Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Prachi Sadana

प्रेम प्रसंग | Prem prasang | kavita

प्रेम प्रसंग प्रेम प्रसंग | Prem prasang | kavita एक छोटा सा शब्द हॉं! फिर बिखरी हुई जिंदगी।मंदिर मस्जिद दुआ …


प्रेम प्रसंग

प्रेम प्रसंग | Prem prasang | kavita
प्रेम प्रसंग | Prem prasang | kavita

एक छोटा सा शब्द हॉं! फिर बिखरी हुई जिंदगी।
मंदिर मस्जिद दुआ प्रार्थना काम न आई बन्दगी।।

पंख निकल आते जब, उड़ जाते हैं स्वछंद गगन।
माँ की बातें लगे चुभने प्रिय लगे हैं पिया मिलन।।

चन्द पल मधुर मिलन के सपने देखती निगाह।
ढाई अक्षर के प्रेम हुआ और हुई जिंदगी तबाह।।

मीठी-मीठी बातें प्रेम मोहब्बत बस नाम के।
चुपके से वार पीठ में खंजर किस काम के।।

खुशहाल जीवन बिगड़ जाती रो-रोकर गुजरते दिन।
संवर जाती किसी की, तो कोई तड़पे साजन बिन।।

कर बैठा मोहब्बत की पनाह में कोई टूट जाता है।
नई दुनियाँ बसाने की चाह में कोई लूट जाता है।।

घर-परिवार की मान-मर्यादा इज्जत दांव में लगाते।
पछताए अब क्या करे होश में आते जब दगा पाते।।

एक बार जो खिला चमन में फूल दोबारा कहाँ खिलेगा?
फ़िल्म नहीं सच सामना है, दोबारा मौका कहाँ मिलेगा??

About author 

नाम प्राची सदाना
(पत्रकार)
पता रायपुर छत्तीसगढ़


Related Posts

चाह-तेज देवांगन

January 7, 2022

शीर्षक – चाह हम जीत की चाह लिए,गिरते, उठते पनाह लिए,निकल पड़े है, जीत की राह में,चाहे कंटक, सूल, खार

हे नववर्ष!-आशीष तिवारी निर्मल

January 6, 2022

हे नववर्ष! तुम भी दगा न करना आओ हे नववर्ष!तुम हमसे कोई दग़ा न करना बीते जैसे साल पुराने वैसी

लाऊं तो कैसे और कहां से-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

लाऊं तो कैसे और कहां से कहां से लाऊ वो उत्साह जो हर साल आता थाकहां से लाऊं वह जोश

बहरूपिया-जयश्री बिरमी

January 6, 2022

बहरूपिया जब हम छोटे थे तो याद आता हैं कि एक व्यक्ति आता था जो रोज ही नया रूप बना

लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया- तमन्ना मतलानी

January 6, 2022

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात  लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत गया… कविता लो जिंदगी का एक और वर्ष बीत

कोशिश-नंदिनी लहेजा

January 6, 2022

विषय-कोशिश कोशिश करना फ़र्ज़ तेरा, बन्दे तू करता चल।भले लगे समय पर तू, निश्चित पाएगा फल।रख विश्वास स्वयं पर, और

Leave a Comment