Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

परीक्षा पे चर्चा 2022-किशन सनमुखदास भावनानी

परीक्षा पे चर्चा 2022 परीक्षाओं की वजह से पैदा होने वाले तनाव को दूर करने एक अनूठा संवादात्मक कार्यक्रम परीक्षाओं …


परीक्षा पे चर्चा 2022

परीक्षा पे चर्चा 2022-किशन सनमुखदास भावनानी

परीक्षाओं की वजह से पैदा होने वाले तनाव को दूर करने एक अनूठा संवादात्मक कार्यक्रम

परीक्षाओं में व्यापक तनावपूर्ण वातावरण में उच्चस्तरीय मार्गदर्शन – व्यापक जन भागीदारी का आह्वान सराहनीय- एड किशन भावनानी गोंदिया

 – वैश्विक स्तर पर पिछले करीब 100 वर्षो के बाद फ़िर एक बार महामारी नए रूप में कोरोना महामारी के विभिन्न वैरीअंट के रूप में आर्थिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, सहित अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों में घातक तबाही मचा रही इस कोरोना महामारी और उसके विभिन्न वेरिएंट को लेकर वैश्विक स्तरपर हर देश में अपने अपने स्थितियों परिस्थितियों के आधार पर रणनीतियां बनाई बनाकर क्रियान्वयन किया जा रहा है।
साथियों बात अगर हम भारत की करें तो यहां भी फ़िर एक बार तीसरी लहर का खतरा पैदा हो गया है जिस पर नियंत्रण करने के लिए पीएम स्तर पर बैठकें, समीक्षाएं कर स्थिति का पल-पल संज्ञान लिया जा रहा है। स्थिति ऐसी हो गई है कि अनेक राज्यों में शैक्षणिक संस्थाओं में बच्चों को आने पर पाबंदी भी लगाई गई है जिससे फिर ऑनलाइन मोड में क्लासेस शुरु है। जबकि अगले फ़रवरी माह से परीक्षाओं का दौर शुरू होगा!!!
साथियों बात अगर हम कोरोना महामारी से वर्ष 2020 से लेकर अभी वर्ष 2022 की शुरूआत तक बच्चों को शिक्षा पर असर और परीक्षाओं के खौफ़ की करें तो अभी बच्चे बहुत तनाव की स्थिति में हैं। ऐसा महसूस हो रहा है!क्योंकि परीक्षाएं सर पर है, स्कूल बंद हैं, बच्चे और अभिभावकों के एक बड़े वर्ग को ऑनलाइन शिक्षा से संतुष्टि नहीं है। क्योंकि वर्तमान परिस्थितियोंमें उतना ज्ञान और समय का सदुपयोग नहीं होने का अनुमान भी लगाया जा रहा है। जिसके कारण विद्यार्थी और अभिभावक तनावग्रस्त हैं।
ऐसी स्थिति में उन्हें इस तनाव से दूर करने के लिए एक व्यापक उच्च स्तरीय मार्गदर्शन की ज़रूरत है जिसमें उनके मन में उभरे सवालों के ज़वाब की ज़रूरत है। अपनी परेशानी उच्चस्तर पर साझा करने की ज़रूरत है, बस!!! इन्हीं सभी जिज्ञासाओं को पूरा करने के लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा इस वर्ष 2022 में परीक्षाओं के पूर्व,, परीक्षा पे चर्चा,, 2022 एक अनूठा संवादात्मक कार्यक्रम कर रहा है जिसमें विशेष खासियत यह है कि इस चर्चा में जिज्ञासाओं का निराकरण माननीय पीएम करेंगे जो अपने आप में एक प्रोत्साहन को गौरवविंत करने वाली बात होगी!!!
हालांकि ऐसा कार्यक्रम पिछले 4 वर्षों से किया जा रहा है इसका विशेष महत्त्व 2020 से अभी 2022 तक अत्यंत सार्थक समझ में आ रहा है, क्योंकि बच्चे अतिउत्साहित हो जाते हैं और परीक्षाओं की वज़ह से पैदा होने वाले तनाव को दूर करने के लिए यह एक सकारात्मक पहल और उपाय सिद्ध हो रहा है।
साथियों क्योंकि मैंने भी विद्यार्थियों से परिचर्चा करते हुए यह कार्यक्रम 2021 में टीवी चैनलों पर देखा था कि किस तरह माननीय पीएम बच्चों को प्रोत्साहन और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे थे।
साथियों बात अगर हम परीक्षा पे चर्चा 2022 की रूपरेखा की करें तो दिनांक 13 जनवरी 2022 को शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी पीआईबी के अनुसार, केन्द्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षा पे चर्चा 2022 के पांचवें संस्करण में भाग लेने और पीएम से मार्गदर्शन लेने का मौका पाने के लिए आमंत्रित किया। कक्षा 9 से 12वीं तक के स्कूली छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों का चयन एक ऑनलाइन प्रतियोगिता के माध्यम से किया जाएगा।
निम्नलिखित सूचीबद्ध विषयों पर 28 दिसंबर 2021 से लेकर 20 जनवरी 2022 तक साइट पर पंजीकरण जारी है, बता दें पीएम नें एक अनूठा संवादात्मक कार्यक्रम – परीक्षा पे चर्चा – की परिकल्पना की, जिसमें देश भर के और विदेशों से भी छात्र, अभिभावक, शिक्षक उनके साथ बातचीत करते हैं और जीवन को एक उत्सव के रूप में मनाने के उद्देश्य से परीक्षाओं की वजह से पैदा होने वाले तनाव को दूर करने के बारे में चर्चा करते हैं। यह कार्यक्रम पिछले चार वर्षों से शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। विषय हैं, (अ) छात्रों के लिए विषय -1) कोविड -19 के दौरान परीक्षा संबंधी तनाव के प्रबंधन की रणनीतियां। 2) आजादी का अमृत महोत्सव। 3) आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर स्कूल 4) स्वच्छ भारत, हरित भारत। 5) कक्षाओं में डिजिटल सहयोग 6) पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन (ब) शिक्षकों के लिए विषय–1) नया भारत के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2) कोविड-19 महामारी- अवसर एवं चुनौतियां (स) अभिभावकों के लिए विषय। 1) बेटी पढ़ाओ, देश बढ़ाओ लोकल टू ग्लोबल – वोकल फॉर लोकल। 2) सीखने के प्रति छात्रों की आजीवन ललक।
साथियों बात अगर हम महामारी से लड़ने अपनी जांबाज़ी और ज़ज़बे की करें तो अब हमें इस महामारी से डरना नहीं बल्कि मुकाबला करना होगा। सावधानी, कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करना, वैक्सीनेशन की दोनों डोज़ और पात्र लोगों द्वारा प्रिकॉशन डोज़ लगाना होगा।
साथियों बात अगर हम दिनांक 13 जनवरी 2022 को माननीय पीएम द्वारा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों व केंद्रशासित प्रदेशों के साथ हुई वर्चुअल व्यापक उच्च स्तरीय बैठक की करें तो पीआईबी के अनुसार उसमें पीएम ने हिम्मत, ज़ज़बे, सावधानी, प्रोत्साहन का मंत्र देते हुए कहा, अर्थव्यवस्था की गति बनी रहे, कोई भी रणनीति बनाते समय इसका ध्यान रखना बहुत आवश्यक हैं। परिश्रम ही हमारा एकमात्र रास्ता है और विजय ही एकमात्र विकल्प। पहले केंद्र और राज्य सरकारों ने जिस तरह प्री-एम्प्टिव, प्रो-एक्टिव और कलेक्टिव अप्रोच अपनाई है, वही इस समय भी जीत का मंत्र है। कोरोना को हराने के लिए हमें अपनी तैयारी हर प्रकार से आगे रखने की ज़रूरत है। ऑमिक्रोन से निपटने के साथ-साथ हमें भविष्य के किसी भी वैरिएंट के लिए अभी से तैयारी शुरू करने की ज़रूरत है। वैरिएंट के बावजूद, महामारी से निपटने के लिए टीकाकरण सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।
बैठक को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि 100 वर्षों की सबसे बड़ी महामारी के साथ भारत की लड़ाई अब अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर गई है। उन्होंने कहा,परिश्रम ही हमारा एकमात्र रास्ता है और विजय ही एकमात्र विकल्प है। हम 130 करोड़ भारत के लोग, अपने प्रयासों से कोरोना से जीतकर अवश्य निकलेंगे।
उन्होंने कहा कि ऑमिक्रोन को लेकर पहले जो संशय की स्थिति थी, वो अब धीरे-धीरे साफ़ हो रही है। पहले जो वैरिएंट थे, उनकी अपेक्षा में कई गुना अधिक तेज़ी से ऑमिक्रोन वैरिएंट सामान्य जन को संक्रमित कर रहा है। उन्होंने कहा, हमें सतर्क रहना है, सावधान रहना है लेकिन घबराने की स्थिति ना आए, इसका भी ध्यान रखना है। हमें ये देखना होगा कि त्योहारों के इस मौसम में लोगों की और प्रशासन की एलर्टनेस कहीं से भी कम नहीं पड़े। पहले केंद्र और राज्य सरकारों ने जिस तरह प्री-एम्प्टिव, प्रो-एक्टिव और कलेक्टिव अप्रोच अपनाई है, वही इस समय भी जीत का मंत्र है। कोरोना संक्रमण को हम जितना सीमित रख पाएंगे, परेशानी उतनी ही कम होंगी।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि परीक्षाओं की वजह से पैदा होने वाले तनाव को दूर करने के लिए परीक्षा पे चर्चा 2022 एक अनूठा सवांदात्मक कार्यक्रम किया जा रहा है। परीक्षा में व्यापक तनावपूर्ण वातावरण में उच्चस्तरीय मार्गदर्शन व्यापक जनभागीदारी का आह्वानतथा राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सकारात्मक बैठक एक सराहनीय कदम है।

संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

अंतरिक्ष की उड़ान भरने भारत का पहला ह्यूमन मिशन गगनयान

October 22, 2023

अंतरिक्ष की उड़ान – गगनयान ने बढ़ाया भारत का मान – भारत की मुट्ठी में होगा आसमान अंतरिक्ष की उड़ान

भौतिकता की चाह में पीछे छूटते रिश्ते

October 20, 2023

भौतिकता की चाह में पीछे छूटते रिश्ते एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी, जीत जाओ तो कई अपने पीछे

इतिहासबोध : राजनीति में महिला और महिला की राजनीति

October 19, 2023

इतिहासबोध : राजनीति में महिला और महिला की राजनीति ब्रिटेन में कैंब्रिज यानी विश्व प्रसिद्ध विद्याधाम। दुनिया को विज्ञान और

2028 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक गेम्स में क्रिकेट की एंट्री पर मोहर लगी

October 19, 2023

क्रिकेट प्रेमियों के लिए 128 साल बाद ख़ुशख़बरी का जोरदार छक्का अमेरिका के लॉस एंजिल्स में 2028 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक

नवरात्रि – माता के नौ स्वरूप

October 19, 2023

 नवरात्रि – माता के नौ स्वरूप आज से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इन नौ दिनों में पूरी

मानवीय सन्दर्भों के सशक्त रचनाकार डॉ. सत्यवान सौरभ

October 16, 2023

मानवीय सन्दर्भों के सशक्त रचनाकार डॉ. सत्यवान सौरभ विभिन्न विषयों के साथ-साथ खास तौर पर सम्पादकीय और दोहे लिखने की

PreviousNext

Leave a Comment