Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

पानी का मूल्य और मानव | pani ke mulya aur manav par kavita

भावनानी के भाव पानी का मूल्य और मानव को समझना है पानी बचाने की ज़वाबदेही निभाना है पानी का मूल्य …


भावनानी के भाव

पानी का मूल्य और मानव को समझना है

पानी का मूल्य और मानव | pani ke mulya aur manav par kavita
पानी बचाने की ज़वाबदेही निभाना है
पानी का मूल्य हर मानव को समझाना है
पानी को अहम दुर्लभ मानकर
अपव्यय करने से बचाना है

पानी के स्त्रोतों की सुरक्षा स्वच्छता अपनाने
के लिए जी जान से ध्यान लगाना है
पानी बचाओ जीवन बचाओ
यह फॉर्मूला मूल मंत्र के रूप में अपनाना है

पानी बचाने की ज़वाबदेही निभाना है
हर मानव को ज़ल संरक्षण संचयन अपनाकर
पानी बचाकर जनजागृति लाना है
अगली पीढ़ियों के प्रति ज़वाबदारी निभाना है

बिना पानी ज़िन्दगी का दर्द क्या होता है
पानी अपव्यय वालों तक पहुंचाना है
पानी का उपयोग अब हमें
प्रसाद की तरह करना है-4

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

पर्यावरण संरक्षण

September 1, 2022

पर्यावरण संरक्षण अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है हमने

मन की प्रसन्नता

September 1, 2022

मन की प्रसन्नता प्रसन्नता हमारा ऐसा अनमोल ख़जाना है, जितना लुटाएंगे उतना बढ़ता चला जाएगा मन की प्रसन्नता अनेक मानसिक,

अंतिम संदेश।(Last message)

August 31, 2022

अंतिम संदेश। जिंदगी का क्या भरोसा,कब हमारा आखरी पल हो,कभी खुद को तो कभी लोगों को कोसा,पर कौन जाने कि

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष

August 31, 2022

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष स्वास्थ्य ही धन है कुपोषण को हराने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह

पहाड़ी अंजीर – बेडू पाको बारमासा

August 30, 2022

पहाड़ी अंजीर – बेडू पाको बारमासा भारत को प्रकृति का वरदान प्राप्त औषधि वनस्पतियों आयुर्वेद संजीवनी की गाथा औषधि वनस्पतियों

चापलूसी

August 30, 2022

चापलूसी आत्मप्रशंसा मानवीय अस्तित्व की पसंद होती है – कुछल चाटुकार इसी कमजोरी की सीढ़ी पर चढ़कर वांछित सिद्धि प्राप्त

Leave a Comment