Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

निगाहें- R.S.meena indian

कविता – निगाहें इन निग़ाहों से मोहब्बत होती हैं । और इनसे क़त्ल भी होता है ।।किसी के दिल में …


कविता – निगाहें

निगाहें- R.S.meena indian
इन निग़ाहों से मोहब्बत होती हैं ।

और इनसे क़त्ल भी होता है ।।
किसी के दिल में जश्न होता है ।
किसी के दिल में मातम भी होता है ।।

लोग कहते हैं अपने दिन खराब है ।
मैं मोहब्बत में हारा हूँ ये ही जवाब है ।।
मुश्किलों से तो कर लेंगें सामना ।
हो जाये दीदार अपना ये ही ख्वाब है ।।

हम करते रहे दीदार जिसका ।
उसने गम का सिला दिया है ।।
क्या सुकून पायेगा दिल उसका ।
वफ़ा को ख़ाक में मिला दिया है ।।

चेहरा छुपाके तूफानों में क्या बैठे ।
जाहिलों ने परदा समझ लिया ।
“स्वरूप” खामोश क्या बैठा।
काहिलों ने मुर्दा समझ लिया ।।

R.S.meena indian


Related Posts

ए-जमीन-ए-वतन ,ए-ज़मीन-ए-वतन -मईनुदीन कोहरी”नाचीज़ बीकानेरी”

January 25, 2022

ए-जमीन-ए-वतन ,ए-ज़मीन-ए-वतन । ए-जमीन-ए-वतन ,ए-ज़मीन-ए-वतन ।तुझको मेरा नमन , तुझको मेरा नमन ।। आबरू तेरी जाने नां देंगें कभी ।

दे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार

January 24, 2022

भज़नदे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार दे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार बस इतनी

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में…

January 24, 2022

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में…. नन्हीं कड़ी में…. आज की बात जीना चाहता हूँ… (कविता…) मैं भी किसी के आँख का तारा

हिंदू राष्ट्र-दीप मदिरा

January 24, 2022

हिंदू राष्ट्र मैं हिंदू राष्ट्र का समर्थक हूं। अगर तुम देने को तैयार हो समानताकिसी को नहीं बता रहे हो

आगे बढ़ते हैं!-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 24, 2022

आगे बढ़ते हैं! वक्त बीत गया, समा बदल गया, चलो सब भूल कर आगे बढ़ते हैं,दिल में लाए दया,अब और

यही कुछ फर्क है!- डॉ. माध्वी बोरसे!

January 24, 2022

यही कुछ फर्क है! जब नहीं था हमारे पास अलार्म, स्वयं से याद रखते थे सारे काम,ना था मोबाइल फोन

Leave a Comment