधारस्तंभ

तू डोर मैं पतंग- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

तू डोर मैं पतंग ईश्वर के हाथों में जीवन डोर-हम पतंग जैसे उड़ रहे।खींचता और ढील देता विधाताहम नाचते अंहकार

देश के वीर सपूतों में वीरांगना- डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

देश के वीर सपूतों में वीरांगना वीरता की श्रृंखला में जुड़करप्रहरी बन आ रही है बहनाभाई हिम्मत नहीं है हारनाचल

Leave a Comment