Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं

भावनानी के भाव परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहींबहन से …


भावनानी के भाव

परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं

परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं

परिवार से बड़ा सृष्टि में कोई लोक नहीं
बहन से बड़ा कोई शुभचिंतक नहीं
माता पिता से बड़ा सृष्टि में कोई अपना नहीं
प्रथम गुरु हैं माता पिता से बड़ा कोई नहीं

बड़े बुजुर्गों से बड़ा कोई धन नहीं
पिता से बड़ा कोई सलाहकार नहीं
मां के आंचल से बड़ी कोई दुनिया नहीं
भाई से बड़ा कोई भागीदार नहीं

करो दिल से सजदा इबादत बनेगी
बड़े बुजुर्गों की सेवा अमानत बनेगी
खुलेगा जब तुम्हारे गुनाहों का खाता
बड़े बुजुर्गों की सेवा जमानत बनेगी

कहने को परिवार घर दीवार छत है परंतु
यह खुशियों का अनमोल खजाना बताते हैं
बड़े बुजुर्गों वृक्ष हम शाखाएं हैं यह बताते हैं
यह सब को सुख सुविधा परिवार है फूलों की माला

परिवार है फूलों की माला यह सिखाते हैं
इस माला के हम सब फूल यह बताते हैं
प्रेम सद्भाव से रहना सिखाते हैं
भारतीय संस्कृति की यही पहचान बताते हैं

जिस परिवार में माता-पिता हंसते हैं
उनके आंगन में भगवान बसते हैं
प्रथम गुरु माता-पिता होते हैं
अच्छी सीख परिवार में देते हैं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

भारत अमेरिका एक-दूसरे के पक्के साझेदार

March 7, 2023

भारत प्लस अमेरिका इक्वलटू परफेक्ट साझेदार भारत अमेरिका एक-दूसरे के पक्के साझेदार भारत अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र

रायसीना डायलॉग 2023 – वैश्विक हालात और चुनौतियों पर चर्चा में मील का पत्थर साबित हुआ

March 7, 2023

रायसीना डायलॉग 2 – 4 मार्च 2023 का सफ़ल आगाज़ रायसीना डायलॉग 2023 – वैश्विक हालात और चुनौतियों पर चर्चा

कविता- हौंसला तुम्हारा…

March 7, 2023

नन्हीं कड़ी में…. आज की बात हौंसला तुम्हारा…(कविता) हे नारी, हो पाक-पवित्र इतनी तुम,समाज ने टटोला हमेशा तुम्हें।पग-पग पर मज़ाक

मुस्कुराना सीख रही

March 6, 2023

मुस्कुराना सीख रही मुस्कुराना सीख रही हूँ तुम्हारे बिना जीना सीख रही हूँहाँ आज फिर से मुस्कुराना सीख रही हूँजो

अमृत पीढ़ी के लिए सीखने सिखाने के माहौल को समृद्धि और बाल केंद्रित बनाने एक नई छलांग

March 6, 2023

जादुई पिटारा अमृत पीढ़ी के लिए सीखने सिखाने के माहौल को समृद्धि और बाल केंद्रित बनाने एक नई छलांग स्थानीय

नई सोच नई एप्रोच

March 6, 2023

नई सोच नई एप्रोच आज का भारत तेज़ सोचता है, दूर की सोचता है और तुरंत फैसले लेता है भारत

PreviousNext

Leave a Comment