Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

निगाहें- R.S.meena indian

कविता – निगाहें इन निग़ाहों से मोहब्बत होती हैं । और इनसे क़त्ल भी होता है ।।किसी के दिल में …


कविता – निगाहें

निगाहें- R.S.meena indian
इन निग़ाहों से मोहब्बत होती हैं ।

और इनसे क़त्ल भी होता है ।।
किसी के दिल में जश्न होता है ।
किसी के दिल में मातम भी होता है ।।

लोग कहते हैं अपने दिन खराब है ।
मैं मोहब्बत में हारा हूँ ये ही जवाब है ।।
मुश्किलों से तो कर लेंगें सामना ।
हो जाये दीदार अपना ये ही ख्वाब है ।।

हम करते रहे दीदार जिसका ।
उसने गम का सिला दिया है ।।
क्या सुकून पायेगा दिल उसका ।
वफ़ा को ख़ाक में मिला दिया है ।।

चेहरा छुपाके तूफानों में क्या बैठे ।
जाहिलों ने परदा समझ लिया ।
“स्वरूप” खामोश क्या बैठा।
काहिलों ने मुर्दा समझ लिया ।।

R.S.meena indian


Related Posts

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए-जितेन्द्र ‘कबीर’

February 14, 2022

छोड़ दिए गये हैं मर जाने के लिए बहुत वक्त और संसाधन लग जातेकिसी देश के…इस कोरोना नामक महामारी कोपूरी

तोड़ा क्यों जाए?- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

तोड़ा क्यों जाए? गुलाब!तुम सलामत रहनाअपनी पत्तियों, टहनियों, जड़ों,परिवेश और वजूद के साथ,तुम्हारी महक और खूबसूरतीका इस्तेमाल नहीं करना है

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता- जितेन्द्र ‘कबीर

February 14, 2022

विरोध के स्वप्न और इंसानी कायरता आज मेरे स्वप्न में..पेड़ों ने हड़ताल कीपरिंदों के आज़ादी सेआकाश में उड़ने परलगे प्रतिबंधों

मां शारदे वंदना- डॉ. इन्दु कुमारी

February 14, 2022

ओ शारदे मां ज्ञान ओ शारदे मां ज्ञान की गंगा बहा दे मांमैं हूं अज्ञानी नेह कीकृपा बरसाओ नातू ही

खुशियां दिखावे की- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

खुशियां दिखावे की ना तुम खुश हो ना हम खुश हैं यह खुशियां है दिखावे की यह जमाना है बड़े

बसंत की बहार- डॉ इंदु कुमारी

February 14, 2022

बसंत की बहार बसंत तेरे आगमन सेप्रकृति सजी दुल्हन सीनीलगगन नीलांबरजैसे श्याम वर्ण कान्हावस्त्र पहने हो पितांबरपीले रंगों में सरसों

Leave a Comment