Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

mainuddin_Kohri, poem

पापा मैं बोझ नहीं

विश्व बालिका दिवस पर विशेष 💓 पापा मैं बोझ नहीं 💓 मम्मी – पापा मैं बेटी हूँ आपकीपर , क्या …


विश्व बालिका दिवस पर विशेष

💓 पापा मैं बोझ नहीं 💓

पापा  मैं  बोझ  नहीं
मम्मी – पापा

मैं बेटी हूँ आपकी
पर , क्या मैं ?
आप के लिए पराया धन थी
आप के लिए भार थी
मुझे लेकर कितनी आशंकाएं थी
तुम बड़ी हो रही हो
अब घर के अंदर रहा करो
मेरे होने का आपको डर
मेरे लिए तलाश रहे थे वर
अच्छे वर की तलाश में
घर-दुकान् गिरवी रखने की नोबत
अपनी बेटी से ही कहते रहते
तेरे लिए वर ढूंढते -ढूंढते ……..
क्या बीतती थी मुझ पर
जब मुझे देखने वाले आते थे
मुझे नुमायश की तरहां परोसा जाता
उनकी डिमांड सुन कर
आपकी क्या हालत हुआ करती थी
आपका तनाव मुझ से देखा नही जाता था
आपकी बेटी होकर भी
मैं आप पर कितनी बोझ थी
यह सब सह – सह कर
आप अपनी ही बेटी से मुक्ति पा
चैन की नींद सोना चाह रहे थे
मैं भी सोचती , जिस घर में पैदा हुई
जब वो घर भी मेरा नहीं
तो , फिर वो अंजान घर कैसा होगा ?
आपने मुझ पर लाख पहरे – पाबन्दियाँ लगाई
पर , आपने मुझे पढाया – लिखाया
वो ही आज मेरे काम आया
आपकी पढ़ी – लिखी बेटी ने ही
आपके ऋण को चुका कर
आपको सारे भार से मुक्त कर दिया है
पापा अब आप पर ,आपकी बेटी बोझ नहीं है
क्योंकि अब मैं , पराया धन नहीं हूँ
अब मेरा अपना घर है ! !! !!!

About author 

मईनुदीन कोहरी “नाचीज़ बीकानेरी “
मोहल्ला कोहरियान् ,बीकानेर ( राज .)मो.9680868028


Related Posts

Tum thi khusahal the hm

May 9, 2021

ग़ज़ल बहुत खुशी कुछ गम भी हैतेरे यादों में डूबे हम भी है तुम थी खुशहाल थे हम तेरे जाने

Tanha aaj kal hu mai

May 9, 2021

                        गीत तन्हा आज कल हूँ मैं  कभी किसी

Tum ho meri mohabat rahogi meri

March 5, 2021

Tum ho meri mohabat rahogi meri बारिशों के बूँद सा टपकता रहातुम भी रोती रही मैं भी रोता रहाप्यार तुझको

Chaman ki suman ibadat ho tum-geet

February 16, 2021

                      गीत चाहतो में मेरे , चाहत हो तुमजिन्दगी के

Ab aur na aise satao sanam

February 14, 2021

poem जब से तुझ से  जुड़ा  फूल सा खिल  गया  सूखे  मधुबन में जैसे   कँवल   खिल  गया अकेले  पन  में 

Achhe din

February 8, 2021

 कविताअच्छे दिन बात    महिलाओं      की   सुरक्षा     का       हो या           कुपोषित 

Leave a Comment