Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhawna_thaker, lekh

पहले अपने अवगुणों का बाॅयकोट करो

“पहले अपने अवगुणों का बाॅयकोट करो” आजकल सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड चल रहा है “बाॅयकोट” यानी कि बहिष्कार का। …


“पहले अपने अवगुणों का बाॅयकोट करो”

पहले अपने अवगुणों का बाॅयकोट करो
आजकल सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड चल रहा है “बाॅयकोट” यानी कि बहिष्कार का। लोगों के दिमाग में फितूर चढ़ा है किसी भी मुद्दे को लेकर बाॅयकोट करने का। मीडिया चैनल और पत्रकार और नेताओं का हो गया। “अब बारी है बोलीवूड की” इंसान की मानसिकता सदियों से रही है दोष हंमेशा सामने वाले में ही दिखता है। बात यहाँ किसीकी तरफ़दारी की नहीं, बात है मानसिकता की।

बाॅयकोट ट्रेंड कोई नया नहीं सालों से चला आ रहा है, पर इन दिनों बायकॉट एक अलग तरह की नुकसानदाय या स्‍वार्थ की मानसिकता को लेकर किया जा रहा है। लेकिन अतीत में जाएं तो देश की आजादी के लिए इसका इस्‍तेमाल किया जाता था और तब यह बहिष्‍कार के तौर पर जाना जाता था।
आजकल बायकॉट का सहारा लेकर कई बार तोड़फोड़, आगजनी, हिंसा की घटनाएं होती हैं। कुछ लोग इसका व्‍यापारिक फायदा उठाते हैं तो कुछ राजनीतिक फायदा उठाते हैं। कई बार यह यहां तक पहुंचता है कि पोस्टर जलाए जाते हैं, स्क्रीन से फिल्म हटाना पड़ती है, वहीं कई बार तो सेलेब्स को धमकी भी मिलती। देश की संपत्‍ति को भी कई बार नुकसान पहुँचता है। हाल ही में फिल्‍म लालसिंह चड्ढा इसी बायकॉट की वजह से पिट गई।
पिछले दिनों सरकार की सैनिकों की भर्ती के लिए अग्‍निवीर योजना का भी जमकर सोशल मीडिया में बायकॉट हुआ। इसे लेकर हिंसाएं हुई। ट्रेंने जलाई गईं, स्‍टेशन, प्‍लेटफॉर्म, बसें, ट्रक, लोगों की बाइक्‍स को आग के हवाले किया गया। कुछ इसी तरह का ट्रेंड देश में किसान आंदोलन के दौरान भी बना था। चीनी सामान का बायकॉट हो या फिर किसी धार्मिक मुद्दे को हवा देनी हो, अक्‍सर बायकॉट का सहारा लिया जाता है।
पर अब सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड चलाने का रिवाज़ बन गया है। आजकल बाॅयकोट का टारगेट बोलीवूड को बनाया जा रहा है। बाॅयकोट करने से पहले ज़रा सोचिए। यह देश, यह समाज एक परिवार है, परिवार में कोई कुछ बोल देता है, या गलती करता है तो क्या हम उसका बाॅयकोट कर देते है? घर से समाज से बाहर निकाल देते है? नहीं न, तो फिर किसीके उपर ऊँगली उठाने का हक हमें तभी है, जब “हम खुद सर्वगुण संपन्न हो” किसीको पहला पत्थर मारने का हक उसी को है, जिसने कभी कोई पाप न किया हो, जो पापी न हो। यहाँ तो गत ये है कि सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।
सबको पहले अपने गुण-अवगुण पर आत्म-मंथन करना चाहिए कि हम क्या है। सरेआम किसीको छोटी सी बात पर लताड़ना क्या शोभा देता है? किसीके कहे हुए शब्द को पकड़ कर, राय का पहाड़ बनाकर बाॅयकोट करने वाले खुद कितने पानी में होते है। दिन में सौ झूठ बोलते है, पचासों गलती करते है। दिल पर हाथ रखकर सोचना चाहिए कि क्या हम कभी कुछ गलत करते ही नहीं, अनाप-सनाप बोलते ही नहीं? जीभ है फिसल सकती है। वह सेलिब्रिटी है और हमने ही उनके हुनर की तारीफ़ करते उन्हें सेलिब्रिटी बनाया है। हमारे मनोरंजन के लिए काम करते है, मेहनत करते है। हम टिकट के पैसे खर्च करते है, वह लोग पसीना बहाते है। व्यवहार ही हुआ न? हम कोई एहसान नहीं कर रहे। ज़िंदगी की आपाधापी से जूझते तीन घंटे फ्रेश होने के लिए फ़िल्म देखने जाते है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हक तो संविधान भी देता है, वाणी स्वतंत्रता सबको है। जिनको जो महसूस होता है बोल देते है, गलती पर वह लोग माफ़ी भी मांग लेते है। बदले में हम भी सुना ही देते है बात ख़त्म। पर नहीं हम चाहे कितने शातिर हो सामने वाले को झुका कर रहेंगे। दूध के धुले कोई नहीं, गलती से जुदा तू भी नहीं मैं भी नहीं, इसलिए हमें कोई हक नहीं बनता किसीको बाॅयकोट करने का, जब तक हम खुद परफ़ेक्ट नहीं।
हर चीज़ का बाॅयकोट करने वाले अपने गिरहबान में झांक कर नहीं देखते, की अपने खुद के अंदर कितने अवगुण भरे पड़े है, दिमाग में कितनी गंदगी भरी पड़ी है, कितने गलत विचारों को पाले बैठे है। कब होगा भीतरी मवाद का बाॅयकोट? ये दुनिया व्यवहार से चलती है, एक दूसरे को एक दूसरे की जरूरत होती है। सोचे समझे बिना विद्रोह की मशाल लेकर निकलने से पहले अपने अंदर छुपे अवगुणों का तो बाॅयकोट करो बाद में दूसरों को उनकी गलती गिनवाओ। सोच बदलो तभी समाज बदलेगा।

About author

bhawna thaker

(भावना ठाकर, बेंगुलूरु)#भावु

Related Posts

एक्साइटिंग सेक्सलाइफ के लिए इन बातों का रखें ध्यान|

May 16, 2023

एक्साइटिंग सेक्सलाइफ के लिए इन बातों का रखें ध्यान हर कपल अपनी सेक्सलाइफ को श्रेष्ठ बनाने के लिए कुछ न

आखिरी खत : खन्ना के स्टारडम का पहला पत्र

May 14, 2023

सुपरहिट:आखिरी खत : खन्ना के स्टारडम का पहला पत्र राजेश खन्ना की फिल्मों की बात की जाती है तो सामान्य

मातृ दिवस के उपलक्ष में लेख (Mother’s day special)

May 13, 2023

नन्हीं कड़ी में…… आज की बात माँ तो माँ ही है…. माँ, इस एक शब्द में सारी दुनिया का सार

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास !! Mother’s day special

May 13, 2023

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास !! हम मदर्स डे की औपचारिकता अवश्य निभाते है मगर वास्तविकता

मातृ दिवस 14 May 2023 पर विशेष |Mother’s day special

May 13, 2023

मातृ दिवस 14 मई 2023 पर विशेष ए मां तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी , जिसको

नया बाजार लाईक , कमेंट लाओ इनाम पाओ , शोषण करवाओ

May 11, 2023

नया बाजार लाईक , कमेंट लाओ इनाम पाओ , शोषण करवाओ आप सभी सोच में पड़ गए होंगे कि अरे

PreviousNext

Leave a Comment