Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

प्रकाश पर्व दीपावली की बधाईयां/Deepawali par kavita

 कविता -प्रकाश पर्व दीपावली की बधाईयां प्रकाश पर्व दीपावली की बधाई  पारंपरिक हर्ष और उत्साह लेकर आई  राष्ट्रपति प्रधानमंत्री ने …


 कविता -प्रकाश पर्व दीपावली की बधाईयां

प्रकाश पर्व दीपावली की बधाईयां/Deepawali par kavita
प्रकाश पर्व दीपावली की बधाई 
पारंपरिक हर्ष और उत्साह लेकर आई 
राष्ट्रपति प्रधानमंत्री ने दी सबको बधाई 
उत्साह में समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी आई 
दीपावली का संबंध चौदह वर्ष वनवास बाद 
मां सीता लक्ष्मण प्रभु राम संग अयोध्या आई 
बुराई पर अच्छाई का प्रतीक यह त्यौहार 
श्रीराम के जीवन के महान आदर्शों को लाई 
श्री राम हमारी संस्कृति में सत्य धर्म साहस 
करुणा आज्ञाकारी सत्य का सार लाए 
मर्यादा पुरुषोत्तम में आदर्श राजा 
आज्ञाकारी पुत्र अपराजेय योद्धा समाए 
दुआ है हमारी आप ख़ुश रहें 
लक्ष्मी मां सब पर अपनी कृपया बरसाए 
सबके जीवन को अधिक संपन्न बनाने 
नया उत्साह खुशियों की बारिश लेकर आए 

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

स्वयं प्रेम कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

स्वयं प्रेम! स्वयं प्रेम की परिभाषा,बस खुद से करें हम आशा,स्वयं का रखें पूरा ख्याल,खुद से पूछे खुद का हाल!

हार कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

हार! बेहतर होने का अनुभव देती हैं,यह तो सीरीफ एक परिस्थिति है,सफलता का सबसे बड़ा रास्ता होती है,कुछ देर की

21 वीं सदी की नारी-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

21 वीं सदी की नारी! उठाओ कलम, पुस्तक व लैपटॉपकरो परीक्षा की तैयारी,कुछ तुम उठाओ,कुछ परिवार में बाटोअपने घर की

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन ! कोई कोई तहजीब, सलीका, अदब नहीं खोता,सर झुकाता हुआ हर शख्स बेचारा नहीं होता!

मिट्टी का कर्ज- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 मिट्टी का कर्ज खूबसूरत है नजारालग रहा है प्यारा इस मिट्टी का कर्ज हैचुकाना हमारा फर्ज  है प्यारे गगन हमें

साहिल- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 साहिल ओ मेरे मन के मीत दिल लिया क्यों जीत निश्छल है मेरी प्रीत रेजीवन की है ये रीत सदा

Leave a Comment