Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाना है | save the environment and make the earth a heaven

भावनानी के भाव पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाना है सभी नागरिकों ने मिलकर सहभागिता देना है प्लास्टिक …


भावनानी के भाव

पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाना है

पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाना है | save the environment and make the earth a heaven

सभी नागरिकों ने मिलकर सहभागिता देना है
प्लास्टिक प्रदूषण को मात देना है
2023 की थीम को सफ़ल बनाना है
प्रदूषण को जड़ से निकाल कर फेंकना है

प्लास्टिक प्रदूषण को मात देना है
यह संकल्प हम सबको लेना है
विश्व को पर्यावरण सुरक्षा का दम दिखाना है
पर्यावरण की रक्षा कर धरती को स्वर्ग बनाना है

वैश्विक मंचों पर सहभागिता और सक्रियता से
जलवायु परिवर्तन की समस्याओं का हल
उपाय साझा कर मिलकर निकालना है
मानव जीवन को दुष्परिणामों से बचाना है

भारत पर्यावरण चुनौतियों से निपटने
1972 से यूएनईपी के साथ जुड़ा हुआ है
यह पर्यावरण पर अग्रणी वैश्विक आवाजों
में से महत्वपूर्ण आवाज है

यूएनईपी पर्यावरण देखभाल में भागीदारी
को प्रोत्साहित देने महत्वपूर्ण काम करता है
नेतृत्व प्रदान कर प्रेरित करके सूचना
पहुंचाने और प्रेरित कर उत्साहित करता है

यूएनईपी की सक्रियताअन्तर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने जलवायु परिवर्तन जैव विविधता
के सहयोग को मजबूत करने प्रदूषण कचरे से निपटने चुनौतियों का समाधान सामूहिक करना है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

सिखाने की कोशिश करें- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सिखाने की कोशिश करें सिखाने की कोशिश करेंअपने बच्चों को खाना बनाना भीपढ़ाई के साथ-साथ,वरना लाखों के पैकेज पाने वालों

हार क्यों मान ली जाए?- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

हार क्यों मान ली जाए? बुरे से बुरा क्या हो सकता हैहमारे साथ?यही कि हमारी धन – संपत्तिहमारे हाथ से

सफेद आसमां- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सफेद आसमां कड़ाके की सर्दी मेंरजाई का मोह छोड़ पाओ अगरतो निकलो बाहर जराआंगन चौबारे तक, देखो ऊपर!आसमान बरसा रहा

खट्टी मीठी यादें – डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

खट्टी मीठी यादें आती है मानस पटल परउभरकर वो सुनहरी यादें प्रेम रस में भीगा -भींगामधुरमय स्नेहिल सौगातें जिनकी यादें

नव वर्ष – डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

नव वर्ष नववर्ष तो नववर्ष हैअंग्रेजी हो या हिन्दी मधुमय हो जीवन येनई उल्लास के साथ स्फुरण हो विलक्षण ऐतिहसिक

अजीज मेरे- डॉ. इन्दु कुमारी

January 6, 2022

अजीज मेरे अलविदा ना कहना मुझेदिसम्बर की तरह मुझेआती है जनवरी आयेखुशियाँ भी ढेरों लाएं महकती रहे बगिया तेरीचहकती रहे

Leave a Comment