Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

निगाहें- R.S.meena indian

कविता – निगाहें इन निग़ाहों से मोहब्बत होती हैं । और इनसे क़त्ल भी होता है ।।किसी के दिल में …


कविता – निगाहें

निगाहें- R.S.meena indian
इन निग़ाहों से मोहब्बत होती हैं ।

और इनसे क़त्ल भी होता है ।।
किसी के दिल में जश्न होता है ।
किसी के दिल में मातम भी होता है ।।

लोग कहते हैं अपने दिन खराब है ।
मैं मोहब्बत में हारा हूँ ये ही जवाब है ।।
मुश्किलों से तो कर लेंगें सामना ।
हो जाये दीदार अपना ये ही ख्वाब है ।।

हम करते रहे दीदार जिसका ।
उसने गम का सिला दिया है ।।
क्या सुकून पायेगा दिल उसका ।
वफ़ा को ख़ाक में मिला दिया है ।।

चेहरा छुपाके तूफानों में क्या बैठे ।
जाहिलों ने परदा समझ लिया ।
“स्वरूप” खामोश क्या बैठा।
काहिलों ने मुर्दा समझ लिया ।।

R.S.meena indian


Related Posts

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान।

August 30, 2022

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान। यह कैसा शब्द है कन्यादान, कौन करता है अपनी जिंदगी को दान,माता- पिता की जान से बढ़कर,कैसे

हां मैं हूं नारीवादी!

August 28, 2022

हां मैं हूं नारीवादी! नारीवाद के प्रमुख प्रकार, स्‍त्रियों को पुरुषों के समान अधिकार,ऐसा विश्‍वास या सिद्घांत,भेदभाव का हो देहांत,और

खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता

August 28, 2022

कविता: खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता  कभी

कब प्रशस्त होगी हर नारी

August 25, 2022

“कब प्रशस्त होगी हर नारी” अब एक इन्कलाब नारियों की जिजीविषा के नाम भी हो, तो कुछ रुकी हुई ज़िंदगियाँ

वजह-बेवजह रूठना

August 25, 2022

वजह-बेवजह रूठना। वजह-बेवजह क्यों बार-बार रूठना,छोटी-छोटी बातों पर बंधनों का टूटना,क्यों ना जीवन में समझदारी दिखाएं,शिष्टाचार, प्रेम और स्वाभिमान के

कविता -शहर

August 22, 2022

शहर गांवों के सपने  संभाल लेता है शहर  हो जाओ दूर कितना भी पास बुला लेता है शहर । गांवों

PreviousNext

Leave a Comment