Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel
नाभि बताती है वृत्ति, प्रकृति और व्यक्तित्व

lekh, Virendra bahadur

नाभि बताती है वृत्ति, प्रकृति और व्यक्तित्व

नाभि बताती है वृत्ति, प्रकृति और व्यक्तित्व सामुद्रिकशास्त्र में शरीर के विभिन्न अंगों के बारे में वर्णन किया गया है। …


नाभि बताती है वृत्ति, प्रकृति और व्यक्तित्व

सामुद्रिकशास्त्र में शरीर के विभिन्न अंगों के बारे में वर्णन किया गया है। इनमें एक है नाभि, जो पेट के ऊपर स्थित हमारे शरीर का बहुत सुंदर हिस्सा है। यह नाभि आप की वास्तविक स्थिति से जुड़ी तमाम बातें बताती है। नाभि द्वारा व्यक्तित्व, स्वभाव और भाग्य के बारे में भी जाना जा सकता है।

1 गोल नाभि

बहुतेरी स्त्रियों की नाभि का आकार गोल होता है। ऐसी स्त्रियों के बारे में माना जाता है कि इनका स्वभाव सौम्य और सरल होता है। तन से स्वस्थ और सोच-विचार कर ही हमेशा कदम आगे रखती हैं। ये बहुत दयालु और ईमानदार होती हैं। बहुत जल्दी सोच कर निर्णय लेती हैं।

2 लंबी तथा वक्र नाभि

लंबी नाभि वाली स्त्रियां बहुत ही बोल्ड और सेक्सी होती हैं। इन्हें अपने काम में अधिक रुचि होती है और ये अपना जीवन परफेक्शन में जीना पसंद करती हैं। ये स्वच्छता पसंद होती हैं। ऐसी स्त्रियां बहुत हिम्मत वाली और स्वभाव से निडर होती हैं। जब तक इन्हें काम करने के बाद अच्छा अनुभव नहीं होता, तब तक इन्हें चैन नहीं मिलता।

3 केंद्र से दूर हो ऐसी नाभि

अगर किसी स्त्री की नाभि पेट के केंद्र में न हो कर थोड़ा दूर हो तो वह बहुत बातूनी होती है। वह मूडी होती है और खेलकूद का क्षेत्र उसे अच्छा लगता है। ये सभी से अलग होती हैं।

4 संवेदनशील नाभि

नाभि को स्पर्श करने के साथ ही शरीर में मानो करंट दौड़ गया हो ऐसा लगने वाली नाभि को संवेदनशील नाभि कहते हैं। ऐसी स्त्रियों को हंसना-हंसाना अधिक पसंद होता है। ऐसी महिलाओं से मिलने के बाद कोई दुखी नहीं रहता।

5 ऐसी नाभि जो संवेदनशील न हो,

नाभि को स्पर्श करने के बाद भी कोई असर न हो ऐसी नाभि वाली स्त्रियां स्वभाव से सख्त होती हैं। इन्हें प्यार करना अच्छे से आता है। एक बात जान लीजिए कि अगर ऐसी स्त्रियां नाराज हो जाएं तो इन्हें मनाना आसान नहीं है।

6 नाभि के बीच वाला भाग अधिक बाहर निकला हो

तो ऐसी स्त्रियों को गर्भधारण करने में मुश्किल आती है। यह जैसा संतान सुख चाहती हैं, वैसा नहीं मिलता।

7 उठी हुई नाभि

गहरी न हो और बाहर की ओर सपाट तक आती हो तो इसे उठी हुई नाभि कहा जाता है। इस तरह की नाभि वाली स्त्रियां धनवान और भाग्यशाली होती हैं। ये हमेशा सकारात्मक विचार रखती हैं और हर मामले को ले कर उत्साहित रहती हैं।

8 तिरछी नाभि

जिनकी नाभि का आकार तिरछा होता है, ऐसी स्त्रियों को समझना बहुत मुश्किल होता है। इसलिए ऐसी स्त्रियों से हमेशा बच कर रहना चाहिए। वे आप की अच्छी बातों में गलत प्वाइंट निकालेंगी। ये हमेशा दूसरों की कमियां ढूंढ़ती रहती हैं।

9 पुरुषों की नाभि

स्त्रियों की तरह पुरुषों के बारे में भी उनकी नाभि से जानकारी मिलती है। जिसकी नाभि ऊपर की ओर उठी हो, उस आदमी को जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है। पर उनकी संतानें होशियार होती हैं। उन्हें जीवन में धन कमाने का बहुत मौका मिलता है। पर उनकी आत्मा उन्हें अनुमति नहीं देती। विश्वसनीयता का नैतिक गुण हमेशा उनमें विद्यमान रहता है। जिसके कारण लोग उनका मान-सम्मान करते हैं।
@ दक्षिणावर्त, दाहिनी नाभि को शुभ माना जाता है और वामावर्त नाभि को अशुभ माना जाता है।
@ गहरी नाभि सुख और भोग प्रदान करती है। जबकि उठी हुई नाभि दुख देती है।
@ जिसकी नाभि ऊंचीऔर गहरी होती है, उसका विवाह किसी धनाढ्य स्त्री के साथ होता है। ऐसे पुरुषों को सौंदर्य का पुजारी माना जाता है और इन्हें आकस्मिक धन लाभ होता है। ये मिलनसार स्वभाव के मददगार भी होते हैं।
@ नाभि बाहर की ओर उठी हो तो ऐसे लोग दांपत्यजीवन से ऊबते हैं, जिससे तलाक की स्थिति भी आ सकती है।

About author

वीरेन्द्र बहादुर सिंह जेड-436ए सेक्टर-12, नोएडा-201301 (उ0प्र0) मो-8368681336

वीरेन्द्र बहादुर सिंह
जेड-436ए सेक्टर-12,
नोएडा-201301 (उ0प्र0)


Related Posts

हिन्दी हमारी कितनी? | Hindi hamari kitni?

January 13, 2023

हिन्दी हमारी कितनी? हिंदी दिवस की शुभकामनाएं के अनगिनत msg पाएं किंतु कैसे छुड़वा पाएंगे अंग्रजी के पाश से? Msg

लघुकथा-जीवंत गजल | jeevant gazal

January 13, 2023

लघुकथा-जीवंत गजल हाथ में लिए गजल संध्या का आमंत्रण कार्ड पढ़ कर बगल में रखते हुए अनुज ने पत्नी से

बने विजेता वो सदा, ऐसा मुझे यकीन। आँखों में आकाश हो, पांवों तले जमीन

January 13, 2023

 बने विजेता वो सदा, ऐसा मुझे यकीन। आँखों में आकाश हो, पांवों तले जमीन।।     जीवन में सफल होने के

शिक्षा मानव बौद्धिक क्षमता का विकास करने की प्राथमिक सीढ़ी का प्रथम पहिया है

January 13, 2023

शिक्षा मानव बौद्धिक क्षमता का विकास करने की प्राथमिक सीढ़ी का प्रथम पहिया है शिक्षा और ज्ञान न्यायपूर्ण और प्रगतिशील

कुदरत की पीर, जोशीमठ की तस्वीर

January 12, 2023

कुदरत की पीर, जोशीमठ की तस्वीर जोशीमठ की स्थिति यह एक बहुत ही गंभीर चेतावनी है कि लोग पर्यावरण के

बस तुम हो, इससे विशेष जीवन में और क्या हो सकता है

January 11, 2023

बस तुम हो, इससे विशेष जीवन में और क्या हो सकता है कहते हैं कि मीठा झगड़ा तो हर कपल

PreviousNext

Leave a Comment