Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, kishan bhavnani, lekh

नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय दिवस 26 जून 2022 पर विशेष

 नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय दिवस 26 जून 2022 पर विशेष  नशीली दवाओं के दुरुपयोग …


 नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ़ अंतर्राष्ट्रीय दिवस 26 जून 2022 पर विशेष 

Kishan Bhavnani

नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने सामुदायिक सहायता की ज़रूरत हैं

मादक पदार्थों के प्रयोग से दुष्प्रभाव- परिवार से विच्छेदन, अपराध प्रवृति में वृद्धि, शारीरिक व मानसिक कमजोरी के रूप में सामने आती है – एड किशन भावनानी

गोंदिया – अंतरराष्ट्रीय स्तरपर मादक पदार्थों के सेवन और नशीली दवाओं के दुरुपयोग तथा उसकी अवैध तस्करी के मामलों से करीब-करीब हर देश पीड़ित है और यह समस्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। खासकर मानवीय युवा पीढ़ी जिन्हें भविष्य की बागडोर संभालनीं है, यानें हमारी अगली पीढ़ी बनने वाले युवा और बच्चों की रुचि मादक पदार्थों में बढ़ती ही जा रही है हम अपने आसपास भी देखते होंगे कि बच्चे भी सिगरेट, बीड़ी, बीयर पीने की ओर आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं जो वैश्विक समस्या बनती जा रही है इसीलिए ही नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस 26 जून के उपलक्ष में हम इस आर्टिकल के माध्यम से, आओ नशीली दवाओं के दुरुपयोग, अवैध तस्करी को रोकने सक्रिय भूमिका बढ़ाएं पर परिचर्चा करें।

साथियों बात अगर हम नशीली दवाओं के दुरुपयोग की करें तो, ड्रग्स एंड क्राइम पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओडीसी) ने उल्लेख किया है, एक साथ, हम विश्व नशीली दवाओं की समस्या से निपट सकते हैं। मजबूत दृढ़ संकल्प और नशीली दवाओं से संबंधित ज्ञान साझा करके, हम सभी नशीली दवाओं के दुरुपयोग से मुक्त एक अंतरराष्ट्रीय समाज के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।जब ड्रग्स का दुरुपयोग व्यापक रूप से समाज के अमीर और गरीब वर्ग के बीच फैल जाता है तो उस समय सबसे अधिक अनिवार्य है नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सामुदायिक सहायता की ज़रूरत की। नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ़ युद्ध में प्रसिद्ध कहावत रोकथाम इलाज से बेहतर है काफी प्रासंगिक है। ड्रग्स के दुरुपयोग और इससे जुड़ी अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के दिन जनजागृति बढ़ाना जरूरी है।साथियों बात अगर हम मादक पदार्थों की करेंतो गुटखा तंबाकू तंबाकू के उपयोग से होने वाली हानियां, मदिरा अफीम, कोकीन, भांग, चरस, गांजा ,हशीश, एलएसडी आदि अन्य पदार्थ भी मादक पदार्थों के रूप में प्रचलन में है। युवा इनको प्रयोग विभिन्न कारण से कर बैठते हैं और चंगुल में फंस जाते हैं। इनके प्रयोग से दुष्प्रभाव परिवार से विच्छेदन, अपराध प्रवृति की वृद्धि शारीरिक एवं मानसिक कमजोरी के रूप में सामने आते हैं। कुछ समय के लिए मस्ती देनेवाले नशीले द्रव्यों के निरंतर सेवन से मनुष्य के तन-मन निष्क्रिय और शिथिल हो जाते हैं, दृष्टि कमजोर हो जाती है, पाचनशक्ति मंद पड़ जाती है तथा हृदय और फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है। इससे स्वास्थ्य चौपट हो जाता है और मनुष्य असमय ही मृत्यु का द्वार खटखटाने लगता है। नशीली दवाओं की लत एक कट्टर दानव है जो हमारे समाज के विकास पर रोक लगा सकती है। 

साथियों बात अगर हम 26 जून दिवस को भारत में मनाने की करें तो पीआईबी के अनुसार, सामाजिक न्याय औरअधिकारिता मंत्रालय हर वर्ष 26 जून को मादक पदार्थ और उनकी अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाता है। मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने के लिए यह प्रमुख मंत्रालय है। यह मादक पदार्थों के इस्तेमाल की रोकथाम के सभी पहलुओं की निगरानी करता है, जिसमें समस्या की सीमा का आकलन, उसके रोकथाम का कार्य, इलाज और व्यसन करने वालों के पुनर्वास, सूचना का प्रसार और लोगों में जागरूकता पैदा करना शामिल है। मंत्रालय स्वयंसेवी संगठनों के जरिए व्यसन करने वालों की पहचान, उनका इलाज और उनके पुनर्वास के लिए समुदाय आधारित सेवाएं प्रदान करता है। मंत्रालय नशे की लत छुड़ाने वाले केन्द्रों को चलाने के लिए देशभर के एनजीओ को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। मंत्रालय ने नशे की लत छुड़ाने के लिए 24 घंटे का एक राष्ट्रीय टोल फ्री हेल्पलाईन नंबर स्थापित किया है, जो नशा करने वालों, उनके परिवार और समाज की मदद करता है। 

साथियों बात अगर हम माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा एक कार्यक्रम में संबोधन की करें तो पीआईबी के अनुसार अपने संबोधन में उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन एक वैश्विक चुनौती है। यहां तक कि विकसित देश भी इसके खिलाफ लड़ाई में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। मादक पदार्थ किसी भी आयु वर्ग के व्‍यक्ति को अपनी गिरफ्त में ले सकता है। विशेषकर युवा, किशोर और कम उम्र के युवाओं में मादक पदार्थ तस्‍करों के गिरफ्त में आने की संभावना अधिक रहती है। संभावित पीड़ितों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली बर्बादी के बारे में सचेत किया जाना चाहिए, ताकि वे अपने को इस जाल से सुरक्षित रख सकें। यह चुनौती इतनी बड़ी है कि सरकारी एजेंसियों द्वारा किये जाने वाले प्रयास इस खतरे को समाप्‍त करने के लिए पर्याप्‍त नहीं है।राज्‍य सरकार,गैर सरकारी संगठन और समर्पित व्‍यक्तियों पर इस खतरे को समाप्‍त करने की बड़ी जिम्‍मेदारी है। 

साथियों बात अगर हम इस दिवस के इतिहास की करें तो, 7 दिसंबर 1987 को संयुक्त राष्ट्र की 93वीं पूर्ण बैठक के बाद , 13 दिसंबर 1985 के संकल्प 40/122 को याद करते हुए हर साल 26 जून को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस ​​के रूप में मनाया जाता है । यूएनओडीसी के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 200 मिलियन लोग कोकीन, भांग, मतिभ्रम, अफीम और शामक सम्मोहन जैसी अवैध दवाओं का उपयोग कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र नशीली दवाओं के दुरुपयोग से मुक्त एक अंतरराष्ट्रीय समाज बनाने में मदद करने के लिए दृढ़ संकल्पित था। इस संकल्प ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी पर 1987 के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की रिपोर्ट और निष्कर्षों के संबंध में आगे की कार्रवाई की सिफारिश की। संकल्प के बाद, 1991 से 2000 के वर्षों को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र दशक के रूप में घोषित किया गया था। 1998 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वैश्विक नशीली दवाओं की समस्या के समाधान के लिए एक राजनीतिक घोषणा को अपनाया। घोषणा समस्या से लड़ने के लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों की प्रतिबद्धता को व्यक्त करती है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि, आओ नशीली दवाओं का दुरुपयोग अवैध तस्करी रोकने सक्रिय भूमिका बढ़ाएं। नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस 26 जून 2022 पर विशेष है। नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने समुदायिक सहायता की जरूरत है।मादक पदार्थों के प्रयोग से दुष्प्रभाव-परिवारों से विच्छेदन, आपराधिक प्रवृत्ति में वृद्धि, शारीरिक व मानसिक कमजोरी के रूप में सामने आती है।

संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महा


Related Posts

सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध सटीक वैचारिक क्रांति लाना होगा!!!

March 25, 2022

सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध सटीक वैचारिक क्रांति लाना होगा!!! युवाओं को हिंसा प्रवृत्ति,नशीले पदार्थों की लत जैसी विभिन्न सामाजिक बुराइयों

क्या मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप भी ?

March 25, 2022

क्या मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप भी ? पांच राज्यों के मंत्रिमंडल गठन में

लोकतांत्रिक दृष्टि से नेतृत्व का अर्थ

March 25, 2022

लोकतांत्रिक दृष्टि से नेतृत्व का अर्थ नेतृत्व का उद्देश्य लोगों को सही रास्ता बताना है हुकूमत करना नहीं वर्तमान परिपेक्ष

विश्व टीबी (क्षय रोग) दिवस 24 मार्च 2022 पर विशेष

March 25, 2022

विश्व टीबी (क्षय रोग) दिवस 24 मार्च 2022 पर विशेष विश्व नें जानलेवा बीमारी टीबी के पूर्ण उन्मूलन के लिए

ख़ुशी सफलता की चाबी है

March 25, 2022

ख़ुशी सफलता की चाबी है जीवन की छोटी-छोटी बातों में ख़ुशी ढूंढकर ख़ुशी का आनंद लेकर ख़ुश रहें विपरीत परिस्थितियों

संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य 2030

March 25, 2022

संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य 2030 दुनिया के सभी लोगों के लिए 2030 तक एक बेहतर और अधिक टिकाऊ भविष्य

Leave a Comment