पृथ्वी बोल पड़ी!
पृथ्वी बोल पड़ी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह, जहां जीव जंतु का जीवन है संभव, निवास करती है …
डॉ. माध्वी बोरसे!
Related Posts
आज भी वो दिन हमको याद है
August 5, 2022
याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने
हजार है!/hazar hai
August 5, 2022
हजार है! मोहब्बत की तलाश है, गम देने वाले हजार है! सच्चाई की तलाश है, झूठ बोलने वाले हजार है!
जिंदगी तो है बहता झरना/zindagi to hai bahta jharna
August 2, 2022
जिंदगी तो है बहता झरना कितनी सारी जिंदगियाँ मिलती है रोजानाहर जिंदगी जैसे है किताब का एक पन्नापर कहाँ मुनासिब
पापा हमारे लिए हैं भगवान
July 31, 2022
पापा हमारे लिए हैं भगवान |papa hamare liye bhagwan hai हमारे पापा हमारे लिए हैं भगवान उनकी पनाह में रहना
स्वयं के जीवन के निर्णय स्वयं से लीजिए!/swayam ke jeevan ke nirnay swayam se lijiye
July 23, 2022
स्वयं के जीवन के निर्णय स्वयं से लीजिए!/swayam ke jeevan ke nirnay swayam se lijiye हम सभी को आम तौर
अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते
July 22, 2022
अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते न करनी पड़े फरियाद हमें अगर आप ऐसे होते न करनी पड़े नफ़रत