Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

नारी शक्ति फॉर न्यू इंडिया

नारी शक्ति फॉर न्यू इंडिया भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र के अवरोधों को ध्वस्त कर नारी शक्ति का कर रही आगाज़ …


नारी शक्ति फॉर न्यू इंडिया

नारी शक्ति फॉर न्यू इंडिया

भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र के अवरोधों को ध्वस्त कर नारी शक्ति का कर रही आगाज़

भारत ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2023 जिससे भारतीय महिलाओं को मिली हौसलों की नई ऊंची उड़ान- महिला सशक्तिकरण गाथाओं का अंबार लगा – एडवोकेट किशन भावनानी

गोंदिया – वैश्विक स्तरपर महिलाओं के सम्मान की गाथा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2023 में गाई गई, जो प्रतिवर्ष मनाकर महिलाओं को सम्मानजनक स्थिति के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, परंतु 8 मार्च 2023 को भारत ने जिस तरह से होली के हुड़दंग माहौल जिसमें पूरे देश में 12 प्रकार से होली मनाने के उत्सव और शायद पहली बार 2 दिन 7 और 8 तक राज्यों में धूलिवंदन उत्सव की धूम के बावजूद अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जो 8 मार्च को मनाया गया जिसे अभूतपूर्व स्थान देकर बड़े महत्व से मनाया गया जिसका राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री अनेक मंत्रियों सहितसंवैधानिक पदों पर बैठे लोगों ने प्रमुखता से स्थान देकर मनाया और यह सिद्ध कर दिया कि वाकई महिलाओं का सम्मान भारत में पूरी दुनिया के सामने बहुत वज़नदार है। हालांकि आदि अनादि काल से भारत में हजारों वर्षों पूर्व से ही महिलाओं का विशेष सम्मान रहा है।क्योंकि हमारे देवी देवताओं में भी मां लक्ष्मी मां सरस्वती मां काली मां दुर्गा माता सीता सहित पौराणिक काल से ही महिलाओं को दैवीय स्वरूप हैं, इसलिए आधुनिक डिजिटल युग में तेजी से महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी सुनिश्चित करने, सार्थकता से आगे बढ़कर आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प में महिलाओं को अपेक्षाकृत अधिक साझेदार बनाने के लिए उनको प्राथमिकता देना सौभाग्य होगा, क्योंकि हम जानते हैं कि महिलाएं हर क्षेत्र के अवरोधों को ध्वस्त करने में अपेक्षाकृत अधिक सक्षम है, ऐसा आज हम महसूस करते हैं और आज जिस तरह राष्ट्रपति महोदय ने अपना आलेख जनता के समक्ष रखा, पीएम ने आलेख़ की तारीफ कर जनता को पढ़ने का सुझाव दिया है। पीएम सहित अनेक नेताओं ने नारी शक्ति का गुणगान इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2023 पर किया है। उसीसे हम कह सकते हैं कि नारी शक्ति फॉर न्यू इंडिया। चूंकि भारत ने इस अवसर पर महिलाओं के हौसले की एक नई उड़ान दी है, उनकी गाथाओं का अंबार लगा दिया है, इसलिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, नारी शक्ति फॉर न्यू इंडिया।
साथियों बात अगर हम भारत में मनाए गए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 के रिपोर्ट की करें तो, देश और दुनिया में आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इस दिन दुनिया के बहुत से देशों में महिला उपलब्धि को सराहा और कई तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर पीएम ने नारी शक्ति को नमन किया है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सम्मान और अवसरों पर विशेष जोर के साथ अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यमसे महिला सशक्तीकरण पर अपना ध्यान केंद्रित करती रहेगी।उन्होंने ट्वीट किया, भारत की विकास यात्रा में अपनी नारी शक्ति को आगे रखने के लिए वित्तीय समावेषण से लेकर सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल से लेकर आवास, शिक्षा से लेकर उद्यमिता जैसे कई प्रयास किए गए। आने वाले समय में ये प्रयास और जोश के साथ जारी रहेंगे।महिला दिवस पर मैं नारी शक्ति और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियों को नमन करता हूं। वहीं प्रमुख विपक्षी पार्टी के युवा नेता ने भी महिलाओं को बधाई दी।उन्होंने कहा, ‘महिलाएं अपने ज्ञान, समर्पण और ताकत से समाज को बदलने में सक्षम हैं। उन्हें उनका लंबे समय से लंबित बकाया मिलना चाहिए।सभी को महिला दिवस की बधाई।
साथियों बात अगर हम दिल्ली महिला आयोग द्वारा 106 वर्षीय महिला के सम्मान की करें तो, वो रामबाई के इसी जज्बे को सलाम करने जा रहा है। आयोग महिला दिवस पर आगामी 11 मार्च को उन्हें सम्मानित करने जा रहा है। जिस उम्र में बुजुर्गों को किसी सहारे की जरूरत होती है उस उम्र में रामबाई 100 मीटर तक दौड़ लगाकर सबको हैरान कर देती हैं। रामबाई की नातिन, बताती हैं कि नानी अगर बीमार होती हैं तो वह मैदान पर जाकर ठीक हो जाती हैं। हम सब हैरान है कि इतनी ऊर्जा वह कहां से लाती हैं। हमें लगता है कि खेतों में काम करना और वहां इतना चलना उनकी इस कामयाबी का राज है। वह सभी पीढि़यों के लिए खासकर महिलाओं के लिए एक मिसाल है कि कुछ करने की कोई उम्र नहीं होती। यह सोच होना जरूरी है कि महिलाएं कुछ भी कर सकती हैं।
साथियों बात अगर हम 8 से 30 मार्च 2023 तक 3 सप्ताह चलने वाले महिलाओं के स्वच्छोउत्सव अभियान की करें तो, महिलाएं बदलाव लाने में योगदान दे सकती हैं। वे न केवल अपने घरों में बल्कि पूरे समाज में अनादि काल से स्वच्छता की ध्वजवाहक रही हैं। 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं के नेतृत्व वाले तीन सप्ताह तक चलने वाले स्वच्छता अभियान ‘स्वच्छोत्सव’ का शुभारंभ किया। इस उत्सव में स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के तहत स्वच्छता में महिलाओं की भागीदारी से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व वाली स्वच्छता को पहचाना और मनाया जा रहा है। कचरा मुक्त शहरों (जीएफसी) के मिशन को सफल बनाने में अपना नेतृत्व प्रदान करने वाली सभी क्षेत्रों की महिलाओं को समर्पित इस उत्सव को मनाने के लिए शहरों में कार्यक्रमों और गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी। स्वच्छोत्सव के लॉन्च के दौरान ही विमन आइकॉन्स लीडिंग सैनिटेशन एंड वेस्ट मैनेजमेंट चैलेंज-2023 की घोषणा भी की गई। विनस चैलेंज-2023 शहरों में स्वच्छता हासिल करने की दिशा में काम करने वाली महिला उद्यमियों या महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को मान्यता देगा। विनस अवॉर्ड्स-2023 के लिए नामांकन 8 मार्च से शुरू होंगे।10 मार्च से स्वच्छता यात्रा की शुरुआत होगी, जो 30 मार्च को पूरी होगी, जिसे यूनाइटेड नेशन्स जनरल असेंबली द्वारा इंटरनैशनल डे ऑफ जीरो वेस्ट के रूप में घोषित किया गया है। 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि इस यात्रा के हिस्से के रूप में 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का भ्रमण करेंगे। यह एकजुट होकर सीखने की एक तरह की अंतर-राज्यीय पहल है, जो एरिया लेवल फेडरेशन या स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को चयनित शहरों की ‘स्वच्छता दूत’ के रूप में यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
साथियों बात अगर हम माननीय पीएम द्वारा स्वतंत्रता दिवस संबोधन 2022 में नारी शक्ति की बात की करें तो उन्होंने कहा था, मैं भारत की पिछले 75 वर्षों की यात्रा में योगदान की तुलना में आगामी 25 वर्षों में ‘नारी शक्ति’, मेरी माताओं, बहनों और बेटियों के कई गुना योगदान देख सकता हूं। जितना अधिक हम इस पहलू पर ध्यान देंगे, उतने ही अधिक अवसर और सुविधाएं हम अपनी बेटियों को दे सकते हैं, वे उससे कहीं ज्यादा हमें लौटाएंगी। वे देश को नई ऊंचाईयों पर ले जाएंगी।साथियों अवसर व प्रोत्‍साहन मिले तो महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं हैं। आज महिलाएं आत्‍मनिर्भरता की राह पर हैं। कइयों ने बाधाओं को चीरते हुए हौसले के बल पर अपना मुकाम बनाया है, उनके योगदान काे समाज ने भी सराहा है। हालांकि, यह भी बड़ा तथ्‍य है कि आज भी महज दो-तीन फीसद महिलाएं हीं सही मायने में आत्‍मनिर्भर हैं। महिलाओं की उपलब्धियों व उनके संघर्षों पर नजर डालें हैं, जो दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
अतः अगर हम उपयोग पर्यावरण का अध्ययन कर उसकाविश्लेषण करें तो हम पाएंगे किनारी शक्ति फॉर न्यू इंडिया भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र के अवरोधों को ध्वस्त कर नारी शक्ति का कर रही आगाज़। भारत ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2023 जिससे भारतीय महिलाओं को मिली हौसलों की नई ऊंची उड़ान, महिला सशक्तिकरण गाथाओं का अंबार लगा।

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

बहू को बेटी सा प्यार देकर बुढ़ापा सुरक्षित कर लीजिए

October 19, 2022

 बूढ़े माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा बेटा नहीं…. एक अच्छी संस्कारी बहु होती है। हर माँ-बाप को बेटे की शादी

शमशान – शवदाह संस्कार /shamshan-shavdah sanskar

October 19, 2022

शमशान तेरा हिसाब बड़ा ही नेक है – तेरे यहां अमीर हो या गरीब सबका बिस्तर एक है  सामाजिक ढांचे

भ्रष्टाचार, रिटायरमेंट बाद जिंदगी लाचार

October 19, 2022

 भ्रष्टाचार, रिटायरमेंट बाद जिंदगी लाचार भ्रष्टाचारी लाख करे चतुराई, कर्म का लेख मिटे ना रे भाई  भ्रष्टाचारी कमाई का बीज़

धनतेरस के दिन मैंने अपनी मां को खोया

October 19, 2022

धनतेरस 2020 के दिन मैं अपनी मां के साथ बैठा था अचानक उसे साइलेंट अटैक आया और मेरी नजरों के

इंटरपोल सम्मेलन 18 से 21 अक्टूबर 2022 पर विशेष

October 19, 2022

 इंटरपोल सम्मेलन 18 से 21 अक्टूबर 2022 पर विशेष आनो भद्रा क्रतवो यन्तु विश्वतः दुनियां को वैश्विक खतरों आतंकवाद, भ्रष्टाचार

एपीजे अब्दुल कलाम: नए भारत के युवाओं के लिए एक प्रेरणा

October 17, 2022

 एपीजे अब्दुल कलाम: नए भारत के युवाओं के लिए एक प्रेरणा कलाम ने हमेशा अपने दमदार भाषणों के माध्यम से

Leave a Comment